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बच्चों को बताया, शिक्षा बिना जीवन अधूरा
ब्यूरो/अमर उजाला अंबाला
Updated Mon, 14 Nov 2016 12:14 AM IST
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बच्चों को बताया, शिक्षा बिना जीवन अधूरा
- फोटो : Amar Ujala
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एसडी विद्या स्कूल में रविवार को माडल यूनाइटेड नेशंस कांफ्रेंस का समापन कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस समारोह में कैंटोनमेंट बोर्ड के उपप्रधान सुरेंद्र तिवारी, आशीष अग्रवाल मुख्यातिथि के रूप में उपस्थित रहे। हरियाणा राज्य की लोक संस्कृति को दर्शाते हुए विद्यालय के विद्यार्थियों ने वाद्य यंत्रों पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।
वक्ताओं ने कहा कि जीवन में शिक्षा की भूमिका अहम होती है। शिक्षा के बिना जीवन अधूरा है। उन्होंने कहा कि देश को आतंकवाद जैसे भयानक राक्षस को जड़ से मिटाने के लिए ऐसी बुद्धिमान व शिक्षित पीढ़ी की आवश्यकता है। यह तभी संभव है जब इन बच्चों को ऐसा मंच प्रदान किया जाए, जहां उनके ज्ञान में वृद्धि हो। इस कार्यक्रम में बाहर से आए हुए विद्यार्थियों ने एक दूसरे के साथ अपने-अपने अनुभवों को बांटा।
निदेशक प्राचार्य नील इंद्रजीत कौर संधू ने बताया कि इस सम्मेलन जनरल असेंबली और मानव संसाधन काउंसिल में बांटा गया, जिनमें बच्चों ने ज्वलंत विषयों पर चर्चा की। इस दौरान विद्यार्थी आगे चलकर शिक्षा की भूमिका के द्वारा आतंकवाद का खात्मा किस प्रकार कर सकते हैं तथा फांसी की सजा की वैद्यता जैसे मुद्दों पर अपने विचार रखे। था। शारीरिक दंड उचित या अनुचित। इस दौरान विजेताओं को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।
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वक्ताओं ने कहा कि जीवन में शिक्षा की भूमिका अहम होती है। शिक्षा के बिना जीवन अधूरा है। उन्होंने कहा कि देश को आतंकवाद जैसे भयानक राक्षस को जड़ से मिटाने के लिए ऐसी बुद्धिमान व शिक्षित पीढ़ी की आवश्यकता है। यह तभी संभव है जब इन बच्चों को ऐसा मंच प्रदान किया जाए, जहां उनके ज्ञान में वृद्धि हो। इस कार्यक्रम में बाहर से आए हुए विद्यार्थियों ने एक दूसरे के साथ अपने-अपने अनुभवों को बांटा।
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निदेशक प्राचार्य नील इंद्रजीत कौर संधू ने बताया कि इस सम्मेलन जनरल असेंबली और मानव संसाधन काउंसिल में बांटा गया, जिनमें बच्चों ने ज्वलंत विषयों पर चर्चा की। इस दौरान विद्यार्थी आगे चलकर शिक्षा की भूमिका के द्वारा आतंकवाद का खात्मा किस प्रकार कर सकते हैं तथा फांसी की सजा की वैद्यता जैसे मुद्दों पर अपने विचार रखे। था। शारीरिक दंड उचित या अनुचित। इस दौरान विजेताओं को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।
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