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अनुमति किसी नाम की, स्कूल के बाहर बोर्ड किसी नाम का
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भिवानी। बिना मान्यता के चल रहे स्कूलों और एकेडमियों के खिलाफ जिला शिक्षा विभाग ने अभियान छेड़ा तो कई खुलासे हुए। विभाग की टीम एक स्कूल में पहुंची तो स्कूल के बाहर बोर्ड किसी नाम का था और अस्थायी मान्यता किसी अन्य स्कूल के नाम की। जिसके बाद दूसरे स्कूल के नाम का बोर्ड हटवाया गया। इतना ही नहीं दो कमरों में आठवीं तक की परमिशन लेकर स्कूल चला रहे थे। वहीं एकेडमी का निरीक्षण किया तो प्राइवेट के अलावा सरकारी स्कूलों के भी बच्चे पढ़ते मिले। जिला शिक्षा अधिकारी ने सभी प्राइवेट एकेडमी को बंद करवा दिया। वहीं उनके भवन मालिकों सेे भी एकेडमी संचालकों से खाली करवाने के बाबत लिखा। पांच एकेडमी बंद करवाई तो तीन स्कूलों का निरीक्षण किया। एक स्कूल बंद मिला। रिकार्ड में 81 स्कूल और एकेडमी बिना मान्यता चल रहे हैं।
शिक्षा विभाग के निरीक्षण अभियान के दौरान सोमवार को अधिकतर एकेडमी संचालकों ने छुट्टी रखी। अभियान सुबह नौ बजे शुरू हुआ और दोपहर डेढ़ तक बजे तक चला। जिला शिक्षा अधिकारी अजीत श्योराण, खंड शिक्षा अधिकारी नरेश महता, लीगल एडवाइजर मंजू यादव, रदीप सांगवान व सुभाष सहित चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के साथ एकेडमी व गैर मान्यता प्राप्त निजी स्कूलों का औचक निरीक्षण किया। जिला शिक्षा अधिकारी की टीम सोमवार सुबह महम रोड स्थित एक एकेडमी में पहुंची। यहां कोई नहीं मिला। इसके बाद अधिकारियों की टीम पड़ोस में ही चल रही एक अन्य एकेडमी में पहुंची, जहां पर कक्षाएं लगी थी। बच्चों ने बताया कि वे 11वीं और 12वीं के विद्यार्थी हैं। कुछ बच्चों ने एक निजी स्कूल का नाम बताया तो कुछ बच्चों ने शहर के ही राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय के छात्र होने की बात कही। शहर के ही राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय की छात्राएं भी एकेडमी में शिक्षा ग्रहण कर रही थीं। टीम ने सभी बच्चों के नाम अपने रिकार्ड में दर्ज किए और एकेडमी संचालक से कल से कक्षाएं नहीं लगाने की चेतावनी के साथ लिखित लेकर एकेडमी बंद करा दी गई।
इसके बाद टीम एक अन्य साइंस एकेडमी में पहुंची, जहां पर सभी कक्षाएं खाली मिलीं, रिसेप्सनिस्ट से पता चला कि कुछ देर पहले ही बच्चों की बस गई है। टीम महम रोड स्थित एक अकेडमी में पहुंची, जहां पर युवाओं को कोचिंग दी जा रही थी। मगर जिला शिक्षा अधिकारी ने एकेडमी संचालक से लिखित में लिया कि वो भविष्य में एकेडमी नहीं चलाएगा। कोचिंग सेंटर संचालक ने बताया कि वह जेईई व आईआईटी के छात्रों की कोचिंग करा रहा है। टीम विद्या नगर 54 फूटा रोड पर चक्रवति पब्लिक स्कूल पहुंची, जहां होली वैल किड्स ग्रीन स्कूल का बोर्ड भी बाहर लगा हुआ था। जिसके बाद होली वैल किड्स स्कूल बंद करने की हिदायतें दी और मौके पर ही फर्जी स्कूल का बोर्ड भी नीचे उतरवाया। टीम भारत नगर कॉलोनी के एचपीएम स्कूल में पहुंची, जहां स्कूल पहले ही स्थायी रूप से बंद मिला।
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शिक्षा विभाग के अधिकारियों द्वारा गैर मान्यता प्राप्त निजी स्कूलों व शिक्षा एकेडमियों की छापामारी की सूचना पहले ही लीक कर दी गई थी। जिससे कई शिक्षा एकेडमी संचालक बच्चों की छुट्टियां कराकर भूमिगत हो गए। 24 अप्रैल को हाई कोर्ट में स्टेट्स रिपोर्ट देकर उनकी पोल खोली जाएगी और उनके खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज कराने की मांग करेंगे।
