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प्रिंटिड राशन कार्ड में पिता को बना दिया पुत्र, बच्चों की उम्र माता-पिता से ज्यादा
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अमर उजाला ब्यूरो
भिवानी। डिजिटलाइजेशन के फेर में फंसे राशन कार्ड उपभोक्ता कार्ड बनवाने और गलतियां ठीक कराने के लिए अधिकारियों के चक्कर लगा रहे हैं। प्रिंट होकर आए करीब डेढ़ लाख कार्डों में अधिकतर में खामियां है। कहीं पिता को पुत्र दिखाया है तो बच्चों की उम्र माता-पिता से ज्यादा कर दी गई है। जिससे अधिकतर कार्ड डिपो पर भी नहीं भेजे गए हैं। अब विभाग कर्मचारी कंप्यूटर से प्रिंट आउट निकाल राशन कार्ड पर चस्पा उपभोक्ताओं को दे रहे हैं। इतना ही नहीं मुख्य समस्याकार्ड ब्लॉक या डिएक्टिवेट होना। हजारों कार्ड डिएक्टिवेट हो गए हैं। जिन्हें एक्टिव करने के लिए मुख्यालय में पत्र लिखा गया है।
2005 के बाद से प्रदेश में राशन कार्ड नहीं बनाए गए हैं। जिसके बाद 2013 में डिजिटलाइजेशन के लिए सर्वे किया गया था। जिसके तहत सालभर पहले 2018 में करीब डेढ़ लाख राशन कार्ड भेजे गए थे। जो चार श्रेणियों एपीएल (हरा कार्ड), बीपीएल (पीला), एएवाई में (गुलाबी), प्राथमिक परिवार (खाखी) कार्ड दिए जाते हैं। इनमें हरे कार्ड को छोड़ बाकी कार्ड धारकों को रियायती दर पर डिपो पर राशन दिया जाता है। मुख्यालय से जिन कार्ड धारकों को राशन दिया जाता है, उनके प्रिंटिड राशन कार्ड जिला मुख्यालय पर भिजवाए थे। जो कि 2013 के आंकड़ों के आधार पर थे। यहां पहुंचे कार्डों की जांच की तो लगभग सभी में खामियां मिली। किसी में पता गलत मिला तो किसी में पिता को बेटा और बेटे को पिता बना दिया। बच्चों की उम्र माता-पिता से ज्यादा दर्ज कर दी। पिछले पांच सालों में अधिकतर परिवारों में सदस्यों की संख्या भी कम या ज्यादा हो गई। ऐसे में समस्या खड़ी हो गई। जिसके बाद अब विभाग अधिकारियों ने निर्णय लिया है कि प्रिंटिंड राशन कार्ड पर ही विभाग की ओर से कंप्यूटर से प्रिंटआउट सही डाटा निकालकर लगाया जाए और उसी पर खाद्य एवं आपूर्ति अधिकारियों की स्टांप लगे। अब कार्ड लेने और ठीक कराने वाले चक्कर काट रहे है।
ब्लॉक हो रहे कार्ड, कब खुलेेंगे किसी को नहीं जानकारी
राशन कार्ड और आधार कार्ड में पते का मिलान नहीं होने व अन्य कारणों के कारण अनेक उपभोक्ताओं के आधार कार्ड ब्लॉक हो गए हैं। विभाग कर्मचारियों की माने तो नए बने करीब साढ़े सात हजार कार्डों में से 50 से 60 फीसदी तक कार्ड ब्लॉक यानी डिएक्टिवेट हो गए हैं। अब करीब चार सौ कार्ड धारकों की एक्सेल सीट बनाकर कर्मचारियों ने जिला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक के माध्यम से मुख्यालय के पास भेजी है। जिन्हें नई दिल्ली में कंपनी के पास भेजकर एक्टिवेट करवाया जाएगा। अन्य डिएक्टिवेट हुए कार्डों की भी लिस्ट बनाई जा रही है।
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राशन कार्ड और आधार कार्ड का पता अलग हुआ तो नहीं बनेगा कार्ड
