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प्रशासन ने फ्री कोचिंग के लिए रखा एंट्रेंस टेस्ट, बंद मिला स्कूल गेट

Mon, 10 Jul 2017 12:19 AM IST
Updated Mon, 10 Jul 2017 12:19 AM IST
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प्रशासन ने फ्री कोचिंग के लिए रखा एंट्रेंस टेस्ट, बंद मिला स्कूल गेट
अमर उजाला ब्यूरो
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भिवानी।
आईआईटी, एनईईटी की फ्री कोचिंग के लिए जिला प्रशासन ने एंट्रेंस टेस्ट रखा था। इस टेस्ट शामिल होने के लिए पहुंचे बच्चों और उनके अभिभावकों को निर्धारित स्कूल के गेट बंद मिले। इससे नाराज अभिभावक डीसी कैंप ऑफिस पहुंच गए। बाद में आनन-फानन में टेस्ट लिया गया। निर्धारित समय से एक घंटे देरी से टेस्ट शुरू होने के कारण बड़ी संख्या में बच्चे टेस्ट देने से वंचित रह गए।
आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के होनहार बच्चों को नि:शुल्क आईआईटी, एनईईटी की कोचिंग दिलाने के लिए योजना शुरू की गई है। इसके तहत प्रदेशभर से 400 बच्चों का चयन होना है। इन्हें विशेषज्ञों से कोचिंग दिलाई जाएगी। सरकार की इस योजना के लिए बड़ी संख्या में बच्चों ने आवेदन किया था।
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परीक्षा का समय सुबह 10 बजे और सेंटर बाल भवन स्कूल बनाया गया। 11वीं, 12वीं और 12वीं पास विद्यार्थी सुबह ही अपने अभिभावकों के साथ एंट्रेंस टेस्ट देने के लिए परीक्षा केंद्र बाल भवन स्कूल पहुंच गए। सुबह करीब साढ़े नौ बजे तक लगभग 200 बच्चे अपने अभिभावकों के साथ बाल भवन स्कूल के गेट पर खड़े थे। लेकिन, निर्धारित समय पर स्कूल का गेट नहीं खोला गया।
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पूछने पर स्कूल के कर्मचारियों ने बताया कि उनके पास टेस्ट की कोई सूचना नहीं है। एंट्रेंस टेस्ट का समय सुबह 10 बजे का था। इसलिए अभिभावक और बच्चे 10 बजे तक आयोजकों का इंतजार करते रहे। जब कोई नहीं आया तो अभिभावकों ने रोष जताना शुरू किया। कुछ डीसी कैंप ऑफिस पहुंचे। जानकारी होने के बाद आयोजकों को फोन किया गया।
बाल भवन स्कूल की प्रिंसिपल से फोन पर ही टेस्ट कराने की अनुमति ली गई। इसके बाद सुबह करीब 11 बजे बाल भवन स्कूल में एंट्रेंस टेस्ट शुरू हो सका।

एक घंटे धूप में खड़े रहे, कोई नहीं आया
आयोजकों के नहीं आने से खफा अभिभावकों ने कहा कि एक घंटे सभी धूप में खड़े रहे, मगर कोई नहीं आया। जो सूचना तीन दिन पहले स्कूल संचालकों को दी जानी चाहिए थी, वह अब एंट्रेंस टेस्ट के शुरू करने के समय फोन पर दी गई। अभिभावक सुकेंद्र, शिव कुमार, राजेश, कमल ने बताया कि सुबह नौ बजे ही परीक्षा केंद्र पर पहुंच गए थे। वहां ऐसा लगा ही नहीं कि एंट्रेंस टेस्ट है। स्कूल का गेट बंद। अंदर किसी को जानकारी नहीं। डीसी कैंप ऑफिस गए तो ये कर्मचारी आए।

बाल भवन स्कूल और सेंटर के लगाते रहे चक्कर
लोग इस असमंजस में भी थे कि परीक्षा केंद्र बाल भवन स्कूल है या बाल भवन सेंटर। पहले बच्चे और अभिभावक बाल भवन स्कूल पहुंचे। वहां गेट बंद मिला। अंदर कोई व्यवस्था भी नहीं दिखी। इसके बाद वे चिड़ियाघर रोड स्थित बाल भवन सेंटर पहुंचे। वहां भी उन्हें कुछ नजर नहीं आया। उन्हें कोई सही जानकारी देने वाला भी नहीं मिला।

करीब 100 बच्चे नहीं दे पाए टेस्ट
एंट्रेंस टेस्ट के लिए करीब साढ़े तीन सौ बच्चों ने आवेदन किया था। वे टेस्ट देने पहुंचे तो स्कूल कर्मचारियों ने बताया कि यहां आज कोई टेस्ट नहीं है। इस कारण करीब 100 बच्चे लौट गए। गफलत की वजह से 250 बच्चे ही टेस्ट दे पाए।


हमारे भिवानी कोऑर्डिनेटर का एक्सीडेंट हो गया था। उसकी हालत गंभीर है। इस कारण अव्यवस्था फैली। जिला प्रशासन को स्कूल प्रबंधन को सूचित करना था। उन्होंने सूचना नहीं दी। बाद में सूचना देकर टेस्ट करवाया गया। करीब 250 बच्चों ने टेस्ट दिए हैं। कुछ बच्चे टेस्ट नहीं दे पाए।
नवीन मिश्रा, संस्थापक
विकल्प फाउंडेशन
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