-बृजपाल परमार, प्रदेश अध्यक्ष स्वास्थ्य शिक्षा सहयोग संगठन।
जिन एकेडमियों का औचक निरीक्षण किया उनसे लिखित में लिया गया है कि वे भविष्य में एकेडमी नहीं चलाएंगे, अगर फिर भी एकेडमी चलाते मिले तो संचालकों के खिलाफ पुलिस में प्राथमिकी दर्ज कराई जाएगी। कोई भी गैर मान्यता स्कूल या फिर शिक्षा एकेडमी नहीं चलने दी जाएगी।
-अजीत श्योराण, जिला शिक्षा अधिकारी भिवानी।
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शिक्षा विभाग के निरीक्षण अभियान के दौरान सोमवार को अधिकतर एकेडमी संचालकों ने छुट्टी रखी। अभियान सुबह नौ बजे शुरू हुआ और दोपहर डेढ़ तक बजे तक चला। जिला शिक्षा अधिकारी अजीत श्योराण, खंड शिक्षा अधिकारी नरेश महता, लीगल एडवाइजर मंजू यादव, रदीप सांगवान व सुभाष सहित चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के साथ एकेडमी व गैर मान्यता प्राप्त निजी स्कूलों का औचक निरीक्षण किया। जिला शिक्षा अधिकारी की टीम सोमवार सुबह महम रोड स्थित एक एकेडमी में पहुंची। यहां कोई नहीं मिला। इसके बाद अधिकारियों की टीम पड़ोस में ही चल रही एक अन्य एकेडमी में पहुंची, जहां पर कक्षाएं लगी थी। बच्चों ने बताया कि वे 11वीं और 12वीं के विद्यार्थी हैं। कुछ बच्चों ने एक निजी स्कूल का नाम बताया तो कुछ बच्चों ने शहर के ही राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय के छात्र होने की बात कही। शहर के ही राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय की छात्राएं भी एकेडमी में शिक्षा ग्रहण कर रही थीं। टीम ने सभी बच्चों के नाम अपने रिकार्ड में दर्ज किए और एकेडमी संचालक से कल से कक्षाएं नहीं लगाने की चेतावनी के साथ लिखित लेकर एकेडमी बंद करा दी गई।
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इसके बाद टीम एक अन्य साइंस एकेडमी में पहुंची, जहां पर सभी कक्षाएं खाली मिलीं, रिसेप्सनिस्ट से पता चला कि कुछ देर पहले ही बच्चों की बस गई है। टीम महम रोड स्थित एक अकेडमी में पहुंची, जहां पर युवाओं को कोचिंग दी जा रही थी। मगर जिला शिक्षा अधिकारी ने एकेडमी संचालक से लिखित में लिया कि वो भविष्य में एकेडमी नहीं चलाएगा। कोचिंग सेंटर संचालक ने बताया कि वह जेईई व आईआईटी के छात्रों की कोचिंग करा रहा है। टीम विद्या नगर 54 फूटा रोड पर चक्रवति पब्लिक स्कूल पहुंची, जहां होली वैल किड्स ग्रीन स्कूल का बोर्ड भी बाहर लगा हुआ था। जिसके बाद होली वैल किड्स स्कूल बंद करने की हिदायतें दी और मौके पर ही फर्जी स्कूल का बोर्ड भी नीचे उतरवाया। टीम भारत नगर कॉलोनी के एचपीएम स्कूल में पहुंची, जहां स्कूल पहले ही स्थायी रूप से बंद मिला।
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शिक्षा विभाग के अधिकारियों द्वारा गैर मान्यता प्राप्त निजी स्कूलों व शिक्षा एकेडमियों की छापामारी की सूचना पहले ही लीक कर दी गई थी। जिससे कई शिक्षा एकेडमी संचालक बच्चों की छुट्टियां कराकर भूमिगत हो गए। 24 अप्रैल को हाई कोर्ट में स्टेट्स रिपोर्ट देकर उनकी पोल खोली जाएगी और उनके खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज कराने की मांग करेंगे।
-बृजपाल परमार, प्रदेश अध्यक्ष स्वास्थ्य शिक्षा सहयोग संगठन।
जिन एकेडमियों का औचक निरीक्षण किया उनसे लिखित में लिया गया है कि वे भविष्य में एकेडमी नहीं चलाएंगे, अगर फिर भी एकेडमी चलाते मिले तो संचालकों के खिलाफ पुलिस में प्राथमिकी दर्ज कराई जाएगी। कोई भी गैर मान्यता स्कूल या फिर शिक्षा एकेडमी नहीं चलने दी जाएगी।
-अजीत श्योराण, जिला शिक्षा अधिकारी भिवानी।