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सफाई पर हर माह 17 लाख रुपये का खर्च, फिर भी आधे शहर में सफाई की व्यवस्था नहीं

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 21 May 2022 11:48 PM IST
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17 lakh rupees are spent every month on cleaning, yet half the city does not have sanitation facilities
नेहरू पार्क के पीछे लगा कूड़े का ढेर। - फोटो : Bhiwani
भिवानी। लाखों रुपये खर्च कर पूरे शहर में साफ सफाई के लिए 15 नए टीपर ऑटो खरीदे गए, मगर पिछले पांच माह से चालक नहीं हैं, जिस कारण खड़े-खड़े ही ये टीपर ऑटो अब कबाड़ हो रहे हैं। पूरा शहर में जगह-जगह कूड़े के ढेर लग रहे हैं। करीब ढाई लाख की आबादी वाले शहर में साफ सफाई के लिए सिर्फ 303 सफाई कर्मचारी हैं। ऐसे में म्हारा शहर कैसे स्वच्छ होगा।
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अमर उजाला की ग्राउंड रिपोर्ट में सफाई संसाधनों के साथ साथ प्रशासन की स्वच्छता की मुहिम की भी पोल खुल गई। नप सफाई पर हर माह करीब 17 लाख रुपये का बजट खर्च कर रहा हैं, मगर फिर भी आधे से अधिक शहर ऐसा है, जहां सफाई की कोई व्यवस्था तक नहीं है। सोमवार और मंगलवार को सफाई कर्मचारियों ने हड़ताल का अल्टीमेटम दिया है। अगर कर्मचारी हड़ताल पर गए तो लोगों की परेशानी बढ़ना लाजिमी है।
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भिवानी शहर की आबादी करीब ढाई लाख लोगों की है। हर रोज पूरे शहर से करीब सवा तीन टन सूखा और गीला कचरा निकल रहा है। जिसे शहर से बाहर दादरी रोड पर स्थित डंपिंग स्टेशन तक पहुंचाया जा रहा है। मगर इसके बावजूद शहर में करीब 25 से अधिक बिंदु ऐसे हैं, जहां कोई कूड़ा प्वाइंट नहीं हैं। जिस कारण लोग खुले में गंदगी डाल रहे हैं। जिनमें जीतुवाला दुर्गा कॉलोनी, दिनोद रोड, हुडा सिटी सेंटर के नजदीक रामबाग कॉलोनी, पटेल नगर रोड, ढाणा रोड मुख्य रूप से शामिल हैं। जहां से उठती बदबू यहां कूड़े के बड़े ढेर होने का अहसास करा रहे हैं। इधर जिला प्रशासन ने शहर को स्वच्छ और सुंदर बनाने के लिए सार्वजनिक दीवारें पेंटिंग से पुतवा डाली, ताकि लोग स्वच्छता के महत्व को समझ सकें। मगर अभी तक इसके सकारात्मक नतीजे नहीं मिले हैं। भिवानी नगर परिषद के पास 143 नियमित सफाई कर्मचारी हैं, जबकि 160 सफाई कर्मचारी ठेके पर लगे हैं। इसके अलावा शहर का कुछ हिस्सा ठेके पर सफाई के लिए दिया हुआ है। जिसमें रेलवे रोड से घंटाघर और सरकुलर रोड शामिल है। जबकि शहर के सरकुलर रोड के अंदर की सभी कॉलोनियां नप के सफाई कर्मचारियों के जिम्मे हैं। संवाद
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पुराने सार्वजनिक सुलभ शौचालय तोड़े, नए का इंतजार
शहर में कई दशक पहले बने सार्वजनिक सुलभ शौचालय तोड़कर उसकी जगह नए बनाए जा रहे हैं। मगर अभी तक ये बनकर तैयार नहीं हुए हैं। जिस वजह से शहर में सार्वजनिक सुलभ शौचालय की कमी भी खल रही है। शहर में 25 से अधिक सार्वजनिक सुलभ शौचालय बाजरों व सार्वजनिक स्थलों पर हैं। जिनकी सफाई पर नप का हर माह करीब सवा लाख रुपये खर्च हो रहा है। वहीं मोबाइल शौचालय भी खड़े खड़े ही कबाड़ हो चुके हैं।
