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विस्टाडोम डिब्बों से निहार सकेंगे कालका-शिमला सेक्शन की वादियां, पांच ट्रेनों में होगा बदलाव
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Vistadome coaches will be able to see the plains of Kalka-Shimla section, there will be change in five trains
- फोटो : Ambala
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अंबाला। कालका शिमला टॉय ट्रेन के पुराने डिब्बों को जल्द ही हाई स्पीड नैरो गेज विस्टाडोम डिब्बों से बदल दिया जाएगा। इन डिब्बों का निर्माण पंजाब के कपूरथला स्थित रेल कोच फैक्टरी में पहले ही शुरू हो चुका है। अब डिब्बों के डिजाइन और अन्य सुविधाओं पर काम चल रहा है।
विस्टाडोम डिब्बे लगने से कालका-शिमला रेलवे लाइन पर चलने वाली मशहूर टॉय ट्रेन भी अन्य हाई स्पीड ट्रेनों की तरह दौड़ती हुई नजर आएगी। यात्री विस्टाडोम डिब्बों से कालका-शिमला सेक्शन की वादियां आसानी से निहार सकेंगे। इन डिब्बों के जुड़ने के बाद वर्तमान में 25 से 30 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली टॉय ट्रेन की गति कालका शिमला रेलवे लाइन पर स्वत: ही 40 से 55 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ जाएगी। उम्मीद है कि दिसंबर तक डिब्बों को ट्रायल रन के लिए लखनऊ में रिसर्च डिजाइन स्टैंडर्ड ऑर्गेनाइजेशन आरडीएसओ को भेजा जाएगा और मंजूरी के बाद रेलवे द्वारा इन डिब्बों की पूरी सीरीज तैयार कर दी जाएगी। पारदर्शी विस्टाडोम डिब्बों से पर्यटक प्रकृति को करीब से निहार सकेंगे। रेलवे ने रेलवे कोच फैक्टरी कपूरथला को 30 डिब्बे तैयार करने के निर्देश दिए हैं और इसकी डेडलाइन भी दिसंबर 2021 तय की है।
घूमने वाली लगेंगी सीट
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, चूंकि ये टॉय ट्रेन है, इसलिए तैयार किए जा रहे विस्टाडोम डिब्बों में सीटों की संख्या कम रखी जाएगी। संभावना है कि प्रत्येक डिब्बे में 24 से 30 सीटें होंगी। ये डिब्बे नॉन एसी होंगे। सभी सीटें सुविधाजनक, अतिरिक्त जगह के साथ 180 डिग्री पर घूमने में सक्षम होंगी, यानी ट्रेन जिस दिशा में चलेगी, सीट उसी दिशा में घुमाई जा सकेगी।
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अक्तूबर 2020 में चली थी विस्टाडोम ट्रेन
मार्च 2020 में कोरोनाकाल के दौरान लगे लॉकडाउन के बाद अक्तूबर 2020 में विस्टाडोम डिब्बे की टॉय ट्रेन का संचालन आरंभ किया गया था। यह सुविधा एक्सप्रेस ट्रेन नंबर 04515/04516 कालका-शिमला-कालका में दी गई थी। ट्रेन का संचालन त्योहारी सीजन को देखते हुए 20 अक्तूबर से 30 नवंबर तक किया गया था।
आसानी से चढ़ उतर सकेंगे दिव्यांग
नवनिर्मित विस्टाडोम डिब्बों में सामान्य यात्रियों के अलावा दिव्यांगजनों के लिए भी सुविधा होगी ताकि व्हील चेयर से आनेजाने में कोई परेशानी न हो। उनके लिए डिब्बों के मुख्य दरवाजे बड़े और चौड़े होंगे ताकि आसानी से व्हील चेयर सीट तक पहुंच सके। इसके अलावा डिब्बे में सूचना प्रणाली और वाईफाई की भी सुविधा मिलेगी।
