भिवानी से 1198 मजदूर बिहार रवाना, आज मध्य प्रदेश के छतरपुर जाएगी स्पेशल ट्रेन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
शनिवार सुबह साढे़े 11 बजे भिवानी रेलवे जंक्शन के प्लेटफार्म नंबर एक से 1198 प्रवासी मजदूरों को लेकर स्पेशल ट्रेन (04731) बिहार के पूर्णिया के लिए रवाना हुई। ट्रेन में चौबीस कोच लगाए गए थे। ट्रेन में पूर्णिया, अररिया, सहरसा, मधेपुरा और सुपौल जिले के प्रवासी मजदूर थे।
स्पेशल ट्रेन में 1198 मजदूरों से 712 प्रवासी मजदूर दादरी जिले व 486 मजदूर भिवानी से संबंधित थे। प्लेटफार्म नंबर एक से ट्रेन निर्धारित समय पर चली, ठीक उसी वक्त रजिस्ट्रेशन करा चुका एक प्रवासी लेट आया, जिसके लिए ट्रेन को रुकवाया गया।
मजदूर को बैठाकर करीब चार मिनट बाद ट्रेन को रवाना किया गया। इस दौरान डीसी और एसपी के साथ प्रशासनिक अमला भी मौजूद रहा। वहीं डीसी के अनुसार रविवार को मजदूरों के लिए एक ट्रेन जाएगी।
कोविड-19 वायरस संक्रमण के चलते लॉकडाउन से पहले कामधंधे के सिलसिले में बिहार से आए हजारों मजदूर यहां फंस गए। मजदूर पहले तो लॉकडाउन खुलने का इंतजार करते रहे, लेकिन दो बार लॉकडाउन बढ़ गया। ऐसे में प्रवासी मजदूरों की बैचेनी बढ़ने लगी। इसके बाद पैदल पलायन को रोकने के लिए सरकार ने प्रवासी मजदूरों को खुद के खर्च पर उन्हें अपने घर भेजने का फैसला लिया।
ट्रेन में बैठकर घर के लिए निकले प्रवासी मजदूरों के चेहरे खिले हुए थे। प्रवासी मजदूरों ने ट्रेन के स्टेशन छोड़ने से पहले खिड़कियों से बाहर हाथ निकालकर भिवानी को अलविदा किया। प्रवासी मजदूरों के सफर का खर्च हरियाणा सरकार ने वहन किया है।
वैश्य कॉलेज के पास रेलवे रोड पर पुलिस ने लगाया बैरिकेट
भिवानी रेलवे जंक्शन से करीब 300 मीटर दूर वैश्य कॉलेज के सामने रेलवे रोड पर बैरिकेट्स, लगाए ताकि स्टेशन तक मजदूरों को व्यवस्थित किया जा सके। सुबह पांच बजे से ही मजदूरों के स्टेशन पर आने का सिलसिला शुरू हो चुका था। भीड़ एक साथ न जुटे, इसके लिए स्टेशन के आसपास व बाहर गोल घेरे भी बनाए हुए थे।
स्वास्थ्य विभाग की कोविड-19 टीम भी डॉक्टर राजेश के नेतृत्व में वहां पहुंची। पूरे स्टेशन को वैक्यूम क्लीनर मशीन से कई बार साफ कराया गया, वहीं प्रत्येक मजदूर के हाथों को सैनिटाइज किया गया।
स्टेशन के आसपास पुलिस भी मौजूद रही। शनिवार सुबह साढ़े 11 बजे बिहार की पूर्णिया जाने वाली स्पेशल ट्रेन में घर वापसी के लिए प्रवासी मजदूरों को शेल्टर होम से रोडवेज बसों के जरिए स्टेशन तक लाया गया। इसके बाद रोडवेज बसों से प्रवासी मजदूरों के रजिस्ट्रेशन में नामों का मिलान हुआ।
टिकटों पर लगाई पेड फॉर हरियाणा गवर्नमेंट की मुहर
प्रत्येक डिब्बे के सामने हेल्प डेस्क बनाए गए, जहां से प्रत्येक यात्री को उनकी टिकट दी गई। टिकटों पर पेड फॉर हरियाणा गवर्नमेंट की मुहर लगाई गई। कोविड-19 टीम के नोडल आफिसर डॉ. राजेश की टीम ने प्रत्येक प्रवासी मजदूर को थर्मल स्क्रीनिंग व सैनिटाइज करने के बाद ही स्टेशन के अंदर प्रवेश दिया। यात्रियों को सामुदायिक दूरी के साथ बैठाया गया। उन्हें ट्रेन में थूकने, इधर-उधर नहीं घूमने की सलाह दी गई।
कितलाना में गाड़ी से आए दर्जनों मजदूरों को लौटाया
शनिवार सुबह करीब दस बजे रेलवे जंक्शन पर अपने गांव जाने के लिए गांव कितलाना से एक ओपन गाड़ी में दर्जनों प्रवासी मजदूर पहुंचे। जैसे ही मजदूर नीचे उतरने लगे तो वहां मौजूद पुलिस ने उन्हें रोक लिया और फिर उन्हें वापस खदेड़ दिया। मजदूरों का रजिस्ट्रेशन नहीं हुआ था और न ही मेडिकल चेकअप हुआ था।
रविवार शाम सात बजे मध्यप्रदेश के छतरपुर जाएगी स्पेशल ट्रेन
भिवानी रेलवे जंक्शन से मध्यप्रदेश के छतरपुर के लिए रविवार शाम सात बजे स्पेशल ट्रेन रवाना होगी। चौबीस कोच की स्पेशल ट्रेन में 1200 प्रवासी मजदूरों की घर वापसी का रजिस्ट्रेशन किया गया है। ये स्पेशल ट्रेन वाया रोहतक, पलवल, नई दिल्ली, झांसी होते हुए छत्तरपुर जाएगी। प्रवासी मजदूर करीब 754 किलोमीटर दूरी का सफर तय कर सोमवार सुबह छह बजे छतरपुर पहुंचेंगे।
जिले में अब तक 15 हजार प्रवासी मजदूरों का रजिस्ट्रेशन हो चुका है। सभी मजदूरों को स्पेशल ट्रेन से उनके घर भेजा जाएगा। बिहार के लिए पहली ट्रेन 1198 प्रवासी मजदूरों को लेकर रवाना की गई है। रविवार को भी स्पेशल ट्रेन प्रवासी मजदूरों को लेकर जाएगी। -अजय कुमार, उपायुक्त भिवानी।