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Ambala News: दो बार रिकॉर्ड अंतर से जीते थे कांग्रेस के विनोद शर्मा
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सतनाम सिंह
अंबाला सिटी। अंबाला शहर विधानसभा सीट इस चुनाव में चर्चित सीट बनी हुई है। इस सीट ने प्रदेश को राज्य से लेकर केंद्रीय मंत्री दिए हैं। इस सीट पर कई चुनाव में जीत कांटे की रही है और कई जीत में अंतर बड़ा रहा।
पिछले चुनावों को देखें तो 2005 और 2009 का चुनाव ऐसा रहा था, जब कांग्रेस के विनोद शर्मा ने इस सीट के इतिहास में सबसे ज्यादा अंतर से जीत दर्ज की थी। 2005 में कांग्रेस के विनोद शर्मा को 50 हजार 618 वोट और इनेलो के सुरजीत सिंह को 15 हजार 302 वोट मिले। विनोद शर्मा 35 हजार 316 वोट से जीते थे।
इसके बाद 2009 में कांग्रेस के विनोद शर्मा को 69 हजार 435 व शिरोमणि अकाली दल की बीबी चरणजीत कौर मलौर को 33 हजार 885 वोट मिले। विनोद शर्मा 35 हजार 550 वोट से जीते। यह इस सीट के सभी चुनावों में सबसे बड़े अंतर की जीत भी रही थी।
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जानिए...कब, कौन और कितने अंतर से जीता
1967 के चुनाव में अखिल भारतीय जन संघ के फकीर चंद अग्रवाल को 15 हजार 887 वोट और कांग्रेस के एजी खान को 8 हजार 973 वोट मिले। फकीर चंद अग्रवाल छह हजार 914 वोट से जीते। 1968 में कांग्रेस की लेखवती जैन को 14 हजार 552 वोट और अखिल भारतीय जन संघ के फकीर चंद अग्रवाल को नाै हजार 482 वोट मिले। लेखवती जैन पांच हजार 70 वोट से जीती। 1972 में कांग्रेस की लेखवती जैन को 16 हजार 932 वोट और अखिल भारतीय जन संघ के लक्ष्मी नारायण को 16 हजार 170 वोट मिले। लेखवती जैन 762 वोट से जीती। 1977 में जनता पार्टी के शिव प्रसाद को 28 हजार 237 वोट और कांग्रेस की लेखवती जैन को 8 हजार 279 वोट मिले। शिव प्रसाद 19 हजार 958 वोट से जीते। 1982 में भाजपा के शिव प्रसाद को 21 हजार 847 वोट और कांग्रेस के सुमेर चंद को 18 हजार 646 वोट मिले। शिव प्रसाद 3 हजार 201 वोट से जीते। 1987 में भाजपा के शिव प्रसाद को 25 हजार 73 व कांग्रेस के रामयश को 19 हजार 632 वोट मिले। शिव प्रसाद 5 हजार 441 वोट से जीते। 1991 में कांग्रेस के सुमेर चंद को 20 हजार 489 वोट और भाजपा के फकीर चंद अग्रवाल को 19 हजार 388 वोट मिले। सुमेर चंद 1 हजार 101 वोट से जीते। 1996 में भाजपा के फकीरचंद अग्रवाल को 28 हजार 570 वोट और कांग्रेस के सुमेर चंद को 24 हजार 900 वोट मिले। फकीर चंद 3 हजार 670 वोट से जीते। 2000 में भाजपा की वीना छिब्बर को 29 हजार 949 वोट और कांग्रेस की किरन बाला को 23 हजार 840 वोट मिले। छिब्बर 6 हजार 109 वोट से जीती। 2005 में कांग्रेस के विनोद शर्मा को 50 हजार 618 वोट और इनेलो के सुरजीत सिंह को 15 हजार 302 वोट मिले। विनोद शर्मा 35 हजार 316 वोट से जीते। 2009 में कांग्रेस के विनोद शर्मा को 69 हजार 435 व शिअद की बीबी चरणजीत कौर मलौर को 33 हजार 885 वोट मिले। विनोद शर्मा 35 हजार 550 वोट से जीते। 2014 में भाजपा के असीम गोयल को 60 हजार 216 और हरियाणा जनचेतना पार्टी के विनोद शर्मा को 36 हजार 964 वोट मिले। असीम गोयल 23 हजार 252 वोट से जीते। 2019 में असीम गोयल को 64 हजार 896 वोट और निर्दलीय निर्मल सिंह को 55 हजार 944 वोट मिले। असीम गोयल 8 हजार 952 वोट से जीते थे।
