फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Ambala News ›   Was languishing in Ambala 2.25 lakh bags of wheat

अंबाला में सड़ गई 2.25 लाख गेहूं की बोरियां

Fri, 06 Nov 2015 12:29 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला,अंबाला
ब्यूरो/अमर उजाला,अंबाला Updated Fri, 06 Nov 2015 12:29 AM IST
विज्ञापन
Was languishing in Ambala 2.25 lakh bags of wheat

दो नवंबर को प्रदेश के सहकारिता मंत्री ने हैफेड के गोदाम से सरकारी गेहूं की चोरी का खेल पकड़ा था और इसकी जांच के आदेश दिए थे। लेकिन जब अफसरों ने सरकारी एजेंसी हैफेड के गोदामों में जांच शुरू की तो नया ही नजारा सामने आ गया। अंबाला में हैफेड के इन गोदामों में रखा सरकारी गेहूं की लाखों बोरियां ही सड़ चुकी है।

विज्ञापन


अंबाला के मोटामाजरा-सौंडा और मानकपुर में स्थित हैफेड गोदामों में करीबन 2.25 लाख गेहूं की बोरियों में रखा अनाज पूरी तरह से सड़ गया है। इस गेहूं में बारीक कीड़े और घुण तक लग चुका है। ये देखकर यहां पहुंचे अफसरों की टीम बहुत ही ज्यादा हैरान है।
विज्ञापन


इसी को लेकर अंबाला के डीसी मनदीप बराड़ को भी सूचित किया जा चुका है। अफसर फिलहाल इस मामले में कुछ कहने से झिझक रहे हैं, अफसरों का कहना है कि अभी जांच की जा रही है, उसके बाद ही आगामी कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन


ये है गोदाम में रखे गेहूं का रिकार्ड
उल्लेखनीय है कि हैफेड का कार्यालय अंबाला सिटी में घेल रोड पर है, जबकि इसके गोदाम मोटामाजरा और मानकपुर गांव में हैं। मानकपुर गोदाम में इस वक्त गेहूं की 2.27 लाख बोरियां पड़ी है, जबकि मोटामाजरा गोदाम में 1.04 लाख बोरियां पड़ी हुई है। लेकिन मौजूदा स्थिति यह है कि दोनों गोदामों में मौजूद कुल बोरियों में से करीबन 2.25 लाख गेहूं की बोरियाें में रखा गेहूं पूरी तरह से सड़ चुका है।

इन तमाम बोरियों को तिरपालों के नीचे आराम से छिपाकर रखा गया था। इन गोदामों में सीसीटीवी कैमरे लगे हुए हैं और यहां हैफेड अफसरों, कर्मचारियों, ठेकेदार और उनके कारिंदों के अलावा बिना अनुमति किसी को भी जाने की अनुमति नहीं है। लेकिन सहकारिता मंत्री के बाद प्रशासनिक अधिकारियों ने जब पहली बार इस तरह से इन गोदामों की जांच शुरू की तो गोदामों में रखे अनाज के हालात देखकर अफसर भी दंग रह गए।

इस कदर सड़ा अनाज कि जानवर भी न खाएं
गोदामों में अनाज के सड़ने की हालत इस कदर बदतर है कि इस अनाज को जानवर तक न खाएं। आलम यह रहा कि मोटामाजरा और मानकपुर दोनों गोदामों में अफसरों ने जैसे-जैसे तिरपालें हटवाई, वैसे-वैसे पूरी फिजा में जबरदस्त बदबू और उड़ने वाले बारीक घुणनुमा कीड़ों का अटैक अफसरों और वहां मौजूद मजदूरों पर कर दिया। अफसर और अन्य लोग कपड़ों से कीड़ों को हटाकर जांच करते गए।

अधिकतर बोरियों में रखा गेहूं काला होकर सड़ चुका है, हर बोरी में बारिक किस्म के सफेद और लाल किस्म की उड़ने वाली बारीक घुण रेंग रही थी। कई बोरियां तो अनाज के सड़ने से फट चुकी थी। जबकि गेहूं में इस्तेमाल होने वाली पेस्टीसाइड की वजह से दुर्गंध का आलम बना हुआ था।

