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स्मॉग शांत करने को फोगर मशीन से कृत्रिम बारिश
Updated Wed, 15 Nov 2017 12:50 AM IST
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भिवानी। लगातार बढ़ रहे स्मॉग को रोकने के लिए मंगलवार को फोगर मशीन से शहर की सड़कों पर बारिश की गई। मशीन ने लगभग तीन घंटे पानी की फुहार छोड़ी, ताकि हवा में उड़ रहे प्रदूषित कण जमीन पर बैठ जाएं।
राज्य प्रदूषण बोर्ड ने मंगलवार सुबह फोगर मशीन को शहर की सड़कों पर उतारा। मशीन की मदद से ऑटो मार्केट देवीलाल चौक पर पानी की फुहारें छोड़ीं। इसके बाद मशीन तोशाम बाईपास होते हुए हांसी गेट, लघु सचिवालय, सेक्टर 13 व 23, महम रोड, अग्रसेन चौक, दादरी गेट होते शहर के कई हिस्सों में पानी का छिड़काव किया।
प्रदूषण बोर्ड ने फोगर मशीन को किराये पर लिया है। यह मशीन सप्ताहभर शहर में रहेगी। मशीन की 20 हजार लीटर पानी की क्षमता है। बोर्ड के एसडीओ विनय गिल ने बताया कि फोगर मशीन से सड़कों पर पानी छिड़काव की वजह से हालात आज कुछ सुधरे हैं। मंगलवार को दृश्यता 115 मीटर प्रति मील दर्ज की गई। कल दृश्यता का स्तर 27 मीटर प्रति मील था। उन्होंने बताया कि पानी के छिड़काव से वायु प्रदर्शन व स्मॉग कम होने का अनुमान है।
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मशीन इंडोनेशिया में बनी, कीमत एक करोड़
फोगर मशीन की कीमत अनुमानित एक करोड़ रुपये है। यूं तो मशीन की कीमत लगभग 50 लाख रुपये है। मशीन को रखने के लिए ट्रक और जनरेटर की कीमत जोड़ दी जाए तो यह एक करोड़ के आसपास बनती है।
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ओस की बूंदों की तरह पानी को फेंकती है मशीन
हवा में मौजूद प्रदूषित कणों को जमीन पर लाने के लिए फोगर मशीन का केनन पानी को बुलबुलों और ओस की तरह फेंकता है। मशीन का केनन 90 डिग्री तक घूम कर दोनों तरफ पानी की फुहार फेंक सकता है। फुहार की धार 35 से 40 मीटर तक जा सकती हैं और 70 से 80 फुट ऊंचाई तक जा सकती है। मशीन के टैंक की क्षमता 20 हजार लीटर है। एक बार टैंक फुल करने के बाद तीन से लेकर चार घंटे मशीन चल सकती है।
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प्रदूषण बोर्ड के पास नहीं है कोई फोगर मशीन
एनसीआर क्षेत्र को छोड़ दें तो राज्य प्रदूषण बोर्ड के पास खुद की फोगर मशीन नहीं है। हालात बिगड़े तो बोर्ड ने माइनिंग कंपनी से किराये पर फोगर मशीन ली है। भिवानी, चरखी दादरी समेत कई जिलों में पहली बार इस मशीन का इस्तेमाल किया गया है।
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राज्य प्रदूषण बोर्ड ने मंगलवार सुबह फोगर मशीन को शहर की सड़कों पर उतारा। मशीन की मदद से ऑटो मार्केट देवीलाल चौक पर पानी की फुहारें छोड़ीं। इसके बाद मशीन तोशाम बाईपास होते हुए हांसी गेट, लघु सचिवालय, सेक्टर 13 व 23, महम रोड, अग्रसेन चौक, दादरी गेट होते शहर के कई हिस्सों में पानी का छिड़काव किया।
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प्रदूषण बोर्ड ने फोगर मशीन को किराये पर लिया है। यह मशीन सप्ताहभर शहर में रहेगी। मशीन की 20 हजार लीटर पानी की क्षमता है। बोर्ड के एसडीओ विनय गिल ने बताया कि फोगर मशीन से सड़कों पर पानी छिड़काव की वजह से हालात आज कुछ सुधरे हैं। मंगलवार को दृश्यता 115 मीटर प्रति मील दर्ज की गई। कल दृश्यता का स्तर 27 मीटर प्रति मील था। उन्होंने बताया कि पानी के छिड़काव से वायु प्रदर्शन व स्मॉग कम होने का अनुमान है।
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मशीन इंडोनेशिया में बनी, कीमत एक करोड़
फोगर मशीन की कीमत अनुमानित एक करोड़ रुपये है। यूं तो मशीन की कीमत लगभग 50 लाख रुपये है। मशीन को रखने के लिए ट्रक और जनरेटर की कीमत जोड़ दी जाए तो यह एक करोड़ के आसपास बनती है।
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ओस की बूंदों की तरह पानी को फेंकती है मशीन
हवा में मौजूद प्रदूषित कणों को जमीन पर लाने के लिए फोगर मशीन का केनन पानी को बुलबुलों और ओस की तरह फेंकता है। मशीन का केनन 90 डिग्री तक घूम कर दोनों तरफ पानी की फुहार फेंक सकता है। फुहार की धार 35 से 40 मीटर तक जा सकती हैं और 70 से 80 फुट ऊंचाई तक जा सकती है। मशीन के टैंक की क्षमता 20 हजार लीटर है। एक बार टैंक फुल करने के बाद तीन से लेकर चार घंटे मशीन चल सकती है।
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प्रदूषण बोर्ड के पास नहीं है कोई फोगर मशीन
एनसीआर क्षेत्र को छोड़ दें तो राज्य प्रदूषण बोर्ड के पास खुद की फोगर मशीन नहीं है। हालात बिगड़े तो बोर्ड ने माइनिंग कंपनी से किराये पर फोगर मशीन ली है। भिवानी, चरखी दादरी समेत कई जिलों में पहली बार इस मशीन का इस्तेमाल किया गया है।