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सचिवालय के बाहर गरजीं परियोजना कर्मचारी
Updated Sat, 09 Dec 2017 11:46 PM IST
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सचिवालय के बाहर गरजीं परियोजना कर्मचारी
भिवानी। लघु सचिवालय के बाहर तीन दिवसीय महापड़ाव के पहले दिन परियोजना कर्मचारी गरजीं और सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी। शनिवार को राज्य कमेटियों के आह्वान पर परियोजना कर्मचारियों ने सचिवालय के बाहर तीन दिवसीय पड़ाव की शुरुआत की। पड़ाव की अध्यक्षता मिड डे मील वर्कर्स यूनियन की जिला प्रधान सुदेश रिवासा ने की। मांगों का ज्ञापन नायाब तहसीलदार के मार्फत मुख्यमंत्री व सांसद धर्मबीर सिंह को भेजा।
कर्मचारियों से सीटू कार्यकारी अध्यक्ष विनोद कुमार ने कहा कि भाजपा सरकार झूठे नारों की सरकार है। राज्य सरकार एक तरफ बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ की बात करती है, दूसरी तरफ एक लाख के करीब परियोजना कर्मचारियों के साथ धोखा किया जा रहा हैं। मुख्यमंत्री ने पिछले दिनों को मिड डे मील वर्कर्स यूनियन के राज्य स्तरीय प्रतिनिधिमंडल से बातचीत में इनकी वेतन बढ़ोतरी का वायदा किया, लेकिन पूरा नहीं किया व अब इनके अस्थायी रोजगार को भी खत्म करने की तैयारी की जा रही हैं। मिड डे मील के काम को पंचायतों को सौंपा जा रहा है।
उन्होंने कहा कि परियोजना कर्मचारियों की राष्ट्रीय फेडरेशन व सीटू आने वाले दिनों में परियोजना कर्मचारियों का बड़ा आंदोलन खड़ा करेगी। 17 जनवरी को तीनों परियोजनाओं की राष्ट्रीय फेडरेशन राष्ट्रीय हड़ताल जवाब देगी। सीटू जिला प्रधावन कामरेड ओमप्रकाश, जिला सचिव अनिल कुमार, जिला कोषाध्यक्ष राममेहर सिंह, सर्व कर्मचारी संघ के नेता यादविरेंन्द्र शर्मा, राजकीय विद्यालय अध्यापक संघ जिला सचिव सुखदर्शन सरोहा, रोडवेज के नेता राजकुमार दलाल, नरेन्द्र दिनोद आदि ने संबोधित किया। इस मौके पर यूनियन नेता कैलाश, चन्द्रकला, बीरमती, भतेरी, गुड्डी, मंजू आदि भी मौजूद रहीं।
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ये हैं प्रमुख मांग
मिड डे मील कर्मियों ने मिड डे मील समेत तमाम परियोजना कर्मियों पक्का कर्मचारी का दर्जा देने, न्यूनतम वेतन 18000 लागू करने, पीएएफ, ईएसआईए बोनस, ग्रेच्यूटी, पेंशन आदि लेबर कानून लागू करने, निजीकरण पर रोक लगाने, हटाई गई मिड डे मील कर्मचारियों को वापस लेने, मिड डे मील के काम को पंचायतों को न सौंपने आदि मांग प्रमुख हैं।
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भिवानी। लघु सचिवालय के बाहर तीन दिवसीय महापड़ाव के पहले दिन परियोजना कर्मचारी गरजीं और सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी। शनिवार को राज्य कमेटियों के आह्वान पर परियोजना कर्मचारियों ने सचिवालय के बाहर तीन दिवसीय पड़ाव की शुरुआत की। पड़ाव की अध्यक्षता मिड डे मील वर्कर्स यूनियन की जिला प्रधान सुदेश रिवासा ने की। मांगों का ज्ञापन नायाब तहसीलदार के मार्फत मुख्यमंत्री व सांसद धर्मबीर सिंह को भेजा।
कर्मचारियों से सीटू कार्यकारी अध्यक्ष विनोद कुमार ने कहा कि भाजपा सरकार झूठे नारों की सरकार है। राज्य सरकार एक तरफ बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ की बात करती है, दूसरी तरफ एक लाख के करीब परियोजना कर्मचारियों के साथ धोखा किया जा रहा हैं। मुख्यमंत्री ने पिछले दिनों को मिड डे मील वर्कर्स यूनियन के राज्य स्तरीय प्रतिनिधिमंडल से बातचीत में इनकी वेतन बढ़ोतरी का वायदा किया, लेकिन पूरा नहीं किया व अब इनके अस्थायी रोजगार को भी खत्म करने की तैयारी की जा रही हैं। मिड डे मील के काम को पंचायतों को सौंपा जा रहा है।
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उन्होंने कहा कि परियोजना कर्मचारियों की राष्ट्रीय फेडरेशन व सीटू आने वाले दिनों में परियोजना कर्मचारियों का बड़ा आंदोलन खड़ा करेगी। 17 जनवरी को तीनों परियोजनाओं की राष्ट्रीय फेडरेशन राष्ट्रीय हड़ताल जवाब देगी। सीटू जिला प्रधावन कामरेड ओमप्रकाश, जिला सचिव अनिल कुमार, जिला कोषाध्यक्ष राममेहर सिंह, सर्व कर्मचारी संघ के नेता यादविरेंन्द्र शर्मा, राजकीय विद्यालय अध्यापक संघ जिला सचिव सुखदर्शन सरोहा, रोडवेज के नेता राजकुमार दलाल, नरेन्द्र दिनोद आदि ने संबोधित किया। इस मौके पर यूनियन नेता कैलाश, चन्द्रकला, बीरमती, भतेरी, गुड्डी, मंजू आदि भी मौजूद रहीं।
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ये हैं प्रमुख मांग
मिड डे मील कर्मियों ने मिड डे मील समेत तमाम परियोजना कर्मियों पक्का कर्मचारी का दर्जा देने, न्यूनतम वेतन 18000 लागू करने, पीएएफ, ईएसआईए बोनस, ग्रेच्यूटी, पेंशन आदि लेबर कानून लागू करने, निजीकरण पर रोक लगाने, हटाई गई मिड डे मील कर्मचारियों को वापस लेने, मिड डे मील के काम को पंचायतों को न सौंपने आदि मांग प्रमुख हैं।