अब विभाग की ओर से नए आदेश जारी किए गए हैं। जिसके तहत राशन कार्ड बनवाने के लिए आधार कार्ड और राशन कार्ड में पता एक होना चाहिए। पता बदला है तो पहले आधार कार्ड में ठीक करवाएं। उसके बाद ही राशन कार्ड में आवेदन करें। ऐसे में नया मकान बनाने वालों, शादी के बाद अपना अलग कार्ड बनाने वालों के समक्ष समस्या खड़ी हो गई है और उन्हें आधार कार्ड का पता बदलवाने के लिए चक्कर काटने पड़ रहे हैं।
यूं होगा समस्याओं का समाधान
- राशन कार्ड में नाम कटवाने या जुड़वाने के लिए विभाग अलग-अलग फार्मेट जारी किया है। बीपीएल श्रेणी के राशन कार्ड में नए सदस्य का नाम जुड़वाने व नाम कटवाने के लिए पीआर सेंटर (परचेज सेंटर) में फार्मेट जमा कराना होगा। इसके बाद जिला खाद्य एवं आपूर्ति कार्यालय इस आवेदन को अथोरिटी के पास भेजकर सिफारिश करेगा। विभागीय चार्टर के अनुसार 32 दिन के अंदर ये प्रक्रिया पूरी करने की अवधि निर्धारित की गई है।
- खामी दूर करने के लिए भी निर्धारित फार्मेट भरकर पीआर सेंटर में जमा कराना होगा। ऑन लाइन ठीक किया जाएगा और इसकी अवधि भी 32 दिन की तय है।
- नए राशन कार्ड के लिए ऑन लाइन आवेदन किया जा सकता है। इसके तहत सरल पोर्टल, ई-दिशा केंद्र में भी आवेदन किया जा सकता है।
ब्लॉक हुए कार्ड एक्टिवेट करवाने के लिए मुख्यालय को पत्र लिखा है। जो कार्ड प्रिंट होकर आए थे और उनमें जानकारी पूरी नहीं है, उसके लिए हम कंप्यूटर से अपडेट डाटा का प्रिंट आउट निकाल कर लगा रहे हैं। राशन कार्ड और आधार कार्ड में पता एक होना जरूरी है। सरल पोर्टल, पीआर सेंटर पर आवेदन कर कार्ड की खामियों को दूर करवाया जा सकता है।
- अनिल कालड़ा, जिला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक
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भिवानी। डिजिटलाइजेशन के फेर में फंसे राशन कार्ड उपभोक्ता कार्ड बनवाने और गलतियां ठीक कराने के लिए अधिकारियों के चक्कर लगा रहे हैं। प्रिंट होकर आए करीब डेढ़ लाख कार्डों में अधिकतर में खामियां है। कहीं पिता को पुत्र दिखाया है तो बच्चों की उम्र माता-पिता से ज्यादा कर दी गई है। जिससे अधिकतर कार्ड डिपो पर भी नहीं भेजे गए हैं। अब विभाग कर्मचारी कंप्यूटर से प्रिंट आउट निकाल राशन कार्ड पर चस्पा उपभोक्ताओं को दे रहे हैं। इतना ही नहीं मुख्य समस्याकार्ड ब्लॉक या डिएक्टिवेट होना। हजारों कार्ड डिएक्टिवेट हो गए हैं। जिन्हें एक्टिव करने के लिए मुख्यालय में पत्र लिखा गया है।
2005 के बाद से प्रदेश में राशन कार्ड नहीं बनाए गए हैं। जिसके बाद 2013 में डिजिटलाइजेशन के लिए सर्वे किया गया था। जिसके तहत सालभर पहले 2018 में करीब डेढ़ लाख राशन कार्ड भेजे गए थे। जो चार श्रेणियों एपीएल (हरा कार्ड), बीपीएल (पीला), एएवाई में (गुलाबी), प्राथमिक परिवार (खाखी) कार्ड दिए जाते हैं। इनमें हरे कार्ड को छोड़ बाकी कार्ड धारकों को रियायती दर पर डिपो पर राशन दिया जाता है। मुख्यालय से जिन कार्ड धारकों को राशन दिया जाता है, उनके प्रिंटिड राशन कार्ड जिला मुख्यालय पर भिजवाए थे। जो कि 2013 के आंकड़ों के आधार पर थे। यहां पहुंचे कार्डों की जांच की तो लगभग सभी में खामियां मिली। किसी में पता गलत मिला तो किसी में पिता को बेटा और बेटे को पिता बना दिया। बच्चों की उम्र माता-पिता से ज्यादा दर्ज कर दी। पिछले पांच सालों में अधिकतर परिवारों में सदस्यों की संख्या भी कम या ज्यादा हो गई। ऐसे में समस्या खड़ी हो गई। जिसके बाद अब विभाग अधिकारियों ने निर्णय लिया है कि प्रिंटिंड राशन कार्ड पर ही विभाग की ओर से कंप्यूटर से प्रिंटआउट सही डाटा निकालकर लगाया जाए और उसी पर खाद्य एवं आपूर्ति अधिकारियों की स्टांप लगे। अब कार्ड लेने और ठीक कराने वाले चक्कर काट रहे है।
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ब्लॉक हो रहे कार्ड, कब खुलेेंगे किसी को नहीं जानकारी
राशन कार्ड और आधार कार्ड में पते का मिलान नहीं होने व अन्य कारणों के कारण अनेक उपभोक्ताओं के आधार कार्ड ब्लॉक हो गए हैं। विभाग कर्मचारियों की माने तो नए बने करीब साढ़े सात हजार कार्डों में से 50 से 60 फीसदी तक कार्ड ब्लॉक यानी डिएक्टिवेट हो गए हैं। अब करीब चार सौ कार्ड धारकों की एक्सेल सीट बनाकर कर्मचारियों ने जिला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक के माध्यम से मुख्यालय के पास भेजी है। जिन्हें नई दिल्ली में कंपनी के पास भेजकर एक्टिवेट करवाया जाएगा। अन्य डिएक्टिवेट हुए कार्डों की भी लिस्ट बनाई जा रही है।
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राशन कार्ड और आधार कार्ड का पता अलग हुआ तो नहीं बनेगा कार्ड
अब विभाग की ओर से नए आदेश जारी किए गए हैं। जिसके तहत राशन कार्ड बनवाने के लिए आधार कार्ड और राशन कार्ड में पता एक होना चाहिए। पता बदला है तो पहले आधार कार्ड में ठीक करवाएं। उसके बाद ही राशन कार्ड में आवेदन करें। ऐसे में नया मकान बनाने वालों, शादी के बाद अपना अलग कार्ड बनाने वालों के समक्ष समस्या खड़ी हो गई है और उन्हें आधार कार्ड का पता बदलवाने के लिए चक्कर काटने पड़ रहे हैं।
यूं होगा समस्याओं का समाधान
- राशन कार्ड में नाम कटवाने या जुड़वाने के लिए विभाग अलग-अलग फार्मेट जारी किया है। बीपीएल श्रेणी के राशन कार्ड में नए सदस्य का नाम जुड़वाने व नाम कटवाने के लिए पीआर सेंटर (परचेज सेंटर) में फार्मेट जमा कराना होगा। इसके बाद जिला खाद्य एवं आपूर्ति कार्यालय इस आवेदन को अथोरिटी के पास भेजकर सिफारिश करेगा। विभागीय चार्टर के अनुसार 32 दिन के अंदर ये प्रक्रिया पूरी करने की अवधि निर्धारित की गई है।
- खामी दूर करने के लिए भी निर्धारित फार्मेट भरकर पीआर सेंटर में जमा कराना होगा। ऑन लाइन ठीक किया जाएगा और इसकी अवधि भी 32 दिन की तय है।
- नए राशन कार्ड के लिए ऑन लाइन आवेदन किया जा सकता है। इसके तहत सरल पोर्टल, ई-दिशा केंद्र में भी आवेदन किया जा सकता है।
ब्लॉक हुए कार्ड एक्टिवेट करवाने के लिए मुख्यालय को पत्र लिखा है। जो कार्ड प्रिंट होकर आए थे और उनमें जानकारी पूरी नहीं है, उसके लिए हम कंप्यूटर से अपडेट डाटा का प्रिंट आउट निकाल कर लगा रहे हैं। राशन कार्ड और आधार कार्ड में पता एक होना जरूरी है। सरल पोर्टल, पीआर सेंटर पर आवेदन कर कार्ड की खामियों को दूर करवाया जा सकता है।
- अनिल कालड़ा, जिला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक