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ट्रेन के अंतिम कोच की होगी विशेष निगरानी, विशेष सुरक्षा दस्ता रखेगा नजर

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 01 Sep 2021 02:05 AM IST
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There will be special monitoring of the last coach of the train, special security squad will keep an eye
अंबाला। ट्रेन नंबर 04142 उधमपुर-प्रयागराज में हुई लूटपाट की घटना दोबारा न हो और यात्री बिना किसी डर व खौफ के अपना सफर पूरा करें, इसके लिए आरपीएफ व जीआरपी ने ट्रेन के अंतिम आरक्षित कोच जोकि पहले जनरल कोच थे, उनमें विशेष चौकसी बरतने का फैसला किया है। सुरक्षा एजेंसियों के संयुक्त दस्ते अंतिम कोच में स्टेशन आते ही जांच करेंगे और कोच में बैठे यात्रियों से संदिग्ध व शरारती तत्वों की जानकारी लेंगे।
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कोरोना संक्रमण की रफ्तार कम होते ही एक बार फिर अधिकांश ट्रेनों का संचालन शुरू हो गया है, वहीं ट्रेन में सफर करने वाले यात्रियों की संख्या भी लगातार बढ़ती जा रही है। इस कारण लूटपाट, डकैती, चोरी और छीना झपटी करने वाले गिरोह भी दोबारा सक्रिय हो रहे हैं। शनिवार 28 अगस्त को हुई घटना के बाद से ही सुरक्षा एजेंसियां चौकस हो गई हैं। रात में चलने वाली ट्रेनों की सुरक्षा को लेकर विशेष प्रबंध किए गए हैं। ट्रेन के अंतिम कोच में बैठने वाले यात्रियों के मोबाइल नंबर दर्ज किए जा रहे हैं ताकि सफर के दौरान उनकी सुरक्षा को लेकर पूछताछ की जा सके, वहीं अब प्रत्येक स्टेशन पर ट्रेन के पहुंचने के बाद विशेष सुरक्षा दस्ता कोच की जांच करेगा और यात्रियों से संदिग्ध व शरारती तत्वों की जानकारी लेगा। यात्रियों को जागरूक करने के लिए रेलवे हेल्पलाइन नंबर 139 का प्रचार प्रसार भी किया जाएगा। रेलवे भी इस संबंध में सभी कोच में सुरक्षा व सहायता के लिए हेल्पलाइन नंबर के पोस्टर भी चस्पा कर रहा है ताकि किसी भी मुश्किल में यात्री तुरंत हेल्पलाइन पर सूचना दे सकें।
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रेलवे यार्ड में भी पुख्ता सुरक्षा
छावनी रेलवे स्टेशन पर लगभग 100 से अधिक ट्रेन रात के समय ही गुजरती हैं और इस कारण सभी प्लेटफार्म काफी व्यस्त रहते हैं। इसकी वजह से कुछ ट्रेनों को आउटर पर रोकना पड़ता है। आउटर पर रुकी ट्रेनों में वारदात करने के लिए शरारती तत्व काफी सक्रिय रहते हैं क्योंकि इस दौरान अधिकांश यात्री नींद में होते हैं और उनका सामान चोरी करने के लिए चोरों को ज्यादा मशक्कत भी नहीं करनी पड़ती।
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उधमपुर-प्रयागराज ट्रेन के डी-7 कोच में भी जब लूटपाट की घटना हुई थी तो अधिकांश यात्री नींद में थे। इसलिए छावनी रेलवे यार्ड में ऐसी कोई घटना न हो, इसे रोकने के लिए भी जीआरपी व आरपीएफ की तरफ से लगभग 10 कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है जो अंबाला-दिल्ली रेलवे मार्ग के साथ सहारनपुर और चंडीगढ़ की तरफ जाने वाली रेलवे लाइनों पर तैनात रहेंगे।

पुख्ता सुरक्षा की तैयारी
स्टेशन और ट्रेनों में लूटपाट, डकैती, छीना-झपटी और चोरी की घटनाओं को रोकने के लिए जीआरपी व आरपीएफ संयुक्त रूप से कार्य कर रही हैं। उधमपुर-प्रयागराज में हुई घटना के बाद रात्रि में आने वाली ट्रेनों की विशेष निगरानी की जा रही है। ट्रेन के अंतिम कोच में बैठे यात्रियों की सुरक्षा को लेकर तैयार की गई योजना पर कार्य आरंभ कर दिया है।
-विलायती राम, प्रभारी जीआरपी अंबाला।
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