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Ambala News: मंडी में हर जगह गंदगी, वाटर कूलर भी खराब
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नई अनाज मंडी में फैली गंदगी। संवाद
अंबाला सिटी। गेहूं लगभग पक चुकी है। अगले सप्ताह से कटाई का काम शुरू हो जाएगा। इसके बाद गेहूं मंडियों में आना भी शुरू हो जाएगा। इधर अंबाला सिटी की नई अनाज मंडी में सफाई व्यवस्था अभी तक दुरुस्त नहीं है।
जगह-जगह नालियों में गंदगी के ढेर हैं। कहीं- कहीं तो नालियों में सड़क निर्माण का मलबा जम गया है। इस कारण नालियों में पानी की निकासी भी रुक गई है। धान के सीजन के बाद मंडी की सड़कों को दोबारा बनाया गया है।
पेयजल की भी होगी दिक्कत
गेहूं के सीजन में मजदूरों और किसानों के लिए पीने के पानी की किल्लत रहती है। इसके बाद भी अभी तक मंडी में वाटर कूलरों को दुरुस्त नहीं किया गया। यहां सात से अधिक वाटर कूलर लगाए गए हैं। जिनमें से चार वाटर कूलरों की टूटियां टूटी हैं तो वहीं सफाई भी ठीक से नहीं हुई है। ऐसे में गर्मी के मौसम में पीने का पानी एक बड़ी समस्या बन जाएगी।
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पुल के मलबे की नहीं हुई सफाई
मंडी के पीछे लगते हिसार रोड पुल के पास निर्माण कार्य चल रहा है। इस कारण छह महीने से नाले में गंदगी के ढेर भरे हुए हैं। डीसी से लेकर ठेकेदार को भी पत्र लिखा है। इसके बाद ठेकेदार ने नाममात्र सफाई करवाई थी। इसी दौरान धान का सीजन भी निकल गया, लेकिन नाले की सफाई नहीं हुई है। बारिश हुई तो मंडी से पानी निकालना किसी मुसीबत से कम नहीं होगा। ऐसे में गेहूं के भीगने का भी खतरा बना रहेगा।
वर्जन
सफाई के लिए निगम को पत्र लिखा गया है। शुक्रवार से सफाई का कार्य शुरू हो जाएगा। इसके साथ ही मंडी से बारिश का पानी निकालने के लिए एक अतिरिक्त नाला भी बनाया जा रहा है। इससे बारिश के समय परेशानी न हो।
-दिलेल सिंह, मंडी सचिव अंबाला सिटी।
बीते वर्ष से अधिक आवक की उम्मीद
फसल खरीद के कार्य के लिए डीसी अजय सिंह ने वीरवार को अधिकारियों के साथ बैठक की। बैठक के दौरान उन्होंने अधिकारियों को मंडियों में सभी प्रकार की व्यवस्थाएं दुरूस्त करने के निर्देश दिए। मंडियों में किसानों के बैठने के लिए, पेयजल व्यवस्था, शौचालय व्यवस्था, बिजली की व्यवस्था के साथ-साथ जो अन्य आवश्यक प्रबंध है वे समय रहते सुनिश्चित होने चाहिए।
बैठक में डीएफएससी ने डीसी को बताया कि पिछले वर्ष 2.45 मीट्रिक टन गेहूं की आवक मंडियों में पहुंची थी। इस वर्ष 2.60 मीट्रिक टन गेहूं की आवक आने का अनुमान है। उपायुक्त ने सभी एसडीएम को निर्देश दिए कि खरीद के कार्य से पहले मंडियों का जायजा लें । वहीं खजाना अधिकारी को निर्देश दिए कि नियमानुसार गेहूं की फसल की जो भी पेमेंट है वह सीधा किसान के खाते में समय अवधि के तहत होनी चाहिए।
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जगह-जगह नालियों में गंदगी के ढेर हैं। कहीं- कहीं तो नालियों में सड़क निर्माण का मलबा जम गया है। इस कारण नालियों में पानी की निकासी भी रुक गई है। धान के सीजन के बाद मंडी की सड़कों को दोबारा बनाया गया है।
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पेयजल की भी होगी दिक्कत
गेहूं के सीजन में मजदूरों और किसानों के लिए पीने के पानी की किल्लत रहती है। इसके बाद भी अभी तक मंडी में वाटर कूलरों को दुरुस्त नहीं किया गया। यहां सात से अधिक वाटर कूलर लगाए गए हैं। जिनमें से चार वाटर कूलरों की टूटियां टूटी हैं तो वहीं सफाई भी ठीक से नहीं हुई है। ऐसे में गर्मी के मौसम में पीने का पानी एक बड़ी समस्या बन जाएगी।
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पुल के मलबे की नहीं हुई सफाई
मंडी के पीछे लगते हिसार रोड पुल के पास निर्माण कार्य चल रहा है। इस कारण छह महीने से नाले में गंदगी के ढेर भरे हुए हैं। डीसी से लेकर ठेकेदार को भी पत्र लिखा है। इसके बाद ठेकेदार ने नाममात्र सफाई करवाई थी। इसी दौरान धान का सीजन भी निकल गया, लेकिन नाले की सफाई नहीं हुई है। बारिश हुई तो मंडी से पानी निकालना किसी मुसीबत से कम नहीं होगा। ऐसे में गेहूं के भीगने का भी खतरा बना रहेगा।
वर्जन
सफाई के लिए निगम को पत्र लिखा गया है। शुक्रवार से सफाई का कार्य शुरू हो जाएगा। इसके साथ ही मंडी से बारिश का पानी निकालने के लिए एक अतिरिक्त नाला भी बनाया जा रहा है। इससे बारिश के समय परेशानी न हो।
-दिलेल सिंह, मंडी सचिव अंबाला सिटी।
बीते वर्ष से अधिक आवक की उम्मीद
फसल खरीद के कार्य के लिए डीसी अजय सिंह ने वीरवार को अधिकारियों के साथ बैठक की। बैठक के दौरान उन्होंने अधिकारियों को मंडियों में सभी प्रकार की व्यवस्थाएं दुरूस्त करने के निर्देश दिए। मंडियों में किसानों के बैठने के लिए, पेयजल व्यवस्था, शौचालय व्यवस्था, बिजली की व्यवस्था के साथ-साथ जो अन्य आवश्यक प्रबंध है वे समय रहते सुनिश्चित होने चाहिए।
बैठक में डीएफएससी ने डीसी को बताया कि पिछले वर्ष 2.45 मीट्रिक टन गेहूं की आवक मंडियों में पहुंची थी। इस वर्ष 2.60 मीट्रिक टन गेहूं की आवक आने का अनुमान है। उपायुक्त ने सभी एसडीएम को निर्देश दिए कि खरीद के कार्य से पहले मंडियों का जायजा लें । वहीं खजाना अधिकारी को निर्देश दिए कि नियमानुसार गेहूं की फसल की जो भी पेमेंट है वह सीधा किसान के खाते में समय अवधि के तहत होनी चाहिए।

नई अनाज मंडी में फैली गंदगी। संवाद