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आदेश के बाद भी मंडी में नहीं हो रही बाजरे की खरीद
Updated Sat, 14 Oct 2017 12:43 AM IST
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आदेश के बाद भी मंडी में नहीं हो रही बाजरे की खरीद
तोशाम। सरकार के आदेश के बावजूद तोशाम की अनाज मंडी में बाजारे की खरीद नहीं की जा रही है। खरीद एजेंसी व मार्केट कमेटी के अधिकारी किसानों को बाजरे की क्वालिटी सही नहीं होने की बात कहकर टाल-मटोल कर देते हैं।
एक अक्तूबर से आज तक तोशाम की मंडी में बाजरे का एक भी दाना नहीं खरीदा गया है। एजेंसी बाजरे की खरीद करने से बच रही हैं वहीं किसानों को भिवानी जाकर बाजरा बेचने व मंडी में बाजरे की खरीद होने की बात कहकर किसानों को गुमराह कर रहे हैं।
सरकार ने एक अक्तूबर से बाजरे की खरीद करने के आदेश दिए थे। जिसके कारण किसान बाजरा मंडी में ले तो आते हैं लेकिन खरीद ना होने के कारण वापस ले जाना पड़ता है। पटोदी निवासी किसान जोगेंद्र ने बताया कि वह बुधवार को बाजरा बेचने के लिए ट्राली में लेकर गया था। पहले तो उसे मंडी में कोई नहीं मिला। करीब एक बजे के करीब खरीद करने वाली एजेंसी के अधिकारी वहां पहुंचे। किसान ने बताया कि खरीद करने वाले अधिकारी आते ही बाजरे में कमी बताने लगे और कहने लगे की बाजरा सरकार के नियमों अनुसार सही नहीं है। इसको खरीदा नहीं जा सकता।
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किसान का कहना है कि सरकारी रेट बाजरे का 1425 है जबकि मंडी में उन्हें एक हजार से 1100 रुपये में बेचना पड़ रहा है। जिससे किसान को काफी नुकसान हो रहा है।
खाद्य आपूर्ति विभाग के निरीक्षक मुकेश कुमार ने बताया कि अब तक बाजार बेचने के लिए कोई किसान मंडी में नहीं पहुंचा है आज एक ट्राली आई है जो कि क्वालिटी के अनुसार सही नहीं थी। मंडी सचिव दीपक कुमार ने बताया कि वे बाजारा खरीदने के लिए तैयार हैं। आज ही एक ट्राली बाजरे की आई है जो खरीद के अनुसार सही नहीं है।
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तोशाम। सरकार के आदेश के बावजूद तोशाम की अनाज मंडी में बाजारे की खरीद नहीं की जा रही है। खरीद एजेंसी व मार्केट कमेटी के अधिकारी किसानों को बाजरे की क्वालिटी सही नहीं होने की बात कहकर टाल-मटोल कर देते हैं।
एक अक्तूबर से आज तक तोशाम की मंडी में बाजरे का एक भी दाना नहीं खरीदा गया है। एजेंसी बाजरे की खरीद करने से बच रही हैं वहीं किसानों को भिवानी जाकर बाजरा बेचने व मंडी में बाजरे की खरीद होने की बात कहकर किसानों को गुमराह कर रहे हैं।
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सरकार ने एक अक्तूबर से बाजरे की खरीद करने के आदेश दिए थे। जिसके कारण किसान बाजरा मंडी में ले तो आते हैं लेकिन खरीद ना होने के कारण वापस ले जाना पड़ता है। पटोदी निवासी किसान जोगेंद्र ने बताया कि वह बुधवार को बाजरा बेचने के लिए ट्राली में लेकर गया था। पहले तो उसे मंडी में कोई नहीं मिला। करीब एक बजे के करीब खरीद करने वाली एजेंसी के अधिकारी वहां पहुंचे। किसान ने बताया कि खरीद करने वाले अधिकारी आते ही बाजरे में कमी बताने लगे और कहने लगे की बाजरा सरकार के नियमों अनुसार सही नहीं है। इसको खरीदा नहीं जा सकता।
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किसान का कहना है कि सरकारी रेट बाजरे का 1425 है जबकि मंडी में उन्हें एक हजार से 1100 रुपये में बेचना पड़ रहा है। जिससे किसान को काफी नुकसान हो रहा है।
खाद्य आपूर्ति विभाग के निरीक्षक मुकेश कुमार ने बताया कि अब तक बाजार बेचने के लिए कोई किसान मंडी में नहीं पहुंचा है आज एक ट्राली आई है जो कि क्वालिटी के अनुसार सही नहीं थी। मंडी सचिव दीपक कुमार ने बताया कि वे बाजारा खरीदने के लिए तैयार हैं। आज ही एक ट्राली बाजरे की आई है जो खरीद के अनुसार सही नहीं है।