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Bhiwani News: डिपो की 224 में से 131 बसों पर ग्रामीण व लंबी दूरी के रूटों का दारोमदार, लगी अव्यवस्था की कतार
Fri, 16 Feb 2024 12:41 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
Updated Fri, 16 Feb 2024 12:41 AM IST
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भिवानी। भिवानी डिपो की 224 बसों के बेड़े में सिर्फ 131 बसों पर ही ग्रामीण और लंबी दूरी के रूटों पर दारोमदार रहा। जिसकी वजह से बस स्टैंड पर भी अव्यवस्था की कतार लगी। हालत यह थी कि बूथों पर 40 से 45 मिनट तक बसों के आने का इंतजार करना पड़ा।
दरअसल, भिवानी डिपो से वीरवार सुबह 85 बसों को नारनौल डिपो में रेवाड़ी के एम्स उद्घाटन समारोह में भेजा गया है। जबकि आठ रोडवेज बसों को पुलिस प्रशासन ने लिया हुआ है। इसके बाद बचे हुए अमले को रोडवेज ने पूरी क्षमता के साथ दौड़ाया, मगर फिर भी ग्रामीण रूटों पर यात्री सेवाएं लड़खड़ा गईं। भिवानी से बलियाली और भिवानी से तोशाम के लिए बसें नहीं चलीं। इन दोनों रूटों पर प्राइवेट बसों ने दौड़ लगाई। इसी तरह अधिकांश ग्रामीण रूटों पर बसों के दो से तीन फेरे कम किए गए और बसों की कमी को पूरा करने के लिए जरूरत के हिसाब से बसों को दौड़ाया गया।
भिवानी बस स्टैंड पर वीरवार सुबह से ही यात्रियों की अच्छी खासी भीड़ जुटी। बबसों में भीड़ ज्यादा होने की वजह से चढ़ने के लिए भी यात्रियों के बीच खूब धक्का-मुक्की हुई। वहीं पायदान पर भी सफर करना पड़ा। परिवार में छोटे बच्चों के साथ सफर करने वाली महिलाएं भी भारी भरकम सामान लेकर बसों के लिए इधर-उधर भटकते रहीं। बसों की कमी की वजह से सोसायटी की बसों को अधिक चक्कर लगाने पड़े।
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डिपो के अधिकांश रूटों पर रोडवेज बसों के दो से तीन फेरे कम कर उन्हें दूसरे रूट पर लगाया गया ताकि यात्रियों का सफर जारी रखा जा सके। जिन रूटों पर सामान्य तौर पर बसे अधिक रहती थी, उन रूटों पर सिर्फ इक्का दुक्का बस ही चली। लोकल रूटों पर सबसे अधिक असर पड़ा। कई गांवों के लिए तो बस स्टैंड से कोई भी रोडवेज बस नहीं चली। जबकि बलियाली और तोशाम रूट पर मोर्चा निजी बसों ने संभाला।
स्कूली और कॉलेज विद्यार्थियों को भी झेलनी पड़ी परेशानी
घर से शहर में स्कूल और कॉलेज आने वाले ग्रामीण क्षेत्र के विद्यार्थियों को भी काफी परेशानी झेलनी पड़ी। ग्रामीण रूटों पर सुबह कई बस मिस हो गई। जिस कारण स्कूल और कॉलेज समय पर पहुंचने में भी विद्यार्थियों को दिक्कतें आईं। स्कूल और कॉलेज से वापसी का सफर भी विद्यार्थियों का मुश्किलों भरा रहा। पायदान पर लटककर विद्यार्थी सफर करते दिखे। निजी बसों में भी यात्रियों का सामान डिग्गी के अंदर रखवाया गया, ताकि अधिक यात्रियों को बैठाया जा सके।
17 फरवरी को लौटेंगी नारनौल से 85 बस, आज हड़ताल से रहेगा चक्का जाम
भिवानी की नारनौल डिपो में गई 85 बसें 17 फरवरी को वापस भिवानी लौटेंगी। जबकि शुक्रवार को भिवानी डिपो की बसों का चक्का जाम रहेगा। चक्का जाम के दौरान रोडवेज प्रशासन के अधिकारी बसें चलाने की भी कोशिश करेंगे, मगर हड़ताल के दौरान कर्मचारी बस नहीं चलाने का एलान पहले ही कर चुके हैं। शुक्रवार को भी रोडवेज की व्यवस्था प्रभावित होने से यात्रियों की मुश्किलें बढ़ेंगी।
भिवानी डिपो की 85 बसों को नारनौल डिपो में भेजा गया है। लेकिन इसके बावजूद सभी ग्रामीण और लंबी दूरी के रूटों पर बसों का संचालन हुआ है। जिन रूटों पर यात्रियों की अधिक मांग रही, उन रूटों पर तत्काल बसों का संचालन कराए जाने की भी व्यवस्था कराई गई। शुक्रवार को हड़ताल के दौरान भी बसों का संचालन कराए जाने का हर संभव प्रयास रहेगा।