चल रहा काम
दिल्ली मुख्यालय द्वारा 30 नए विस्टाडोम कोच तैयार करने का ऑर्डर दिया गया है। यह डिब्बे कालका-शिमला सेक्शन पर चलने वाली पांच ट्रेनों में लगाए जाएंगे।
-जितेश कुुमार, पीआरओ आरसीएफ, कपूरथला।
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विस्टाडोम डिब्बे लगने से कालका-शिमला रेलवे लाइन पर चलने वाली मशहूर टॉय ट्रेन भी अन्य हाई स्पीड ट्रेनों की तरह दौड़ती हुई नजर आएगी। यात्री विस्टाडोम डिब्बों से कालका-शिमला सेक्शन की वादियां आसानी से निहार सकेंगे। इन डिब्बों के जुड़ने के बाद वर्तमान में 25 से 30 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली टॉय ट्रेन की गति कालका शिमला रेलवे लाइन पर स्वत: ही 40 से 55 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ जाएगी। उम्मीद है कि दिसंबर तक डिब्बों को ट्रायल रन के लिए लखनऊ में रिसर्च डिजाइन स्टैंडर्ड ऑर्गेनाइजेशन आरडीएसओ को भेजा जाएगा और मंजूरी के बाद रेलवे द्वारा इन डिब्बों की पूरी सीरीज तैयार कर दी जाएगी। पारदर्शी विस्टाडोम डिब्बों से पर्यटक प्रकृति को करीब से निहार सकेंगे। रेलवे ने रेलवे कोच फैक्टरी कपूरथला को 30 डिब्बे तैयार करने के निर्देश दिए हैं और इसकी डेडलाइन भी दिसंबर 2021 तय की है।
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घूमने वाली लगेंगी सीट
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, चूंकि ये टॉय ट्रेन है, इसलिए तैयार किए जा रहे विस्टाडोम डिब्बों में सीटों की संख्या कम रखी जाएगी। संभावना है कि प्रत्येक डिब्बे में 24 से 30 सीटें होंगी। ये डिब्बे नॉन एसी होंगे। सभी सीटें सुविधाजनक, अतिरिक्त जगह के साथ 180 डिग्री पर घूमने में सक्षम होंगी, यानी ट्रेन जिस दिशा में चलेगी, सीट उसी दिशा में घुमाई जा सकेगी।
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अक्तूबर 2020 में चली थी विस्टाडोम ट्रेन
मार्च 2020 में कोरोनाकाल के दौरान लगे लॉकडाउन के बाद अक्तूबर 2020 में विस्टाडोम डिब्बे की टॉय ट्रेन का संचालन आरंभ किया गया था। यह सुविधा एक्सप्रेस ट्रेन नंबर 04515/04516 कालका-शिमला-कालका में दी गई थी। ट्रेन का संचालन त्योहारी सीजन को देखते हुए 20 अक्तूबर से 30 नवंबर तक किया गया था।
आसानी से चढ़ उतर सकेंगे दिव्यांग
नवनिर्मित विस्टाडोम डिब्बों में सामान्य यात्रियों के अलावा दिव्यांगजनों के लिए भी सुविधा होगी ताकि व्हील चेयर से आनेजाने में कोई परेशानी न हो। उनके लिए डिब्बों के मुख्य दरवाजे बड़े और चौड़े होंगे ताकि आसानी से व्हील चेयर सीट तक पहुंच सके। इसके अलावा डिब्बे में सूचना प्रणाली और वाईफाई की भी सुविधा मिलेगी।
चल रहा काम
दिल्ली मुख्यालय द्वारा 30 नए विस्टाडोम कोच तैयार करने का ऑर्डर दिया गया है। यह डिब्बे कालका-शिमला सेक्शन पर चलने वाली पांच ट्रेनों में लगाए जाएंगे।
-जितेश कुुमार, पीआरओ आरसीएफ, कपूरथला।