बोरियों पर जमा सफेद रंग का पाउडर
उधर, अधिकतर बोरियां तो कीड़ों द्वारा खाए जाने के बाद सफेद रंग का पाउडर से ढक चुकी थी। तिरपाल उठाते ही ये पाउडर फिजा में उड़ने लगा, जिससे वहां मौजूद लोगों को कुछ पल के लिए सांस लेने में भी दिक्कत महसूस हुई। जांच के दौरान मानकपुर गोदामों में एसडीएम अंबाला कैप्टन शक्ति सिंह जांच कर रहे थे, तो मोटामाजरा गोदाम में कानूनगो कौशल भारद्वाज समेत कई पटवारी गुरध्यान सिंह, निर्मल सिंह, रणजीत सिंह, रण सिंह व दलबीर सिंह की निगरानी में बोरियों की गिनती और जांच जारी थी। अभी तक प्रथम दृष्टया जांच में फिलहाल 2.25 लाख गेहूं की बोरियों के खराब होने की आशंका जताई गई है, जिसकी कीमत करीबन 15.75 करोड़ रुपये आंकी जा रही है।

गोदामों में हड़कंप, ढेरियों पर चढ़े अफसर
 जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ती गई अफसर हैरान होते गए। इस खेल में बड़े गड़बड़झाला की आशंका जब एसडीएम अंबाला को हुई तो उन्होंने गोदाम में बाकायदा सीढ़ी मंगवा ली और खुद तिरपालें खुलवाने के बाद सीढ़ी से ढेरियों पर चढ़कर उन्होंने सड़ चुकी गेहूं का जायजा लिया।

इस दौरान बाकायदा उनके साथ हैफेड के डीएम अनिल चौहान व अन्य हैफेड कर्मचारी मौजूद रहे। मानकुपर और मोटामजारा गोदामों में इस जांच के दौरान जबरदस्त हड़कंप मचा रहा। किसी भी हैफेड अफसर व कर्मचारियों ने इस बारे में फिलहाल बात करने से किनारा कर लिया।

बरसातों में भीगता रहा अनाज
इन गोदामों में लाखों बोरियों में रखा ये अनाज पिछले दिनों हुई बारिशों में भीगता रहा। इसी वजह से ये अनाज की बोरियां भीगती चली गई। उसके बाद जब इन गिली बोरियों पर तिरपालें ढकी गई तो ये गीला गेहूं सड़ गया और अनाज काला पड़ गया। इसी तरह ये गेहूं सड़ता चला गया और हैफेड अफसर व कर्मचारी बेपरवाह रहे।

मंत्री न तो आते तो शायद न होता खुलासा
दरअसल, दो नवंबर को राज्य सहकारिता मंत्री विक्रम यादव अंबाला में अचानक ही हैफेड गोदाम में जांच के लिए पहुंच गए थे। इस दौरान उन्होंने यहां घेल रोड पर हैफेड कार्यालय में जांच की और सड़े हुए अनाज की आड़ में अच्छी गेहूं की बोरियों की हो रही चोरी को रंगे हाथों पकड़ा था।

तभी सहकारिता मंत्री को यहां कुछ गड़बड़ी की आशंका हुई थी। जिसके चलते उन्होंने डीसी अंबाला को इस मामले में जांच कर उनसे जांच रिपोर्ट देने के आदेश दिए थे। लेकिन अब जब जिला प्रशासनिक अफसरों ने हैफेड गोदामों की जांच की तो नजारा हैरान और परेशान करने वाला सामने आ गया।

वर्जन
अभी हैफेड गोदामों में जांच की गई है। बोरियों की गिनती करवाई गई है। स्थिति थोड़ी हैरान करने वाली है, लेकिन अभी जांच चल रही है। वे अपनी जांच पूरी करके आला अफसरों को देेंगे, तब तक वे इस मसले पर कुछ नहीं कह सकते।

- कैप्टन शक्ति सिंह, एसडीएम अंबाला
---
आला अफसरों के कहने पर सरकारी टीम मोटामाजरा गोदाम में अनाज की जांच के लिए आई है। वे जल्द ही अपनी रिपोर्ट अफसरों को सौंप देंगे। आला अफसर ही इसमें कुछ बता सकते हैं।
- कौशल भारद्वाज, कानूनगो, अंबाला सिटी

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed