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Ambala News: विदश में भेजा जाना था समान, अब पार्टी से समय बढाने की गुजारिश

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 20 Sep 2025 12:17 AM IST
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The goods were to be sent abroad, now the party is requested to extend the time.
साइंस फैक्टरी में खराब सामान बाहर पड़ा हुआ। संवाद
माई सिटी रिपोर्टर
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अंबाला। कारोबारियों के सामने अभी सफाई और उत्पादन शुरू करने की सबसे बड़ी चुनौती है। ऐसे में जिन कंपनियों से साइंस व लेबोरेटरी को विदेशों में सामान भेजा जाता है उनके लिए तो अपनी प्रतिष्ठा को बचाना भी किसी चुनौती से कम नहीं हैं। औद्योगिक क्षेत्र में कुछ बड़ी कंपनियां ऐसी हैं जिनका सामान 30 से अधिक देशाें में सप्लाई होता है। क्षेत्र में जलभराव होने से फैक्टरियों में पानी घुस गया और उत्पादन ठप पड़ गया। ऐसे में इन कारोबारियों को अब विदेश से मिले ऑर्डर को लेकर संघर्ष करना पड़ रहा है। वह अपनी विदेश में बैठी पार्टियों से ऑर्डर सप्लाई के लिए समय बढ़ाने की मांग कर रहे हैं, ताकि जल्द से जल्द उत्पादन शुरू कर वह माल की सप्लाई संबंधित देश में कर सकें। सिर्फ इतना ही नहीं बल्कि सरकार को जाने वाली सप्लाई भी इस जलभराव में प्रभावित हुई है।



उत्पादन शुरू होने में लग सकता है एक माह का समय

औद्योगिक क्षेत्र में उत्पादन शुरू होने में एक महीने का समय लग सकता है, क्योंकि अभी तक फैक्टरियों में सफाई का कार्य ही ठीक से नहीं हो सका है। उद्योग संचालक अपने प्रतिष्ठानों में 30 से 40 कर्मचारियों को लगाकर सफाई का कार्य करा रहे हैं, उनके साथ खुद भी एक-एक सामान से मिट्टी पोंछा रहे हैं फिर भी काम अधिक दिखाई पड़ रहा है।
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कार्यालय में घुसा पानी, खराब सामान निकाला बाहर



अंबाला कैंट के औद्योगिक क्षेत्र में शिव दयाल सूद एंड संस फर्म साइंस व लेबोरेटरी के उत्पाद बनाती है। इनके कार्यालय व फैक्टरी के परिसर में छह से सात फीट तक पानी था। पानी कार्यालय से होता हुआ मशीनों तक पहुंच गया था। मशीनों को अभी तक ठीक नहीं कराया जा सका है। फैक्टरी के कैंपस में जलभराव से खराब हुआ सामान पड़ा दिखा। कंपनी के एडमिन प्रिंस ने बताया कि इंश्योरेंस कंपनी के सर्वे के लिए सामान को बाहर निकाला है। अभी उत्पादन शुरू नहीं हो सका है। यह दूसरी बार है जब जलभराव से नुकसान हुआ है।
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एनसीईआरटी व अन्य राज्यों में जानी थी साइंट किटें
औद्योगिक क्षेत्र में साइंस के एजुकेशनल सामान का कारोबार करने वाले कारोबारियों के लिए अलग प्रकार की समस्या है। वह छोटे-छोटे सामान को साफ करने जैसा जटिल परिश्रम कर रहे हैं। इनका सामान विभिन्न राज्यों में शैक्षणिक संस्थानों व एनसीईआरटी को भेजा जाता है। जलभराव में फैक्टरी के गोदाम में रखी साइंस किटें खराब हो गईं। कंपनी के संचालक आरपी नारंग खुद भी किटों के सामान को रख रहे थे। उन्होंने बताया कि काफी माइक्रोस्कोप पानी में डूबी रहीं। इन्हें अब साफ कराया जाएगा, पेंट किया जाएगा फिर ठीक भी कराना होगा। यह एक अधिक समय लेने वाली प्रक्रिया है। साइंस किटों के जलभराव में डूबने से काफी नुकसान हुआ है। किटों को समय पर भेजना भी एक चुनौती है।

साइंस फैक्टरी में खराब सामान बाहर पड़ा हुआ। संवाद

साइंस फैक्टरी में खराब सामान बाहर पड़ा हुआ। संवाद

साइंस फैक्टरी में खराब सामान बाहर पड़ा हुआ। संवाद

साइंस फैक्टरी में खराब सामान बाहर पड़ा हुआ। संवाद

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