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बर्फ में भी सरपट दौड़ रही टॉय ट्रेन, वर्ल्ड हैरिटेज कालका-शिमला सेक्शन का लुत्फ उठा रहे सैलानी
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अंबाला। शिमला रेलवे स्टेशन से रवाना होती टॉय ट्रेन
- फोटो : Ambala
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कालका-शिमला वर्ल्ड हैरिटेज नैरोगेज सेक्शन पर दौड़ रही चार टॉय ट्रेन पूरी तरह से फुल चल रही हैं। बर्फ के मौसम में सैलानियों की भीड़ लगातार बढ़ती जा रही है। वहीं, आने वाले समय मौसम बदलते ही उक्त टॉय ट्रेन गर्मी में भी सर्दी का एहसास कराएंगी। रेलवे ने एडवाइजरी जारी की है कि यात्री कंफर्म टिकट के साथ ही टॉय ट्रेनों में सफर करें, ताकि उन्हें किसी परेशानी का सामना न करना पड़े।
कालका-शिमला रेल सेक्शन दुनिया में बहुत कम विरासत वाले रेलवे में से एक सेक्शन है। यहां सांस रोक देने वाले परिदृश्य, विशाल पहाड़, हलचल वाले बाजार, शानदार होटल और रेस्तरां और पूरे वर्ष सुखद मौसम का एहसास है। शिमला में वह सब कुछ है जो उत्तर भारत की चिलचिलाती गर्मियों को मात देने के लिए एक लोकप्रिय गंतव्य है। टॉय ट्रेन की सवारी सैलानियों को हरे-भरे पहाड़ों के बीच सुंदर, धुंधले दृश्यों को दर्शाती है। 1903 में शुरू की गए इस टॉय ट्रेन मार्ग को अब यूनेस्को की साइट के रूप में सूचीबद्ध किया गया है।
4 ट्रेनों में सीटें फुल
कालका को शिमला से जोड़ने वाले रेल मार्ग पर मौजूदा समय में चार जोड़ी विशेष ट्रेनों का संचालन हो रहा है। ट्रेनों में आरक्षण के प्राप्त आंकड़ों के आधार पर जानकारी मिली है कि अधिकांश ट्रेनों में 90 प्रतिशत से अधिक ऑक्यूपेसी है। इसमें ट्रेन 04527 कालका-शिमला शिवालिक डीलक्स स्पेशल में 87 प्रतिशत से अधिक, 04529 कालका-शिमला स्पेशल में 92 प्रतिशत से अधिक, 04517 कालका-शिमला, शिमला महोत्सव विशेष में लगभग 88 प्रतिशत से अधिक व ट्रेन नंबर 04515 कालका-शिमला महोत्सव विशेष में 95 प्रतिशत से अधिक का ऑक्यूपेसी दर्ज की गई।
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सैलानियों को राहत
कोरोना काल के बाद धीरे-धीरे जनजीवन सामान्य हो रहा है और धीरे-धीरे ट्रेनों की संख्या भी बढ़ रही है। कालका-शिमला सेक्शन पर भी सैलानियों की भीड़ लगातार बढ़ रही है। यात्रियों से अनुरोध है कि वे उचित टिकट के साथ ही टॉय ट्रेन में सफर करें और मौसम सहित प्राकृतिक आनंद लें।
- हरि मोहन, वरिष्ठ वाणिज्यक डिवीजनल प्रबंधक, अंबाला।
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कालका-शिमला रेल सेक्शन दुनिया में बहुत कम विरासत वाले रेलवे में से एक सेक्शन है। यहां सांस रोक देने वाले परिदृश्य, विशाल पहाड़, हलचल वाले बाजार, शानदार होटल और रेस्तरां और पूरे वर्ष सुखद मौसम का एहसास है। शिमला में वह सब कुछ है जो उत्तर भारत की चिलचिलाती गर्मियों को मात देने के लिए एक लोकप्रिय गंतव्य है। टॉय ट्रेन की सवारी सैलानियों को हरे-भरे पहाड़ों के बीच सुंदर, धुंधले दृश्यों को दर्शाती है। 1903 में शुरू की गए इस टॉय ट्रेन मार्ग को अब यूनेस्को की साइट के रूप में सूचीबद्ध किया गया है।
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4 ट्रेनों में सीटें फुल
कालका को शिमला से जोड़ने वाले रेल मार्ग पर मौजूदा समय में चार जोड़ी विशेष ट्रेनों का संचालन हो रहा है। ट्रेनों में आरक्षण के प्राप्त आंकड़ों के आधार पर जानकारी मिली है कि अधिकांश ट्रेनों में 90 प्रतिशत से अधिक ऑक्यूपेसी है। इसमें ट्रेन 04527 कालका-शिमला शिवालिक डीलक्स स्पेशल में 87 प्रतिशत से अधिक, 04529 कालका-शिमला स्पेशल में 92 प्रतिशत से अधिक, 04517 कालका-शिमला, शिमला महोत्सव विशेष में लगभग 88 प्रतिशत से अधिक व ट्रेन नंबर 04515 कालका-शिमला महोत्सव विशेष में 95 प्रतिशत से अधिक का ऑक्यूपेसी दर्ज की गई।
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सैलानियों को राहत
कोरोना काल के बाद धीरे-धीरे जनजीवन सामान्य हो रहा है और धीरे-धीरे ट्रेनों की संख्या भी बढ़ रही है। कालका-शिमला सेक्शन पर भी सैलानियों की भीड़ लगातार बढ़ रही है। यात्रियों से अनुरोध है कि वे उचित टिकट के साथ ही टॉय ट्रेन में सफर करें और मौसम सहित प्राकृतिक आनंद लें।
- हरि मोहन, वरिष्ठ वाणिज्यक डिवीजनल प्रबंधक, अंबाला।