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Ambala News: ललाना के सरकारी स्कूल में एक अध्यापिका, वह भी एसआईआर में व्यस्त
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उपायुक्त कार्यालय में पहुंची ललाना गांव की पंचायत। संवाद
- फोटो : Archive
65 बच्चों की पढ़ाई ठप, सरपंच ने डीसी को सौंपी शिकायत
संवाद न्यूज एजेंसी
जलबेड़ा। ललाना गांव के राजकीय प्राथमिक विद्यालय में शिक्षकों की कमी के कारण 65 विद्यार्थियों की पढ़ाई अधर में है। स्कूल में एकमात्र शिक्षिका की तैनाती है, जो इन दिनों तीन दिवसीय वोटर कार्ड सत्यापन (एसआईआर) कार्य में व्यस्त हैं। इस वजह से स्कूल में बच्चे बिना शिक्षक के बैठने के लिए मजबूर हैं। सोमवार को इस लचर व्यवस्था से परेशान गांव की सरपंच रितु वाला के नेतृत्व में ग्रामीणों का प्रतिनिधिमंडल उपायुक्त दरबार पहुंचा और शिकायत सौंपी।
ग्रामीण सुनीता, प्रेमा देवी, गुरप्रीत कौर, कमलेश रानी, रजनी और भूपेंद्र कौर का कहना है कि एक महीने से अध्यापिका की अन्य ड्यूटी होने के कारण बच्चों का शैक्षणिक भविष्य अधर में लटका हुआ है। अध्यापिका के गांव में चुनावी कार्य से जुड़े होने के कारण कक्षाएं खाली पड़ी रहती हैं और बच्चे समय व्यर्थ गंवा रहे हैं।
पंचायत सदस्य अवतार सिंह, राम सिंह और गुलाब सिंह ने शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर कड़ा एतराज जताया। ग्रामीणों ने मांग की है कि जब तक स्थायी अध्यापकों की नियुक्ति नहीं होती, तब तक तुरंत किसी अन्य शिक्षक को डेपुटेशन पर भेजा जाए ताकि बच्चों की पढ़ाई सुचारू रूप से चल सके। डीसी ने मामले में जल्द समाधान का आश्वासन दिया है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
जलबेड़ा। ललाना गांव के राजकीय प्राथमिक विद्यालय में शिक्षकों की कमी के कारण 65 विद्यार्थियों की पढ़ाई अधर में है। स्कूल में एकमात्र शिक्षिका की तैनाती है, जो इन दिनों तीन दिवसीय वोटर कार्ड सत्यापन (एसआईआर) कार्य में व्यस्त हैं। इस वजह से स्कूल में बच्चे बिना शिक्षक के बैठने के लिए मजबूर हैं। सोमवार को इस लचर व्यवस्था से परेशान गांव की सरपंच रितु वाला के नेतृत्व में ग्रामीणों का प्रतिनिधिमंडल उपायुक्त दरबार पहुंचा और शिकायत सौंपी।
ग्रामीण सुनीता, प्रेमा देवी, गुरप्रीत कौर, कमलेश रानी, रजनी और भूपेंद्र कौर का कहना है कि एक महीने से अध्यापिका की अन्य ड्यूटी होने के कारण बच्चों का शैक्षणिक भविष्य अधर में लटका हुआ है। अध्यापिका के गांव में चुनावी कार्य से जुड़े होने के कारण कक्षाएं खाली पड़ी रहती हैं और बच्चे समय व्यर्थ गंवा रहे हैं।
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पंचायत सदस्य अवतार सिंह, राम सिंह और गुलाब सिंह ने शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर कड़ा एतराज जताया। ग्रामीणों ने मांग की है कि जब तक स्थायी अध्यापकों की नियुक्ति नहीं होती, तब तक तुरंत किसी अन्य शिक्षक को डेपुटेशन पर भेजा जाए ताकि बच्चों की पढ़ाई सुचारू रूप से चल सके। डीसी ने मामले में जल्द समाधान का आश्वासन दिया है।
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