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टोल से बचने को बना रहे सेना के फर्जी पहचान पत्र

Mon, 08 Aug 2016 12:47 AM IST
अमर उजाला/ब्यूरो/अंबाला
अमर उजाला/ब्यूरो/अंबाला Updated Mon, 08 Aug 2016 12:47 AM IST
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to save the toll, fake id of military, ambala
टोल पलाजा - फोटो : amarujala
बहुत से वाहन चालकों की एक हरकत देश की सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बन सकती है। ये वाहन चालक विभिन्न नेशनल और स्टेट हाईवों पर लगे टोल बैरियरों पर टोल टैक्स से बचने को सेना के नकली पहचान पत्र तैयार कर रहे हैं। 
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वाहन चालकों ये हरकत न केवल एक संगीन अपराध है, बल्कि इससे देश की आंतरिक सुरक्षा को भी खतरा है। इस तरीके का इस्तेमाल कर कोई भी संदिग्ध विभिन्न संवेदनशील इलाकों में प्रवेश पाकर किसी बड़ी आतंकी घटना को भी अंजाम दे सकता है। ऐसी कुछेक वारदात अंबाला मिलिट्री अथॉरिटी ने अपनी हद (हरियाणा एवं पंजाब) में गुजरने वाले विभिन्न नेशनल और स्टेट हाईवे पर मौजूद टोल बैरियरों पर पकड़ी भी हैं। उन्हें इलाका पुलिस चौकी व थानों को सुपुर्द कर दिया गया। जबकि एक वाहन चालक को सेना की टीम ने पिछले दिनों ही सैन्य क्षेत्र के कालीपलटन पूल के पास से पकड़ा है। आरोपी उत्तरप्रदेश का रहने वाला था और उसके पास सेना का नकली पहचान पत्र मौजूद था।
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इस बात को लेकर सेना के अफसर काफी गंभीर हैं। उन्होंने इस संबंध में अपनी रिपोर्ट आला अफसरों तक भी पहुंचा दी है। इतना ही नहीं सेना ने अपनी खुफिया विभाग की टीमों को इन विभिन्न टोल बैरियरों से तालमेल रखते हुए ऐसे लोगों पर शिकंजा कसने के निर्देश भी दिए हैं, जो सेना के फर्जी पहचान पत्र का इस्तेमाल कर रहे हैं। लोकल मिलिट्री अथॉरिटी के एक सैन्य अफसर ने इस बात की पुष्टि करते हुए कहा है कि ऐसी हरकतें देश की सुरक्षा के लिए बहुत बड़ा सिरदर्द है। सेना भी ऐसे लोगों की धरपकड़ के लिए अपने स्तर पर जुटी हुई है।
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शिकंजा कसने में सेना भी झेल रही परेशानी
सूत्रों के अनुसार, टोल कर्मचारी इस बात से घबराते हैं कि यदि वाहन चालक की ओर से दिखाए जाने वाला आर्मी का पहचान पत्र उन्हें नकली प्रतीत होता है और इसकी सूचना यदि वे वहां मौजूद पुलिस और सिक्योरिटी को देते भी हैं तो कहीं उस केस में उन्हें शिकायतकर्ता न बनना पड़ जाए। इस पचड़े से बचने के लिए भी टोल कर्मचारी चुप ही रहते हैं। लिहाजा इसके लिए सेना की टीम टोल कर्मचारियों से संपर्क कर उन्हें ऐसे मामलों को पकड़कर इसकी सूचना सेना को देने के लिए प्रेरित कर रही है, क्योंकि मामला देश की सुरक्षा से भी जुड़ा है।
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