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मिलावटखोरी रोकने को बाजार में उतरी सीएम फ्लाइंग
Updated Mon, 16 Oct 2017 12:46 AM IST
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सीएम फ्लाइंग ने मारा छापा तो बाजार में मचा हड़कंप
भिवानी। दीपावली त्योहार पर मिलावटखोरी की शिकायतों की हकीकत जानने के लिए सीएम फ्लाइंग टीम ने बाजारों में डेरा डाला तो हड़कंप मच गया। स्वास्थ्य विभाग की टीम को साथ लेकर सीएम फ्लाइंग ने लगभग तीन घंटे छापेमारी की और मिठाइयों की चार दुकानों से सैंपल भरे। इस टीम ने चरखी दादरी में भी चार दुकानों के सैंपल लिये।
रविवार दोपहर बाद चार बजे सीएम फ्लाइंग की चार सदस्यीय टीम व डिप्टी सीएमओ समेत स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों की टीम ने महम चौक और जू मोड़ चौक के बीच मिठाई की दुकान का औचक निरीक्षण किया। टीम ने पड़ताल के बाद दूध और खोये से बनी मिठाइयों के सैंपल भरे। इसके बाद टीम ने महम चौक स्थित मिष्ठान भंडार के अलावा सब्जी मंडी के पास दो मिठाइयों की दुकानों से े बर्फी व रसगुल्लों के सैंपल लिये।
डिप्टी सीएमओ डा. कृष्ण कुमार ने बताया कि सीएम फ्लाइंग का यह प्रदेश व्यापी गुप्त अभियान था। इसी के तहत शहर में मिठाई की चार दुकानों से सैंपल लिये। सैंपल की रिपोर्ट एक से लेकर दो सप्ताह में आएगी। इसके बाद ही पता लग पाएगा कि इन दुकानों की मिठाइयां गुणवत्ता की कसौटी पर कितना खरा उतरी। इसके बाद ही एक्शन होगा। सीएम फ्लाइंग टीम में सब इंस्पेक्टर राजेंद्र सिंह, एएसआई देवेंद्र सिंह के अलावा स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी मौजूद रहे।
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सस्ती मिठाइयों की आखिर राज क्या?
शहर के कई हिस्सों में बेहद सस्ती मिठाइयां खुलेआम बिक रही हैं। शहर की ज्यादातर दुकानों पर 300 से लेकर 400 रुपये किलोग्राम बिकने वाली बर्फी स्टालों पर 150 से 200 रुपये किलो बिक रही है। रसगुल्ले के दामों में भारी अंतर है। इस तरह की स्टालनुमा दुकानें शहर में कई जगह लगी हैं। कसबाई इलाकों में तो इनकी संख्या कहीं ज्यादा है।
सवाल यह उठता है कि रेट में इतना अंतर है तो क्वालिटी कैसी होगी। लेकिन, स्वास्थ्य विभाग का इस ओर ध्यान नहीं है। यह भी जानकारी मिली है कि त्योहारी सीजन को देखते हुए लोगों ने बाहर के जिलों से रेडीमेड रसगुल्ले लाकर बेच रहे हैं। आमतौर ऐसे लोग नियमित दुकानदार/हलवाई नहीं होते, बल्कि त्योहारी सीजन में कमाने के लिए स्टाल लगाते हैं।
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भिवानी। दीपावली त्योहार पर मिलावटखोरी की शिकायतों की हकीकत जानने के लिए सीएम फ्लाइंग टीम ने बाजारों में डेरा डाला तो हड़कंप मच गया। स्वास्थ्य विभाग की टीम को साथ लेकर सीएम फ्लाइंग ने लगभग तीन घंटे छापेमारी की और मिठाइयों की चार दुकानों से सैंपल भरे। इस टीम ने चरखी दादरी में भी चार दुकानों के सैंपल लिये।
रविवार दोपहर बाद चार बजे सीएम फ्लाइंग की चार सदस्यीय टीम व डिप्टी सीएमओ समेत स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों की टीम ने महम चौक और जू मोड़ चौक के बीच मिठाई की दुकान का औचक निरीक्षण किया। टीम ने पड़ताल के बाद दूध और खोये से बनी मिठाइयों के सैंपल भरे। इसके बाद टीम ने महम चौक स्थित मिष्ठान भंडार के अलावा सब्जी मंडी के पास दो मिठाइयों की दुकानों से े बर्फी व रसगुल्लों के सैंपल लिये।
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डिप्टी सीएमओ डा. कृष्ण कुमार ने बताया कि सीएम फ्लाइंग का यह प्रदेश व्यापी गुप्त अभियान था। इसी के तहत शहर में मिठाई की चार दुकानों से सैंपल लिये। सैंपल की रिपोर्ट एक से लेकर दो सप्ताह में आएगी। इसके बाद ही पता लग पाएगा कि इन दुकानों की मिठाइयां गुणवत्ता की कसौटी पर कितना खरा उतरी। इसके बाद ही एक्शन होगा। सीएम फ्लाइंग टीम में सब इंस्पेक्टर राजेंद्र सिंह, एएसआई देवेंद्र सिंह के अलावा स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी मौजूद रहे।
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सस्ती मिठाइयों की आखिर राज क्या?
शहर के कई हिस्सों में बेहद सस्ती मिठाइयां खुलेआम बिक रही हैं। शहर की ज्यादातर दुकानों पर 300 से लेकर 400 रुपये किलोग्राम बिकने वाली बर्फी स्टालों पर 150 से 200 रुपये किलो बिक रही है। रसगुल्ले के दामों में भारी अंतर है। इस तरह की स्टालनुमा दुकानें शहर में कई जगह लगी हैं। कसबाई इलाकों में तो इनकी संख्या कहीं ज्यादा है।
सवाल यह उठता है कि रेट में इतना अंतर है तो क्वालिटी कैसी होगी। लेकिन, स्वास्थ्य विभाग का इस ओर ध्यान नहीं है। यह भी जानकारी मिली है कि त्योहारी सीजन को देखते हुए लोगों ने बाहर के जिलों से रेडीमेड रसगुल्ले लाकर बेच रहे हैं। आमतौर ऐसे लोग नियमित दुकानदार/हलवाई नहीं होते, बल्कि त्योहारी सीजन में कमाने के लिए स्टाल लगाते हैं।
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