फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Ambala News ›   There is no psychiatrist in Kurukshetra-Yamunanagar, mentally challenged people are reaching Ambala for checkup

Ambala News: कुरुक्षेत्र यमुनानगर में नहीं मनोरोग चिकित्सक, जांच के लिए अंबाला पहुंच रहे मानसिक दिव्यांग

Mon, 14 Jul 2025 02:16 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अंबाला
संवाद न्यूज एजेंसी, अंबाला Updated Mon, 14 Jul 2025 02:16 AM IST
विज्ञापन
There is no psychiatrist in Kurukshetra-Yamunanagar, mentally challenged people are reaching Ambala for checkup
अंबाला सिटी। मानसिक रोगियों के लिए दिव्यांगता प्रमाण पत्र बनाने के लिए कुरुक्षेत्र और यमुनानगर के मरीज भी इन दिनों प्रमाण पत्र के लिए अंबाला पहुंच रहे हैं। ऐसे में मनोरोग विशेषज्ञों के पास अतिरिक्त भार बढ़ रहा है। हर सप्ताह को देखें तो 40 से 50 मरीज सिर्फ इन दोनों जिलों के ही आते हैं। ऐसे में सिटी व छावनी के चिकित्सकों पर भी अतिरिक्त मरीजों का बोझ बढ़ता जा रहा है।
विज्ञापन

सिटी में डॉ राणा और छावनी में डॉ कुलदीप मानिसक रोगियों का उपचार करते हैं। दूसरे जिलों के मरीजों के बढ़ने से स्थानीय मरीजों के लिए समय भी कम मिल पाता है। वहीं इन दिनों मानसिक रोगियों की ओपीडी भी 120 से अधिक हो रही है।
विज्ञापन

---
मानसिक दिव्यांगता प्रमाण के लिए विशेषज्ञ अनिवार्य
मानसिक दिव्यांगता प्रमाण पत्र बनवाने के लिए मरीज को मनोरोग विशेषज्ञ के समक्ष भेजा जाता है। इसके बाद विशेषज्ञ चिकित्सक प्रतिशत के आधार पर मानसिक दिव्यांगता दर्ज करता हैं। फिर मरीज को प्रमाण पत्र मिलता है। बीते माह से यमुनानगर और कुरुक्षेत्र में जिले में मनोरोग चिकित्सक नहीं है। इसलिए यह समस्या आ गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन

--
छावनी में नहीं ओएसटी केंद्र


नशा छोड़ने वाले मरीजों के लिए अंबाला सिटी में तो ओएसटी केंद्र चलाया जा रहा है। मगर अभी तक इसे छावनी में शुरू नहीं किया गया है। जबकि छावनी में भी 700 से अधिक टीके से नशा करने वाले मरीज हैं। जिन्हें उपचार के लिए अंबाला सिटी आना पड़ता है। ऐसे में 90 प्रतिशत मरीज सिटी में नहीं आते। छावनी में सिर्फ ओपीडी के सहारे ही मरीजों को उपचार दिया जा रहा है। जबकि यहां पर भी एक सेटेलाइट ओएसटी केंद्र खोलना चाहिए। मगर अभी तक न तो विभाग ने इस बारे में विचार किया है और न ही निदेशालय की ओर से कोई प्रपोजल आया है।

--
छावनी में ओएसटी बनाने के लिए अभी सरकार की कोई हिदायतें नहीं मिली है।अगर यहां पर ओएसटी केंद्र खुलेगा तो कई मरीजों को लाभ मिलेगा।
-- डॉ विपिन भंडारी, नोडल अधिकारी जिला मेंटल हेल्थ टीम।
--
यमुनानगर और कुरुक्षेत्र की ओर से सीएमओ व डीजी हेल्थ को पत्र लिखा जाता है। इसके बाद ही मंजूरी मिली है। हमारी ओर से सिर्फ दिव्यांगता प्रतिशत अंकित की जाती है। निर्देशों के आधार पर ही मरीजों को जांचा जा रहा है।
-- डॉ बलविंद्र कौर, डिप्टी सीएमओ, स्वास्थ्य विभाग अंबाला।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed