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122 लंपी आशंकित गाय मिली, पांच की मौत
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भिवानी। लंपी वायरस से स्थिति लगातार गंभीर होती जा रही है। बुधवार को 122 नए आशंकित पशु सामने आए। इसमें अधिकतर गाय हैं जबकि पांच आशंकितों की मौत भी हो गई। अब जिले में लंपी आशंकित मृतक पशुओं का आंकड़ा 19 तक पहुंच गया है।
वहीं सिवानी, तोशाम के कुछ गांवों में स्थिति गंभीर है। लंपी ही नहीं स्वाइन फीवर भी जानलेवा साबित हो रहा है। बुधवार को दो सूअरों की मौत हो गई। पशुपालन विभाग की 40 टीमों ने जिलेभर के गांवों में जांच अभियान चलाया। वहीं देर शाम को लंपी की रोकथाम के लिए लिए 58,700 वैक्सीन भिवानी पहुंच गई है।
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मंगलवार को जहां लंपी वायरस से 133 आशंकित पशु मिले थे वहीं बुधवार को भी 122 नए केस सामने आए। इसके बाद आशंकित पशुओं का आंकड़ा 1153 तक पहुंच गया है। पिछले तीन दिन में लंपी आशंकित 15 पशुओं की मौत भी हो चुकी है। जिले में अब तक 19 की मौत हो चुकी है। लंपी वायरस का असर सिवानी क्षेत्र के गांवों में अधिक है। बुधवार को संक्रमित मिले 122 पशुओं में से भी 50 फीसदी सिवानी क्षेत्र से हैं। सिवानी में गैंडावास, कालौद, मंढोली गांवों में ज्यादा स्थिति गंभीर है। इसके अलावा तोशाम क्षेत्र से 17, खरकड़ी क्षेत्र से 17 आशंकित पशु मिले हैं। इसी के चलते बुधवार को पशुपालन विभाग की 40 टीमें जिलेभर में विभिन्न गोशालाओं और गांवों में निरीक्षण करती रही।
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स्वाइन फीवर को लेकर पशुपालकों को किया जागरूक
स्वाइन फीवर भी जिले में गंभीर होता जा रहा है। मंगलवार को 45 सूअर और उनके 65 बच्चों की मौत के बाद बुधवार को पशुपालन विभाग के विशेषज्ञों ने शहर में जांच अभियान चलाया। चिकित्सकों की टीम एसडीओ डॉ. संदीप के नेतृत्व में शहर की विभिन्न कॉलोनियों में पहुंची। टीम ने सबसे पहले कच्ची बस्ती नजदीक टीआईटी कॉलोनी पहुंची। जहां एक पशुपालक के काफी सूअरों की मौत हो गई है। वहां पशुपालक ने बताया कि आज भी एक सूअर की मौत हुई है। कुछ बीमार भी है। जिसके बाद पशुपालक को इलाज और मृत पशुओं को गड्ढा खोदकर दबाने के प्रति जागरूक किया। टीम ने बस स्टैंड के पीछे भी एक पशुपालक के घर जाकर देखा तो पाया कि उक्त पशुपालक का भी एक सूअर सुबह मर गया है। उन्हें भी मिट्टी में दबाने के निर्देश दिए। टीम ने सेक्टर 23 के पीछे व शहर की अन्य कॉलोनियों, गोशालाओं का भी निरीक्षण किया।
अफ्रीकन स्वाइन फ्लू के कैसे हो सैंपल, स्थिति नहीं स्पष्ट
पशुपालन विभाग की ओर से क्लासिकल स्वाइन फ्लू के सैंपल लेकर सोनीपत जांच के लिए भेजे जाते हैं। मगर अफ्रीकन स्वाइन फीवर की सैंपलिंग के बारे में अभी स्थिति स्पष्ट नहीं है। ऐसे में फिलहाल स्थानीय चिकित्सक उच्च अधिकारियों से संपर्क साध रहे हैं। इन सैंपल को जांच के लिए भोपाल लैब भेजा जाएगा।
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दो दिन के इंतजार के बाद पहुंची वैक्सीन
लंपी से पशुओं को बचाने के लिए पशुपालन विभाग ने वैक्सीनेशन अभियान छेड़ा हुआ है। अब तक करीब 23 हजार पशुओं को वैक्सीन लगाई जा चुकी है। वहीं बुधवार को दो दिन के इंतजार के बाद 58700 वैक्सीन भिवानी पहुंच गई हैं। चिकित्सक दो दिन तक लंपी आशंकित पशुओं को एंटी बायटिक, एंटी एलर्जिक दवाएं देकर इलाज कर रहे थे।
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पशुपालन विभाग की 40 टीमें जिलेभर में जांच अभियान चला रही है। लंपी के 122 नए आशंकित सामने आए हैं और पांच आशंकित पशुओं की मौत हुई है। फिलहाल पशुपालन विभाग के चिकित्सक जांच अभियान चलाए हुए हैं और पशुपालकों को जागरूक भी किया जा रहा है। लंपी में घबराने की जरूरत नहीं। आशंकित पशुओं को अलग कर इलाज किया जाए तो वह जल्दी ठीक हो जाता है। बस सावधानी रखें। आशंकित पशुओं की सूचना तुरंत चिकित्सक को दें। स्वाइन फीवर के प्रति भी जागरूकता अभियान और जांच अभियान चलाया गया है।
- प्रदीप कुमार, एसडीओ, पशुपालन विभाग।
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वहीं सिवानी, तोशाम के कुछ गांवों में स्थिति गंभीर है। लंपी ही नहीं स्वाइन फीवर भी जानलेवा साबित हो रहा है। बुधवार को दो सूअरों की मौत हो गई। पशुपालन विभाग की 40 टीमों ने जिलेभर के गांवों में जांच अभियान चलाया। वहीं देर शाम को लंपी की रोकथाम के लिए लिए 58,700 वैक्सीन भिवानी पहुंच गई है।
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मंगलवार को जहां लंपी वायरस से 133 आशंकित पशु मिले थे वहीं बुधवार को भी 122 नए केस सामने आए। इसके बाद आशंकित पशुओं का आंकड़ा 1153 तक पहुंच गया है। पिछले तीन दिन में लंपी आशंकित 15 पशुओं की मौत भी हो चुकी है। जिले में अब तक 19 की मौत हो चुकी है। लंपी वायरस का असर सिवानी क्षेत्र के गांवों में अधिक है। बुधवार को संक्रमित मिले 122 पशुओं में से भी 50 फीसदी सिवानी क्षेत्र से हैं। सिवानी में गैंडावास, कालौद, मंढोली गांवों में ज्यादा स्थिति गंभीर है। इसके अलावा तोशाम क्षेत्र से 17, खरकड़ी क्षेत्र से 17 आशंकित पशु मिले हैं। इसी के चलते बुधवार को पशुपालन विभाग की 40 टीमें जिलेभर में विभिन्न गोशालाओं और गांवों में निरीक्षण करती रही।
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स्वाइन फीवर को लेकर पशुपालकों को किया जागरूक
स्वाइन फीवर भी जिले में गंभीर होता जा रहा है। मंगलवार को 45 सूअर और उनके 65 बच्चों की मौत के बाद बुधवार को पशुपालन विभाग के विशेषज्ञों ने शहर में जांच अभियान चलाया। चिकित्सकों की टीम एसडीओ डॉ. संदीप के नेतृत्व में शहर की विभिन्न कॉलोनियों में पहुंची। टीम ने सबसे पहले कच्ची बस्ती नजदीक टीआईटी कॉलोनी पहुंची। जहां एक पशुपालक के काफी सूअरों की मौत हो गई है। वहां पशुपालक ने बताया कि आज भी एक सूअर की मौत हुई है। कुछ बीमार भी है। जिसके बाद पशुपालक को इलाज और मृत पशुओं को गड्ढा खोदकर दबाने के प्रति जागरूक किया। टीम ने बस स्टैंड के पीछे भी एक पशुपालक के घर जाकर देखा तो पाया कि उक्त पशुपालक का भी एक सूअर सुबह मर गया है। उन्हें भी मिट्टी में दबाने के निर्देश दिए। टीम ने सेक्टर 23 के पीछे व शहर की अन्य कॉलोनियों, गोशालाओं का भी निरीक्षण किया।
अफ्रीकन स्वाइन फ्लू के कैसे हो सैंपल, स्थिति नहीं स्पष्ट
पशुपालन विभाग की ओर से क्लासिकल स्वाइन फ्लू के सैंपल लेकर सोनीपत जांच के लिए भेजे जाते हैं। मगर अफ्रीकन स्वाइन फीवर की सैंपलिंग के बारे में अभी स्थिति स्पष्ट नहीं है। ऐसे में फिलहाल स्थानीय चिकित्सक उच्च अधिकारियों से संपर्क साध रहे हैं। इन सैंपल को जांच के लिए भोपाल लैब भेजा जाएगा।
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दो दिन के इंतजार के बाद पहुंची वैक्सीन
लंपी से पशुओं को बचाने के लिए पशुपालन विभाग ने वैक्सीनेशन अभियान छेड़ा हुआ है। अब तक करीब 23 हजार पशुओं को वैक्सीन लगाई जा चुकी है। वहीं बुधवार को दो दिन के इंतजार के बाद 58700 वैक्सीन भिवानी पहुंच गई हैं। चिकित्सक दो दिन तक लंपी आशंकित पशुओं को एंटी बायटिक, एंटी एलर्जिक दवाएं देकर इलाज कर रहे थे।
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पशुपालन विभाग की 40 टीमें जिलेभर में जांच अभियान चला रही है। लंपी के 122 नए आशंकित सामने आए हैं और पांच आशंकित पशुओं की मौत हुई है। फिलहाल पशुपालन विभाग के चिकित्सक जांच अभियान चलाए हुए हैं और पशुपालकों को जागरूक भी किया जा रहा है। लंपी में घबराने की जरूरत नहीं। आशंकित पशुओं को अलग कर इलाज किया जाए तो वह जल्दी ठीक हो जाता है। बस सावधानी रखें। आशंकित पशुओं की सूचना तुरंत चिकित्सक को दें। स्वाइन फीवर के प्रति भी जागरूकता अभियान और जांच अभियान चलाया गया है।
- प्रदीप कुमार, एसडीओ, पशुपालन विभाग।