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जर्जर सड़कों ने छीना राहगीरों का सुकून
Updated Wed, 06 Sep 2017 12:59 AM IST
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भिवानी। बारिश के बाद शहर की जर्जर सड़कों ने राहगीरों का सुकून छीन लिया है। बस स्टैंड से लेकर ऑटो मार्केट तक करीब तीन किलोमीटर के मार्ग में छोटे-बड़े सौ से ज्यादा गड्ढे राहगीरों के लिए आफत बने हुए हैं। शहर के जोगीवाला मंदिर के पास पैचवर्क न होने की वजह से लोगों को आवाजाही में दिक्कत हो रही है।
आधे शहर की कनेक्टिविटी और चरखी दादरी, लोहारू को जोड़ने वाले प्रमुख मार्ग (रोहतक रोड बस स्टैंड से लेकर लोहारू रोड ऑटो मार्केट तक) की बदहाली राहगीरों के लिए परेशानी बनी हुई है। चौबीस घंटे चलने वाले इस मार्ग से हर रोज हजारों वाहन और राहगीरों की आवाजाही होती है। चरखी दादरी और लोहारू की ओर जाने वाले वाहनों को इसी मार्ग से होकर जाना पड़ता है। नेशनल हाई-वे अथॉरिटी के अंतर्गत आने वाले इस रोड के दुर्दिन जून महीने में बारिश शुरू होने के साथ ही आरंभ हो गए थे। जलभराव के साथ ही गड्ढों की संख्या और साइज बढ़ते गए। अब हालत यह है कि बस स्टैंड से ऑटो मार्केट तक लगभग तीन किलोमीटर लंबे इस मार्ग पर छोटे-बड़े गड्ढों की संख्या सौ के पार पहुंच गई है। कई गड्ढे तो एक फुट तक गहरे हैं।
दरअसल, इस मार्ग पर भारी वाहनों की आवाजाही ज्यादा है। इसलिए दिन-ब-दिन बढ़ती गड्ढों की संख्या के मद्देनजर तुरंत पैचवर्क जरूरी है। हनुमान गेट स्थित शर्मा ट्रेडिंग कंपनी के संचालक ने बताया कि गहरे गड्ढों में गिरकर कई दुपहिया वाहन चालक चोटिल हो चुकी हैं। शहर के अंदर से होकर जाने वाले सरकुलर रोड की स्थिति हालांकि ठीक है। जोगीवाला मंदिर के पास सरकुलर रोड को तुरंत पैचवर्क की जरूरत है। लीकेज जांच के लिए यहां सड़क खोदी गई थी। इस गड्ढे को मिट्टी से तो भर दिया, लेकिन सड़क नहीं बनाई गई। इस कारण, बारिश के दिनों में राहगीरों को परेशानी उठानी पड़ती है।
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सेक्टर की गलियों की हालत और भी बद्तर
शहर की अंदरूनी गलियों की हालत भी खस्ता है। सबसे बुरा हाल सेक्टरों की सड़कों का है। सेक्टर-13 और 23 में शायद ही कोई सड़क चलने लायक हो। पुरानी हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी से हुडा पार्क की ओर जाने वाली रोड धंस गई है। बारिश के बाद तो यह रोड और धंस जाती है। बासिया भवन धर्मशाला से सचिवालय की ओर जाने वाला मार्ग, जैन चौक, सराय चौपटा से वैश्य सीनियर सेकेंडरी स्कूल की ओर जाने वाला रास्ता जर्जर हाल में है।
सर्वाइकल पेन के मरीज बढ़े
जिला अस्पताल में फिजियोथैरेपी सेंटर में सर्वाइकल दर्द से पीड़ितों संख्या बढ़ती जा रही है। हालांकि, चिकित्सकों का मानना है कि दर्द बढ़ने के कई कारण हो सकते हैं, लेकिन जर्जर सड़कों पर आवाजाही से दर्द बढ़ना एक आम कारण है। डॉ. ओपी केशरवानी ने बताया कि हर रोज 35 से 40 लोग केवल सर्वाइकल पेन की शिकायत लेकर आ रहे हैं। इन लोगों को सर्वाइकल ट्रैक्सन और डायथर्मी थैरेपी दी जा रही है। उन्होंने सलाह दी कि ऐसे मरीजों को जर्जर सड़कों पर आवाजाही और ज्यादा सफर से बचना चाहिए।
30 सितंबर तक हो जाएगा पैवर्क
