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किसानों का समर्थन देने पहुंची सीएलपी लीडर किरण चौधरी
Updated Mon, 26 Mar 2018 12:19 AM IST
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किसानों का समर्थन देने पहुंचीं सीएलपी लीडर किरण चौधरी
अमर उजाला ब्यूरो
तोशाम।
अनाज मंडी में धरने पर बैठे किसानों को समर्थन देने के लिए सीएलपी लीडर किरण चौधरी रविवार को तोशाम पहुंची। उन्होंने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि कि बडली कुर्सी इबैक थ्यारी समझो, थाम चिंता ना करो, मेरे हाथ मै कलम होए पाछै थामैन बेरा सै मै किस्तरां काम करू सूं।
रविवार को मंडी में धरने पर बैठे किसानों का समर्थन देते हुए किरण चौधरी ने सरसों की खरीद शुरू करवाने व शर्तें हटाने की मांग की। उन्होंने कहा कि किसान दो फसलें उगाता है और उन्हें बेचने के लिए धरना देना पड़ता है, यह कितनी दुर्भाग्य की बात है। सीएलपी लीडर ने कहा कि मैंने इस बात को विधानसभा में भी उठाया था। सरकार एक तरफ तो दाना-दाना खरीदने की बात करती है, वहीं जब किसान फसल बेचने के लिए आते हैं तो उनके सामने शर्त लगा दी जाती हैं। ऐसे में किसान बेहद परेशान हैं। सरकार किसानों की रीढ़ की हड्डी तोड़ने में लगी हुई है। इस मौके पर एडवोकेट हरिसिंह सांगवान, जिला पार्षद भूपेंद्र भोलू, सज्जन संड़वा, महेंद्र नंबरदार, प्रताप हसानियां, उमेश बागवनवाला, वजीर डाडम, जेपी सांगवान पटौदी, संदीप सरल, अनील पिलानियां थिलोड़, सुनील भारीवास, प्रवेश आदि मौजूद थे।
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अमर उजाला ब्यूरो
तोशाम।
अनाज मंडी में धरने पर बैठे किसानों को समर्थन देने के लिए सीएलपी लीडर किरण चौधरी रविवार को तोशाम पहुंची। उन्होंने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि कि बडली कुर्सी इबैक थ्यारी समझो, थाम चिंता ना करो, मेरे हाथ मै कलम होए पाछै थामैन बेरा सै मै किस्तरां काम करू सूं।
रविवार को मंडी में धरने पर बैठे किसानों का समर्थन देते हुए किरण चौधरी ने सरसों की खरीद शुरू करवाने व शर्तें हटाने की मांग की। उन्होंने कहा कि किसान दो फसलें उगाता है और उन्हें बेचने के लिए धरना देना पड़ता है, यह कितनी दुर्भाग्य की बात है। सीएलपी लीडर ने कहा कि मैंने इस बात को विधानसभा में भी उठाया था। सरकार एक तरफ तो दाना-दाना खरीदने की बात करती है, वहीं जब किसान फसल बेचने के लिए आते हैं तो उनके सामने शर्त लगा दी जाती हैं। ऐसे में किसान बेहद परेशान हैं। सरकार किसानों की रीढ़ की हड्डी तोड़ने में लगी हुई है। इस मौके पर एडवोकेट हरिसिंह सांगवान, जिला पार्षद भूपेंद्र भोलू, सज्जन संड़वा, महेंद्र नंबरदार, प्रताप हसानियां, उमेश बागवनवाला, वजीर डाडम, जेपी सांगवान पटौदी, संदीप सरल, अनील पिलानियां थिलोड़, सुनील भारीवास, प्रवेश आदि मौजूद थे।
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