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अंबाला सिटी। अंबाला शहर विधानसभा सीट इस चुनाव में चर्चित सीट बनी हुई है। इस सीट ने प्रदेश को राज्य से लेकर केंद्रीय मंत्री दिए हैं। इस सीट पर कई चुनाव में जीत कांटे की रही है और कई जीत में अंतर बड़ा रहा।
पिछले चुनावों को देखें तो 2005 और 2009 का चुनाव ऐसा रहा था, जब कांग्रेस के विनोद शर्मा ने इस सीट के इतिहास में सबसे ज्यादा अंतर से जीत दर्ज की थी। 2005 में कांग्रेस के विनोद शर्मा को 50 हजार 618 वोट और इनेलो के सुरजीत सिंह को 15 हजार 302 वोट मिले। विनोद शर्मा 35 हजार 316 वोट से जीते थे।
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इसके बाद 2009 में कांग्रेस के विनोद शर्मा को 69 हजार 435 व शिरोमणि अकाली दल की बीबी चरणजीत कौर मलौर को 33 हजार 885 वोट मिले। विनोद शर्मा 35 हजार 550 वोट से जीते। यह इस सीट के सभी चुनावों में सबसे बड़े अंतर की जीत भी रही थी।
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1967 के चुनाव में अखिल भारतीय जन संघ के फकीर चंद अग्रवाल को 15 हजार 887 वोट और कांग्रेस के एजी खान को 8 हजार 973 वोट मिले। फकीर चंद अग्रवाल छह हजार 914 वोट से जीते। 1968 में कांग्रेस की लेखवती जैन को 14 हजार 552 वोट और अखिल भारतीय जन संघ के फकीर चंद अग्रवाल को नाै हजार 482 वोट मिले। लेखवती जैन पांच हजार 70 वोट से जीती। 1972 में कांग्रेस की लेखवती जैन को 16 हजार 932 वोट और अखिल भारतीय जन संघ के लक्ष्मी नारायण को 16 हजार 170 वोट मिले। लेखवती जैन 762 वोट से जीती। 1977 में जनता पार्टी के शिव प्रसाद को 28 हजार 237 वोट और कांग्रेस की लेखवती जैन को 8 हजार 279 वोट मिले। शिव प्रसाद 19 हजार 958 वोट से जीते। 1982 में भाजपा के शिव प्रसाद को 21 हजार 847 वोट और कांग्रेस के सुमेर चंद को 18 हजार 646 वोट मिले। शिव प्रसाद 3 हजार 201 वोट से जीते। 1987 में भाजपा के शिव प्रसाद को 25 हजार 73 व कांग्रेस के रामयश को 19 हजार 632 वोट मिले। शिव प्रसाद 5 हजार 441 वोट से जीते। 1991 में कांग्रेस के सुमेर चंद को 20 हजार 489 वोट और भाजपा के फकीर चंद अग्रवाल को 19 हजार 388 वोट मिले। सुमेर चंद 1 हजार 101 वोट से जीते। 1996 में भाजपा के फकीरचंद अग्रवाल को 28 हजार 570 वोट और कांग्रेस के सुमेर चंद को 24 हजार 900 वोट मिले। फकीर चंद 3 हजार 670 वोट से जीते। 2000 में भाजपा की वीना छिब्बर को 29 हजार 949 वोट और कांग्रेस की किरन बाला को 23 हजार 840 वोट मिले। छिब्बर 6 हजार 109 वोट से जीती। 2005 में कांग्रेस के विनोद शर्मा को 50 हजार 618 वोट और इनेलो के सुरजीत सिंह को 15 हजार 302 वोट मिले। विनोद शर्मा 35 हजार 316 वोट से जीते। 2009 में कांग्रेस के विनोद शर्मा को 69 हजार 435 व शिअद की बीबी चरणजीत कौर मलौर को 33 हजार 885 वोट मिले। विनोद शर्मा 35 हजार 550 वोट से जीते। 2014 में भाजपा के असीम गोयल को 60 हजार 216 और हरियाणा जनचेतना पार्टी के विनोद शर्मा को 36 हजार 964 वोट मिले। असीम गोयल 23 हजार 252 वोट से जीते। 2019 में असीम गोयल को 64 हजार 896 वोट और निर्दलीय निर्मल सिंह को 55 हजार 944 वोट मिले। असीम गोयल 8 हजार 952 वोट से जीते थे।