नेशनल हाई-वे अथारिटी रोहतक के कार्यकारी अभियंता हनुमंत सांगवान ने बताया कि अथॉरिटी के अंतर्गत आने वाली सड़कों पर पैचवर्क का काम 30 सितंबर तक पूरा कर लिया जाएगा। बीएंडआर के कार्यकारी अभियंता पीएन बागड़ी का कहना है कि विभाग के अंतर्गत आने वाली सड़कों की हालत सही है। केवल जोगीवाला मंदिर के पास दिक्कत है। उसे जल्द दूर कर दिया जाएगा।
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आधे शहर की कनेक्टिविटी और चरखी दादरी, लोहारू को जोड़ने वाले प्रमुख मार्ग (रोहतक रोड बस स्टैंड से लेकर लोहारू रोड ऑटो मार्केट तक) की बदहाली राहगीरों के लिए परेशानी बनी हुई है। चौबीस घंटे चलने वाले इस मार्ग से हर रोज हजारों वाहन और राहगीरों की आवाजाही होती है। चरखी दादरी और लोहारू की ओर जाने वाले वाहनों को इसी मार्ग से होकर जाना पड़ता है। नेशनल हाई-वे अथॉरिटी के अंतर्गत आने वाले इस रोड के दुर्दिन जून महीने में बारिश शुरू होने के साथ ही आरंभ हो गए थे। जलभराव के साथ ही गड्ढों की संख्या और साइज बढ़ते गए। अब हालत यह है कि बस स्टैंड से ऑटो मार्केट तक लगभग तीन किलोमीटर लंबे इस मार्ग पर छोटे-बड़े गड्ढों की संख्या सौ के पार पहुंच गई है। कई गड्ढे तो एक फुट तक गहरे हैं।
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दरअसल, इस मार्ग पर भारी वाहनों की आवाजाही ज्यादा है। इसलिए दिन-ब-दिन बढ़ती गड्ढों की संख्या के मद्देनजर तुरंत पैचवर्क जरूरी है। हनुमान गेट स्थित शर्मा ट्रेडिंग कंपनी के संचालक ने बताया कि गहरे गड्ढों में गिरकर कई दुपहिया वाहन चालक चोटिल हो चुकी हैं। शहर के अंदर से होकर जाने वाले सरकुलर रोड की स्थिति हालांकि ठीक है। जोगीवाला मंदिर के पास सरकुलर रोड को तुरंत पैचवर्क की जरूरत है। लीकेज जांच के लिए यहां सड़क खोदी गई थी। इस गड्ढे को मिट्टी से तो भर दिया, लेकिन सड़क नहीं बनाई गई। इस कारण, बारिश के दिनों में राहगीरों को परेशानी उठानी पड़ती है।
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सेक्टर की गलियों की हालत और भी बद्तर
शहर की अंदरूनी गलियों की हालत भी खस्ता है। सबसे बुरा हाल सेक्टरों की सड़कों का है। सेक्टर-13 और 23 में शायद ही कोई सड़क चलने लायक हो। पुरानी हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी से हुडा पार्क की ओर जाने वाली रोड धंस गई है। बारिश के बाद तो यह रोड और धंस जाती है। बासिया भवन धर्मशाला से सचिवालय की ओर जाने वाला मार्ग, जैन चौक, सराय चौपटा से वैश्य सीनियर सेकेंडरी स्कूल की ओर जाने वाला रास्ता जर्जर हाल में है।
सर्वाइकल पेन के मरीज बढ़े
जिला अस्पताल में फिजियोथैरेपी सेंटर में सर्वाइकल दर्द से पीड़ितों संख्या बढ़ती जा रही है। हालांकि, चिकित्सकों का मानना है कि दर्द बढ़ने के कई कारण हो सकते हैं, लेकिन जर्जर सड़कों पर आवाजाही से दर्द बढ़ना एक आम कारण है। डॉ. ओपी केशरवानी ने बताया कि हर रोज 35 से 40 लोग केवल सर्वाइकल पेन की शिकायत लेकर आ रहे हैं। इन लोगों को सर्वाइकल ट्रैक्सन और डायथर्मी थैरेपी दी जा रही है। उन्होंने सलाह दी कि ऐसे मरीजों को जर्जर सड़कों पर आवाजाही और ज्यादा सफर से बचना चाहिए।
30 सितंबर तक हो जाएगा पैवर्क
नेशनल हाई-वे अथारिटी रोहतक के कार्यकारी अभियंता हनुमंत सांगवान ने बताया कि अथॉरिटी के अंतर्गत आने वाली सड़कों पर पैचवर्क का काम 30 सितंबर तक पूरा कर लिया जाएगा। बीएंडआर के कार्यकारी अभियंता पीएन बागड़ी का कहना है कि विभाग के अंतर्गत आने वाली सड़कों की हालत सही है। केवल जोगीवाला मंदिर के पास दिक्कत है। उसे जल्द दूर कर दिया जाएगा।