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सुबह और दोपहर में हुई बूंदाबांदी, दिनभर छाए रहे बादल
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अमर उजाला ब्यूरो
भिवानी। सुबह-सवेरे पांच बजे और दोपहर में एक बजे हलकी बूंदाबांदी हुई। रुक-रुक कर करीब आधे से पौना घंटा तक बूंदाबांदी हुई। जिसके चलते दिनभर आसमान में बादल छाए रहे और ठंडी हवा चलती रही। बारिश से किसानों के भी चेहरे खिले रहे और उन्हें उम्मीद रही कि ओलावृष्टि से हुए नुकसान की भरपाई बारिश कर सकती है। भिवानी में दो और सिवानी में छह एमएम बारिश दर्ज की गई।
सुबह करीब पांच बजे रिमझिम बारिश शुरू हुई। थोड़ी देर बूंदाबंादी के बारिश रूकी। सुबह साढ़े आठ बजे भी हलकी बूंदाबंादी हुई। दोपहर करीब डेढ़ बजे फिर बूंदाबांदी शुरू हुई जो आधे से पौना घंटा तक चली। दिनभर आसमान में बादल छाए रहे। बूंदाबंादी के कारण लोगों को परेशानी झेलनी पड़ी। स्कूल-कॉलेजों में विद्यार्थियों की हाजिरी कम रही तो बाजार भी सुनसान नजर आए। वहीं अधिकतम तापमान 22 डिग्री तो न्यूनतम तापमान 15 डिग्री दर्ज किया गया।
ओलो से नुकसान की बारिश कर कसती है भरपाई
तोशाम, कैरू, सिवानी, बवानीखेड़ा क्षेत्र में बारिश से किसान खुश नजर आए। किसानों जयबीर, रोहताश, विनोद, रामेश्वर ने बताया कि बारिश फसलों के लिए बेहतर है और पिछले दिनों ओलावृष्टि से हुए किसानों के नुकसान की भरपाई बारिश ही कर सकती है। अब फसल को सिंचाई की जरूरत है और अब सहीं बारिश हो जाती है तो फसल बेहतर होगी। वहीं कृषि विशेषज्ञों के अनुसार गेहूं और सरसों की फसल के लिए बारिश बेहतर है। इस बारिश के बावजूद किसानों को फसल में सिंचाई करनी होगी।
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भिवानी। सुबह-सवेरे पांच बजे और दोपहर में एक बजे हलकी बूंदाबांदी हुई। रुक-रुक कर करीब आधे से पौना घंटा तक बूंदाबांदी हुई। जिसके चलते दिनभर आसमान में बादल छाए रहे और ठंडी हवा चलती रही। बारिश से किसानों के भी चेहरे खिले रहे और उन्हें उम्मीद रही कि ओलावृष्टि से हुए नुकसान की भरपाई बारिश कर सकती है। भिवानी में दो और सिवानी में छह एमएम बारिश दर्ज की गई।
सुबह करीब पांच बजे रिमझिम बारिश शुरू हुई। थोड़ी देर बूंदाबंादी के बारिश रूकी। सुबह साढ़े आठ बजे भी हलकी बूंदाबंादी हुई। दोपहर करीब डेढ़ बजे फिर बूंदाबांदी शुरू हुई जो आधे से पौना घंटा तक चली। दिनभर आसमान में बादल छाए रहे। बूंदाबंादी के कारण लोगों को परेशानी झेलनी पड़ी। स्कूल-कॉलेजों में विद्यार्थियों की हाजिरी कम रही तो बाजार भी सुनसान नजर आए। वहीं अधिकतम तापमान 22 डिग्री तो न्यूनतम तापमान 15 डिग्री दर्ज किया गया।
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ओलो से नुकसान की बारिश कर कसती है भरपाई
तोशाम, कैरू, सिवानी, बवानीखेड़ा क्षेत्र में बारिश से किसान खुश नजर आए। किसानों जयबीर, रोहताश, विनोद, रामेश्वर ने बताया कि बारिश फसलों के लिए बेहतर है और पिछले दिनों ओलावृष्टि से हुए किसानों के नुकसान की भरपाई बारिश ही कर सकती है। अब फसल को सिंचाई की जरूरत है और अब सहीं बारिश हो जाती है तो फसल बेहतर होगी। वहीं कृषि विशेषज्ञों के अनुसार गेहूं और सरसों की फसल के लिए बारिश बेहतर है। इस बारिश के बावजूद किसानों को फसल में सिंचाई करनी होगी।
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