15 टीपर ऑटो ही उठा रहे शहर से डोर टू डोर कचरा
नगर परिषद के पास शहर को गंदगी मुक्त करने के लिए 15 नए टीपर ऑटो की खरीद करीब पांच माह पहले की थी। मगर इन्हें चलाने वालों की अभी तक भर्ती नहीं हो पाई है। फिलहाल नप के पास 16 टीपर ऑटो ही शहर के कुछ वार्डों से सूखा और गीला कचरा घर-घर जाकर एकत्रित कर रहे हैं। शहर में 31 वार्ड हैं। वार्डों के हिसाब से नप के पास 31 टीपर ऑटो भी हैं। मगर चालकों के इंतजार में नए टीपर ऑटो दमकल विभाग कार्यालय में खड़े-खड़े ही कबाड़ बन रहे हैं।
कूड़ा प्वाइंट घटे, नहीं बदली गंदगी की सूरत
नगर परिषद ने शहर में कई जगहों पर कूड़ा प्वाइंट हटा दिए हैं, मगर गंदगी की वजह से शहर की सूरत नहीं बदली है। हांसी रोड से पटेल नगर मार्ग, पंचायत भवन का नुक्कड़, हलवासिया स्कूल, फ्रेंडस कॉलोनी, हुडा पार्क के सामने, बासिया भवन के सामने से कूड़ा प्वाइंट हटा दिए हैं। इसी तरह शहर में कई जगह कूड़ा डालना बंद करा वहां पर लोगों के आराम करने के लिए कुर्सियां रखवाई गई हैं। मगर इन कुर्सियों पर कोई आराम नहीं कर पा रहा हैं, क्योंकि लोग इनके आसपास फिर से गंदगी डालने लगे हैं।
तीन दिन में लग जाएंगे पूरे शहर में कूड़े के ढेर
नप के सफाई कर्मचारी सोमवार और मंगलवार को काम छोड़ हड़ताल करेंगे। रविवार को सफाई कर्मचारियों की छुट्टी होगी। यानी लगातार तीन दिनों तक शहर में कोई सफाई नहीं होगी। ऐसे में पूरे शहर के अंदर करीब 15 से 20 टन कचरे के ढेर लग जाएंगे। गर्मी के मौसम में कूड़ा उठान नहीं हुआ तो पर्यावरण प्रदूषण के साथ साथ आसपास की आबादी का भी जीना मुहाल हो जाएगा।
ये है अब तक की स्वच्छता रैंकिंग
वर्ष रैंकिंग
2017 345
2018 240
2019 232
2020 166
2021 244
2022 सर्वे हुआ रैंक नहीं घोषित हुआ है।
प्रयास रहेगा कि सफाई कर्मचारियों को उनकी मांगों पर सकारात्मक दृष्टिकोण से बातचीत हो और उन्हें काम जारी रखने के लिए मना लिया जाए। शहर में सफाई को लेकर प्रशासन और नगर परिषद दोनों ही प्रभावी ढंग से काम कर रहा है। हड़ताल पर कर्मचारियों का न जाना पड़े, इसके भी प्रयास किए जाएंगे।
-संदीप अग्रवाल, एसडीएम भिवानी।
नगर पालिका संघ के आह्वान पर सफाई कर्मचारी पूरे प्रदेश में सोमवार और मंगलवार को हड़ताल पर रहेंगे। अगर इसके बावजूद भी सरकार ने नप कर्मचारियों की मांगों पर कोई सकारात्मक रुख नहीं दिखाया और बातचीत नहीं की तो फिर कर्मचारी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे। जिसकी जिम्मेदारी भी सरकार की होगी।

-पुरुषोत्तम दानव, राज्य सचिव, नगर पालिका संघ हरियाणा।

दमकल विभाग में बगैर ड्राइवरों के खड़े नए टीपर ऑटो जो कबाड़ बन रहे है।

दमकल विभाग में बगैर ड्राइवरों के खड़े नए टीपर ऑटो जो कबाड़ बन रहे है।- फोटो : Bhiwani

रामबाग के पास लगा गंदगी के ढेर।

रामबाग के पास लगा गंदगी के ढेर।- फोटो : Bhiwani

घंटाघर स्थित कृष्णा कॉलोनी चौक पर निर्माणाधीन सार्वजनिक शौचालय।

घंटाघर स्थित कृष्णा कॉलोनी चौक पर निर्माणाधीन सार्वजनिक शौचालय।- फोटो : Bhiwani

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