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मनुष्य का निर्माण उसके संस्कारों से होता है : आर्यवेश
Updated Sun, 16 Jul 2017 12:36 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
लोहारू। अखिल भारतीय आर्य प्रतिनिधि सभा के प्रधान स्वामी आर्यवेश ने कहा है कि मनुष्य का निर्माण उसके संस्कारों से होता है। मनुष्य के बच्चे को अन्य प्राणियों की भांति परमात्मा से स्वाभाविक ज्ञान नहीं मिलता। उसे सीखना और सिखाना पड़ता है।
स्वामी आर्यवेश शनिवार को स्थानीय राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में आयोजित ‘संस्कार संकल्प समारोह’ को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता खंड शिक्षा अधिकारी शक्तिपाल आर्य ने की। प्राचार्य पृथ्वी सिंह श्योराण ने अतिथियों का स्वागत किया। इस अवसर पर उन्होंने विभिन्न स्कूलों से आए विद्यार्थियों, अध्यापकों आदि का आह्वान किया कि वे सच्चाई, ईमानदारी, देशभक्ति, गुरु भक्ति, नैतिकता, समाजसेवा और माता-पिता की भक्ति जैसे संस्कारों को अपने जीवन में ढालें। उन्होंने विद्यार्थियों को अच्छे संस्कार अपनाने का संकल्प दिलाया और मेधावी छात्र-छात्राओं को समानित किया।
समारोह में बोलते हुए अखिल भारतीय आर्य प्रतिनिधि सभा के प्रधान स्वामी आर्यवेश ने बताया कि बच्चों को ठीक समय पर उन संस्कारों से परिचित करवाना जरूरी है। इससे उनके जीवन का निर्माण होगा। उन्हें नैतिकता, ईमानदारी, देश भक्ति, गुरू व देश भक्ति, माता-पिता की भक्ति करने आदि संस्कारों का पाठ छात्र जीवन में ही पढ़ा दिया जाए तो वे बड़े होकर जिस क्षेत्र में भी जाएंगे, देश और समाज के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं।
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खंड शिक्षा अधिकारी शक्तिपाल आर्य ने कहा कि आज जरूरत है कि स्कूल-कॉलेज में विद्यार्थियों को संस्कारित किया जाए। कहा कि सत्य, अहिंसा, ब्रह्मचर्य आदि पांच यम नियम ऐसे हैं, जिनका हर धर्म के व्यक्ति को पालन किया जाना चाहिए। इस मौके पर स्वामी आर्यवेश, बीईओ शक्तिपाल आर्य ने त्रिवेणी लगाई और 100 पौधे वितरित किए। प्रवक्ता जयवीर मान, प्रवक्ता सजंय सैनी, डीपी रविंद्र सिंह, सुमन, प्रवक्ता सुनीता रानी, रेखा, एडवोकेट अशोक आर्य, धर्मबीर शास्त्री, रामअवतार आर्य, जयवीर मान, राजेश डांगी आदि मौजूद रहे।
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लोहारू। अखिल भारतीय आर्य प्रतिनिधि सभा के प्रधान स्वामी आर्यवेश ने कहा है कि मनुष्य का निर्माण उसके संस्कारों से होता है। मनुष्य के बच्चे को अन्य प्राणियों की भांति परमात्मा से स्वाभाविक ज्ञान नहीं मिलता। उसे सीखना और सिखाना पड़ता है।
स्वामी आर्यवेश शनिवार को स्थानीय राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में आयोजित ‘संस्कार संकल्प समारोह’ को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता खंड शिक्षा अधिकारी शक्तिपाल आर्य ने की। प्राचार्य पृथ्वी सिंह श्योराण ने अतिथियों का स्वागत किया। इस अवसर पर उन्होंने विभिन्न स्कूलों से आए विद्यार्थियों, अध्यापकों आदि का आह्वान किया कि वे सच्चाई, ईमानदारी, देशभक्ति, गुरु भक्ति, नैतिकता, समाजसेवा और माता-पिता की भक्ति जैसे संस्कारों को अपने जीवन में ढालें। उन्होंने विद्यार्थियों को अच्छे संस्कार अपनाने का संकल्प दिलाया और मेधावी छात्र-छात्राओं को समानित किया।
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समारोह में बोलते हुए अखिल भारतीय आर्य प्रतिनिधि सभा के प्रधान स्वामी आर्यवेश ने बताया कि बच्चों को ठीक समय पर उन संस्कारों से परिचित करवाना जरूरी है। इससे उनके जीवन का निर्माण होगा। उन्हें नैतिकता, ईमानदारी, देश भक्ति, गुरू व देश भक्ति, माता-पिता की भक्ति करने आदि संस्कारों का पाठ छात्र जीवन में ही पढ़ा दिया जाए तो वे बड़े होकर जिस क्षेत्र में भी जाएंगे, देश और समाज के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं।
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खंड शिक्षा अधिकारी शक्तिपाल आर्य ने कहा कि आज जरूरत है कि स्कूल-कॉलेज में विद्यार्थियों को संस्कारित किया जाए। कहा कि सत्य, अहिंसा, ब्रह्मचर्य आदि पांच यम नियम ऐसे हैं, जिनका हर धर्म के व्यक्ति को पालन किया जाना चाहिए। इस मौके पर स्वामी आर्यवेश, बीईओ शक्तिपाल आर्य ने त्रिवेणी लगाई और 100 पौधे वितरित किए। प्रवक्ता जयवीर मान, प्रवक्ता सजंय सैनी, डीपी रविंद्र सिंह, सुमन, प्रवक्ता सुनीता रानी, रेखा, एडवोकेट अशोक आर्य, धर्मबीर शास्त्री, रामअवतार आर्य, जयवीर मान, राजेश डांगी आदि मौजूद रहे।