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पॉकेट मनी के पैसे से लाडो ने रक्तदान शिविर लगा एकत्रित किया 50 यूनिट रक्त
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बहल। अक्सर युवा पॉकेट मनी को इसलिए इकट्ठा करते हैं ताकि मनोरंजन के लिए अपने शौक की चीजें खरीद सकें। लेकिन, पाजू गांव की प्रियंका की सोच इससे हटकर है जो युवाओं के लिए नजीर बन रही है। प्रियंका ने अपनी पॉकेट मनी को इसलिए इकट्ठा किया कि वह इस पैसे से रक्तदान शिविर लगाकर समाजसेवा में भागीदार बन सके। रविवार को उसने अपने इस मिशन को पूरा किया और अपने गांव के पंचायत घर में रक्तदान शिविर लगाकर 50 यूनिट रक्त एकत्रित किया।
प्रियंका पाजू ने यह योजना करीब पांच महीने पहले शुरू की थी और इसके लिए उसने अपनी पॉकेट मनी से करीब दस हजार रुपये एकत्रित की। महज पांच दिन की तैयारी पर प्रियंका ने गांव में रक्तदान शिविर लगाया और इसके लिए क्षेत्र के रक्तदाताओं से व्यक्तिगत रूप से निमंत्रण भेजकर अपनी मुहिम का हिस्सा बनने के लिए प्रेरित किया। बकौल प्रियंका, उसने पिछले पांच महीने में अपनी शौक की एक भी चीज नहीं खरीदी और एक-एक रुपये को रक्तदान शिविर के लिए एकत्रित किया।
पुलवामा हमले ने झकझोरा तो रक्तदान की सोच बनी
गर्वित वालंटियर के रूप में काम कर रही प्रियंका ग्रेजुएशन के बाद जेबीटी तक शिक्षित है। वह लंबे समय से जल, पर्यावरण व बेटी बचाने की मुहिम से जुड़कर अपने इन अभियानों को आगे बढ़ा रही है। पुलवामा हमले में हताहत हुए भारतीय सैनिकों के बारे में जब सोचा तो आपात स्थिति में उनकी मदद के लिए उसके मन में रक्तदान को भी इस मुहिम में शामिल करने की सोच बनाई। और जब पैसे की कमी आड़े आई तो उसने अपनी पॉकेट मनी को इसमें खर्च करने की सोच बनी और एक एक पैसा एकत्रित कर अपनी योजना को पूरा किया। शिविर में डीडीपीओ रामसिंह, जिला कार्यक्रम अधिकारी (गर्वित) हंसराज शर्मा, मार्केट कमेटी के चेयरमैन सुशील केडिया, बीआरसीएम कॉलेज के रजिस्ट्रार पवन पंघाल, कर्मबीर चैहड़िया, दिनेश सिहाग सुरपुरा, वरूण श्योराण, पीएचसी के चिकित्साधिकारी डॉ. अजय श्योराण सहित अनेक लोगों ने प्रियंका को उसके नेक काम के लिए बधाई दी।
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प्रियंका जैसी बेटियों की समाज को जरूरत : डीएसपी
गर्वित वालंटियर प्रियंका द्वारा आयोजित रक्तदान शिविर में बतौर मुख्यातिथि पहुंचे तोशाम के डीएसपी कुलदीप बेनीवाल ने प्रियंका के प्रयासों की जमकर सराहना की। उन्होंने कहा कि अपने जीवन में एक युवा लड़की द्वारा समाजसेवा का इतना बड़ा आयोजन पहली बार देखा है, जिससे वे अभीभूत है। समाज को आगे बढ़ाने के लिए प्रियंका जैसी लड़कियों के आगे आने की जरूरत है।
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प्रियंका पाजू ने यह योजना करीब पांच महीने पहले शुरू की थी और इसके लिए उसने अपनी पॉकेट मनी से करीब दस हजार रुपये एकत्रित की। महज पांच दिन की तैयारी पर प्रियंका ने गांव में रक्तदान शिविर लगाया और इसके लिए क्षेत्र के रक्तदाताओं से व्यक्तिगत रूप से निमंत्रण भेजकर अपनी मुहिम का हिस्सा बनने के लिए प्रेरित किया। बकौल प्रियंका, उसने पिछले पांच महीने में अपनी शौक की एक भी चीज नहीं खरीदी और एक-एक रुपये को रक्तदान शिविर के लिए एकत्रित किया।
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पुलवामा हमले ने झकझोरा तो रक्तदान की सोच बनी
गर्वित वालंटियर के रूप में काम कर रही प्रियंका ग्रेजुएशन के बाद जेबीटी तक शिक्षित है। वह लंबे समय से जल, पर्यावरण व बेटी बचाने की मुहिम से जुड़कर अपने इन अभियानों को आगे बढ़ा रही है। पुलवामा हमले में हताहत हुए भारतीय सैनिकों के बारे में जब सोचा तो आपात स्थिति में उनकी मदद के लिए उसके मन में रक्तदान को भी इस मुहिम में शामिल करने की सोच बनाई। और जब पैसे की कमी आड़े आई तो उसने अपनी पॉकेट मनी को इसमें खर्च करने की सोच बनी और एक एक पैसा एकत्रित कर अपनी योजना को पूरा किया। शिविर में डीडीपीओ रामसिंह, जिला कार्यक्रम अधिकारी (गर्वित) हंसराज शर्मा, मार्केट कमेटी के चेयरमैन सुशील केडिया, बीआरसीएम कॉलेज के रजिस्ट्रार पवन पंघाल, कर्मबीर चैहड़िया, दिनेश सिहाग सुरपुरा, वरूण श्योराण, पीएचसी के चिकित्साधिकारी डॉ. अजय श्योराण सहित अनेक लोगों ने प्रियंका को उसके नेक काम के लिए बधाई दी।
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प्रियंका जैसी बेटियों की समाज को जरूरत : डीएसपी
गर्वित वालंटियर प्रियंका द्वारा आयोजित रक्तदान शिविर में बतौर मुख्यातिथि पहुंचे तोशाम के डीएसपी कुलदीप बेनीवाल ने प्रियंका के प्रयासों की जमकर सराहना की। उन्होंने कहा कि अपने जीवन में एक युवा लड़की द्वारा समाजसेवा का इतना बड़ा आयोजन पहली बार देखा है, जिससे वे अभीभूत है। समाज को आगे बढ़ाने के लिए प्रियंका जैसी लड़कियों के आगे आने की जरूरत है।