- डॉ. नेत्रपाल खत्री, महाप्रबंधक, भिवानी डिपो हरियाणा राज्य परिवहन विभाग।
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दरअसल, भिवानी डिपो से वीरवार सुबह 85 बसों को नारनौल डिपो में रेवाड़ी के एम्स उद्घाटन समारोह में भेजा गया है। जबकि आठ रोडवेज बसों को पुलिस प्रशासन ने लिया हुआ है। इसके बाद बचे हुए अमले को रोडवेज ने पूरी क्षमता के साथ दौड़ाया, मगर फिर भी ग्रामीण रूटों पर यात्री सेवाएं लड़खड़ा गईं। भिवानी से बलियाली और भिवानी से तोशाम के लिए बसें नहीं चलीं। इन दोनों रूटों पर प्राइवेट बसों ने दौड़ लगाई। इसी तरह अधिकांश ग्रामीण रूटों पर बसों के दो से तीन फेरे कम किए गए और बसों की कमी को पूरा करने के लिए जरूरत के हिसाब से बसों को दौड़ाया गया।
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भिवानी बस स्टैंड पर वीरवार सुबह से ही यात्रियों की अच्छी खासी भीड़ जुटी। बबसों में भीड़ ज्यादा होने की वजह से चढ़ने के लिए भी यात्रियों के बीच खूब धक्का-मुक्की हुई। वहीं पायदान पर भी सफर करना पड़ा। परिवार में छोटे बच्चों के साथ सफर करने वाली महिलाएं भी भारी भरकम सामान लेकर बसों के लिए इधर-उधर भटकते रहीं। बसों की कमी की वजह से सोसायटी की बसों को अधिक चक्कर लगाने पड़े।
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डिपो के अधिकांश रूटों पर रोडवेज बसों के दो से तीन फेरे कम कर उन्हें दूसरे रूट पर लगाया गया ताकि यात्रियों का सफर जारी रखा जा सके। जिन रूटों पर सामान्य तौर पर बसे अधिक रहती थी, उन रूटों पर सिर्फ इक्का दुक्का बस ही चली। लोकल रूटों पर सबसे अधिक असर पड़ा। कई गांवों के लिए तो बस स्टैंड से कोई भी रोडवेज बस नहीं चली। जबकि बलियाली और तोशाम रूट पर मोर्चा निजी बसों ने संभाला।
स्कूली और कॉलेज विद्यार्थियों को भी झेलनी पड़ी परेशानी
घर से शहर में स्कूल और कॉलेज आने वाले ग्रामीण क्षेत्र के विद्यार्थियों को भी काफी परेशानी झेलनी पड़ी। ग्रामीण रूटों पर सुबह कई बस मिस हो गई। जिस कारण स्कूल और कॉलेज समय पर पहुंचने में भी विद्यार्थियों को दिक्कतें आईं। स्कूल और कॉलेज से वापसी का सफर भी विद्यार्थियों का मुश्किलों भरा रहा। पायदान पर लटककर विद्यार्थी सफर करते दिखे। निजी बसों में भी यात्रियों का सामान डिग्गी के अंदर रखवाया गया, ताकि अधिक यात्रियों को बैठाया जा सके।
17 फरवरी को लौटेंगी नारनौल से 85 बस, आज हड़ताल से रहेगा चक्का जाम
भिवानी की नारनौल डिपो में गई 85 बसें 17 फरवरी को वापस भिवानी लौटेंगी। जबकि शुक्रवार को भिवानी डिपो की बसों का चक्का जाम रहेगा। चक्का जाम के दौरान रोडवेज प्रशासन के अधिकारी बसें चलाने की भी कोशिश करेंगे, मगर हड़ताल के दौरान कर्मचारी बस नहीं चलाने का एलान पहले ही कर चुके हैं। शुक्रवार को भी रोडवेज की व्यवस्था प्रभावित होने से यात्रियों की मुश्किलें बढ़ेंगी।
भिवानी डिपो की 85 बसों को नारनौल डिपो में भेजा गया है। लेकिन इसके बावजूद सभी ग्रामीण और लंबी दूरी के रूटों पर बसों का संचालन हुआ है। जिन रूटों पर यात्रियों की अधिक मांग रही, उन रूटों पर तत्काल बसों का संचालन कराए जाने की भी व्यवस्था कराई गई। शुक्रवार को हड़ताल के दौरान भी बसों का संचालन कराए जाने का हर संभव प्रयास रहेगा।
- डॉ. नेत्रपाल खत्री, महाप्रबंधक, भिवानी डिपो हरियाणा राज्य परिवहन विभाग।