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प्रतिबंध के बावजूद धड़ल्ले से चल रहे हैं निर्माण कार्य, तीन पर जुर्माना
Updated Thu, 16 Nov 2017 02:22 AM IST
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प्रतिबंध के बावजूद धड़ल्ले से चल रहे हैं निर्माण कार्य, तीन पर जुर्माना
भिवानी
बाहरी निर्माण कार्यों पर सरकार के प्रतिबंध के बावजूद खुद सरकार के प्रोजेक्ट पर निर्माण कार्य बंद नहीं हुए। चौधरी बंसीलाल यूनिवर्सिटी परिसर, बिजली बोर्ड क्वार्टर के अलावा कई प्राइवेट साइट पर काम चलाता मिला। राज्य प्रदूषण बोर्ड की टीम ने यूनिवर्सिटी की साइट का औचक निरीक्षण किया। टीम ने कंस्ट्रक्शन कंपनी पर 50 हजार रुपये का जुर्माना ठोका।
बढ़ते स्मॉग व धुंध को कम करने के लिए सरकार ने पिछले सप्ताह बाहरी निर्माण कार्य, निर्माण सामग्री लाने-ले जाने के अलावा हॉट मिक्स प्लांट, क्रशर प्लांट आदि के संचालक पर प्रतिबंध लगाने का निर्णय लिया था। लेकिन, प्रतिबंध का कोई ज्यादा असर दिखा नहीं।
सरकारी प्रोजेक्ट से लेकर प्राइवेट साइट पर धड़ल्ले से काम चल रहा है। बिजली बोर्ड कॉलोनी में जर्जर मकान गिराए जाने का काम दिनभर चलता रहा। ट्रैक्टर में मलबा डालकर ले जाने का काम बदस्तूर चलता रहा। इसके अलावा शहर में भी रेत से भरी ट्राली दौड़ती दिखी।
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राज्य प्रदूषण बोर्ड व नगर परिषद की टीम प्रतिबंध की हकीकत जानने निकली तो निर्माण कार्य चलता मिला। प्रेमनगर स्थित चौधरी बंसीलाल यूनिवर्सिटी परिसर मेें टीम को निर्माण कार्य चलता मिला। इस पर टीम ने कंस्ट्रक्शन कंपनी पर 50 हजार रुपये का जुर्माना किया। इसके बाद टीम को यूनिवर्सिटी परिसर के आसपास भी दो साइटों पर निर्माण कार्य चलता मिला। इन दोनों साइट पर भी टीम ने 20-20 हजार रुपये जुर्माना लगाया। टीम में प्रदूषण बोर्ड के एसडीओ विनय गिल के अलावा सीनियर साइंटिस्ट रवि भौंसले, फील्ड इंस्पेक्टर जगपाल सिंह के अलावा नगर परिषद स्टाफ भी मौजूद रहा। राज्य प्रदूषण बोर्ड के एसडीओ विनय गिल ने बताया कि यूनिवर्सिटी परिसर व आसपास दो साइटों पर निर्माण कार्य चलता मिला। इसलिए, यूनिवर्सिटी की कंस्ट्रक्शन कंपनी पर 50 हजार और दो अन्य पर 20-20 हजार रुपये जुर्माना लगाया है।
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टैंकरों से भी गिराया पानी, फॉगर मशीन चली
शहर के बाहर जाने वाले मार्गों पर बुधवार को टैंकरो की मदद से पानी का छिड़काव किया गया। इसके अलावा शहर की सड़कों पर फॉगर मशीन भी चली। फॉगर मशीन से पानी की फुहार फेंक कर हवा में मौजूद कणों को जमीन पर लाने की कोशिश की।
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भिवानी
बाहरी निर्माण कार्यों पर सरकार के प्रतिबंध के बावजूद खुद सरकार के प्रोजेक्ट पर निर्माण कार्य बंद नहीं हुए। चौधरी बंसीलाल यूनिवर्सिटी परिसर, बिजली बोर्ड क्वार्टर के अलावा कई प्राइवेट साइट पर काम चलाता मिला। राज्य प्रदूषण बोर्ड की टीम ने यूनिवर्सिटी की साइट का औचक निरीक्षण किया। टीम ने कंस्ट्रक्शन कंपनी पर 50 हजार रुपये का जुर्माना ठोका।
बढ़ते स्मॉग व धुंध को कम करने के लिए सरकार ने पिछले सप्ताह बाहरी निर्माण कार्य, निर्माण सामग्री लाने-ले जाने के अलावा हॉट मिक्स प्लांट, क्रशर प्लांट आदि के संचालक पर प्रतिबंध लगाने का निर्णय लिया था। लेकिन, प्रतिबंध का कोई ज्यादा असर दिखा नहीं।
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सरकारी प्रोजेक्ट से लेकर प्राइवेट साइट पर धड़ल्ले से काम चल रहा है। बिजली बोर्ड कॉलोनी में जर्जर मकान गिराए जाने का काम दिनभर चलता रहा। ट्रैक्टर में मलबा डालकर ले जाने का काम बदस्तूर चलता रहा। इसके अलावा शहर में भी रेत से भरी ट्राली दौड़ती दिखी।
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राज्य प्रदूषण बोर्ड व नगर परिषद की टीम प्रतिबंध की हकीकत जानने निकली तो निर्माण कार्य चलता मिला। प्रेमनगर स्थित चौधरी बंसीलाल यूनिवर्सिटी परिसर मेें टीम को निर्माण कार्य चलता मिला। इस पर टीम ने कंस्ट्रक्शन कंपनी पर 50 हजार रुपये का जुर्माना किया। इसके बाद टीम को यूनिवर्सिटी परिसर के आसपास भी दो साइटों पर निर्माण कार्य चलता मिला। इन दोनों साइट पर भी टीम ने 20-20 हजार रुपये जुर्माना लगाया। टीम में प्रदूषण बोर्ड के एसडीओ विनय गिल के अलावा सीनियर साइंटिस्ट रवि भौंसले, फील्ड इंस्पेक्टर जगपाल सिंह के अलावा नगर परिषद स्टाफ भी मौजूद रहा। राज्य प्रदूषण बोर्ड के एसडीओ विनय गिल ने बताया कि यूनिवर्सिटी परिसर व आसपास दो साइटों पर निर्माण कार्य चलता मिला। इसलिए, यूनिवर्सिटी की कंस्ट्रक्शन कंपनी पर 50 हजार और दो अन्य पर 20-20 हजार रुपये जुर्माना लगाया है।
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टैंकरों से भी गिराया पानी, फॉगर मशीन चली
शहर के बाहर जाने वाले मार्गों पर बुधवार को टैंकरो की मदद से पानी का छिड़काव किया गया। इसके अलावा शहर की सड़कों पर फॉगर मशीन भी चली। फॉगर मशीन से पानी की फुहार फेंक कर हवा में मौजूद कणों को जमीन पर लाने की कोशिश की।