फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Ambala News ›   Worship Mother Goddess with Ghatasthapana on the first day of Navratri.

Ambala News: नवरात्र के पहले दिन घटस्थापना से करे मां का पूजन

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 07 Apr 2024 02:22 AM IST
विज्ञापन
Worship Mother Goddess with Ghatasthapana on the first day of Navratri.
अंबाला सिटी। नवरात्र का विशेष महत्व है। मां नवरात्र में घोड़े पर सवार होकर आ रही है, जोकि भक्तों के लिए शुभ रहेगा। इस मौके पर सिटी के पं. कन्हैया लाल, पं. विशाल शास्त्री, पं. दिनेश शास्त्री, पं. रोहित कृष्ण शास्त्री और पं.धर्मपाल शास्त्री का कहना है कि आदिशक्ति माता दुर्गा की अराधना का पर्व चैत्र नवरात्रि आगामी नौ अप्रैल से प्रारंभ हो रही है।
विज्ञापन

नवरात्र में माता के नौ अलग-अलग स्वरूपों की विभिन्न प्रकार से पूजा की जाएगी। नवरात्र के पहले दिन घटस्थापना और अखंड ज्योति जलाई जाती है।

नौ अप्रैल को सुबह मुहूर्त
फोटो नंबर-44

सिटी शर्मा कॉलोनी निवासी पंडित धर्मपाल शर्मा ने बताया कि कलश स्थापना का शुभमुहूर्त नौ अप्रैल को सुबह 6 बजकर 2 मिनट से 10 बजकर 16 मिनट तक रहेगा, वहीं अभिजीत मुहूर्त 9 अप्रैल को सुबह 11 बजकर 57 मिनट से 12 बजकर 48 मिनट तक रहेगा। इसी मुहूर्त के दौरान ही मां भक्त पूजा आदि के कार्यक्रम संपन्न करें।
विज्ञापन


अष्टमी पूजन 16 अप्रैल को
फोटो नंबर-45
सिटी नाहन हाउस कॉलोनी निवासी पंडित कपिल कालिया ने बताया कि नवरात्रि के आठवें दिन अष्टमी मनाई जाती है। इस दिन माता के महागौरी रूप की पूजा विशेष रूप से की जाएगी। चैत्र नवरात्रि में अष्टमी की तिथि 15 अप्रैल को दोपहर 12 बजकर 11 मिनट से शुरू होकर 16 अप्रैल को दोपहर 1 बजकर 23 मिनट तक रहेगी। अष्टमी पूजन 16 अप्रैल को ही रहेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन


फोटो नंबर-46

नवमी पर मनेगा श्रीराम जन्मोत्सव
सिटी महेंद्र नगर निवासी पंडित रोहित कृष्ण शास्त्री ने बताया कि नवरात्रि की नवमी को माता के सिद्धिदात्री स्वरूप की पूजा की जाएगी। इस दिन हवन और कन्या पूजन के बाद व्रत रखने वाले भक्त विधिवत अपने कार्य संपन्न करें। नवरात्रि में नवमी की तिथि 16 अप्रैल को दोपहर एक बजकर 23 मिनट से शुरू होकर 17 अप्रैल को दोपहर 3 बजकर 14 मिनट तक रहेगी, चैत्र नवरात्रि की नवमी पूजन 17 अप्रैल को ही मानी जाएगी। नवमी तिथि की विशेषता यह भी है कि इस दिन प्रभु श्रीराम का जन्मोत्सव भी मनाया जाता है।


फोटो नंबर-47
दुख और रोग होते दूर
सिटी दुर्गानगर निवासी पंडित दलीप शास्त्री ने बताया कि शास्त्रों में कहा गया है कि भगवान शिव ने देवी मां सिद्धिदात्री की कृपा से 9 सिद्धियों को प्राप्त किया था। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, नवरात्रि के आखिरी दिन माता रानी को लाल रंग की चुनरी चढ़ाने से सभी प्रकार के दुख संकट और दोष दूर हो जाते हैं और इस दिन हवन करने की भी परंपरा है। इसे विधिवत करने से नवरात्र की पूजा सफल मानी जाती है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed