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ठेका बंदे करवाने के लिए एक सप्ताह का अल्टीमेटम
अमर उजाला/ब्यूरो/अंबाला
Updated Tue, 12 Jul 2016 12:59 AM IST
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ज्ञापन देने जाती महिलाएं
- फोटो : amar ujala
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सोमवार को जिला कष्ट निवारण समिति की बैठक के दौरान उपायुक्त को ज्ञापन देने पहुंचे जंडली निवासियों ने गांव में खुले शराब के ठेके को बंद करवाने के लिए और कांवला में अवैध शराब की बिक्री को समाप्त करने की मांग की।
जंडली के पंच रामपाल, रीतू, मोहन सिंह, सुनील कुमार, अरुण कुमार, परमजीत कौर, नंबरदार जसमेर चंद, नंबरदार हरपाल ािंसह, सोना देवी, निर्मला देवी, सनहरी आदि ने कहा कि गांव जंडली आबादी क्षेत्र में अंग्रेजी व देसी शराब के ठेके खुले हुए हैं जिनमें से देसी शराब का ठेका नगर निगम की भूमि पर अवैध तरीके से दुकान बनाकर खुला है और उसके ठीक सामने अंग्रेजी शराब का ठेका खुला हुआ है।
ग्रामीणों ने कहा कि जिस स्थान पर यह दोनों ठेके खुले हुए हैं वहां से गांव के अधिकांश लोगों का आना-जाना होता है। संध्या काल के समय में यहां शराबियों का जमघट लगा रहता है, जिसके चलते वहां से गुजरने पर गांव के लोगों विशेषकर महिलाओं को प्रतिदिन एक अपमानजनक स्थिति से गुजरना पड़ता है।
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इन ठेकों की वजह से गांव की युवा पीढ़ी नशे की लत से बर्बाद हो रही है। ग्रामीणों ने उपायुक्त से मांग की कि गांव की आबादी से इन दानों ठेकों को तुरंत प्रभाव से बंद किया जाए। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन ने एक सप्ताह के अंदर कोई कार्रवाई नहीं की तो ग्रामीणों को मजबूर होकर स्वयं कार्रवाई करनी पड़ेगी जिसकी जिम्मेवारी जिला प्रशासन व सरकार की होगी।
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जंडली के पंच रामपाल, रीतू, मोहन सिंह, सुनील कुमार, अरुण कुमार, परमजीत कौर, नंबरदार जसमेर चंद, नंबरदार हरपाल ािंसह, सोना देवी, निर्मला देवी, सनहरी आदि ने कहा कि गांव जंडली आबादी क्षेत्र में अंग्रेजी व देसी शराब के ठेके खुले हुए हैं जिनमें से देसी शराब का ठेका नगर निगम की भूमि पर अवैध तरीके से दुकान बनाकर खुला है और उसके ठीक सामने अंग्रेजी शराब का ठेका खुला हुआ है।
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ग्रामीणों ने कहा कि जिस स्थान पर यह दोनों ठेके खुले हुए हैं वहां से गांव के अधिकांश लोगों का आना-जाना होता है। संध्या काल के समय में यहां शराबियों का जमघट लगा रहता है, जिसके चलते वहां से गुजरने पर गांव के लोगों विशेषकर महिलाओं को प्रतिदिन एक अपमानजनक स्थिति से गुजरना पड़ता है।
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इन ठेकों की वजह से गांव की युवा पीढ़ी नशे की लत से बर्बाद हो रही है। ग्रामीणों ने उपायुक्त से मांग की कि गांव की आबादी से इन दानों ठेकों को तुरंत प्रभाव से बंद किया जाए। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन ने एक सप्ताह के अंदर कोई कार्रवाई नहीं की तो ग्रामीणों को मजबूर होकर स्वयं कार्रवाई करनी पड़ेगी जिसकी जिम्मेवारी जिला प्रशासन व सरकार की होगी।