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Ambala News: बाढ़ दे गई जख्म, अब कीचड़ ढहा रहा सितम
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संदीप कुमार
अंबाला। कपड़े सिलकर परिवार चलाने वाली रमन कौर को बाढ़ भारी चोट दे गई। रमन के पास एक यही रोजगार का साधन था। जिससे वह दो बेटियों, दो नातियों व लकवा ग्रस्त पति की देखभाल करती थी। टांगरी नदी में आई बाढ़ के कारण नदी के साथ लगती दर्जनों कॉलोनियों में बाढ़ के पानी के कारण रमन कौर के घर में भी गर्दन तक बाढ़ का पानी घुस गया था। बड़ी मुश्किल से रमन कौर ने पति व बेटियों को निकाला और तीन दिन तक टांगरी नदी के बांध पर सड़क के किनारे गुजर बसर करती रही।
रमन के अनुसार बाढ़ के कारण घर में कमरों की जमीन धंस गई है। घर में रखा सामान डबल बेड, दीवान, फ्रीज, वाशिंग मशीन, सिलाई मशीन व अन्य सामान पानी में डूब गया। कीचड़ के कारण सिलाई की मशीन खराब हो गई। इसी से वह रोजगार करती थी। यहां तक कि पहनने को कपड़े भी नहीं बचे।
हालात यह हैं कि अभी तक घर से कीचड़ नहीं निकल सका है। परिवार पिछले चार दिन से रोजाना कमरों से कीचड़ निकाल रहा है। न्यू शक्ति नगर निवासी रमन कौर ने बताया कि उसके पति सतपाल सिंह ई-रिक्शा चलाते थे। लॉकडाउन में सतपाल सिंह को लकवा हो गया और उनकी जुबान लड़़खड़ाने लगी तथा शरीर की एक साइड सुन्न हो गई। इसके बाद परिवार की जिम्मेदारी रमन कौर पर आ गई।
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दुकानों से लाती थी कपड़े
रमन कौर ने हार नही मानी और घर पर सिलाई मशीन लगाई और दुकानों से कपड़े लाकर घर पर सिलाई मशीन पर कपड़ों को सिलने लगी। रमन के अनुसार उसके पास दो बेटियां है। दोनों बेटियों की शादी हो चुकी है, लेकिन एक बेटी का तलाक हो गया है। जबकि तीन साल पहले दूसरी बेटी को उसके दो बच्चों सहित ससुराल वालों ने मारपीट कर घर से निकाल दिया था। तीन साल से वह भी उसके पास रह रही है।
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अंबाला। कपड़े सिलकर परिवार चलाने वाली रमन कौर को बाढ़ भारी चोट दे गई। रमन के पास एक यही रोजगार का साधन था। जिससे वह दो बेटियों, दो नातियों व लकवा ग्रस्त पति की देखभाल करती थी। टांगरी नदी में आई बाढ़ के कारण नदी के साथ लगती दर्जनों कॉलोनियों में बाढ़ के पानी के कारण रमन कौर के घर में भी गर्दन तक बाढ़ का पानी घुस गया था। बड़ी मुश्किल से रमन कौर ने पति व बेटियों को निकाला और तीन दिन तक टांगरी नदी के बांध पर सड़क के किनारे गुजर बसर करती रही।
रमन के अनुसार बाढ़ के कारण घर में कमरों की जमीन धंस गई है। घर में रखा सामान डबल बेड, दीवान, फ्रीज, वाशिंग मशीन, सिलाई मशीन व अन्य सामान पानी में डूब गया। कीचड़ के कारण सिलाई की मशीन खराब हो गई। इसी से वह रोजगार करती थी। यहां तक कि पहनने को कपड़े भी नहीं बचे।
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हालात यह हैं कि अभी तक घर से कीचड़ नहीं निकल सका है। परिवार पिछले चार दिन से रोजाना कमरों से कीचड़ निकाल रहा है। न्यू शक्ति नगर निवासी रमन कौर ने बताया कि उसके पति सतपाल सिंह ई-रिक्शा चलाते थे। लॉकडाउन में सतपाल सिंह को लकवा हो गया और उनकी जुबान लड़़खड़ाने लगी तथा शरीर की एक साइड सुन्न हो गई। इसके बाद परिवार की जिम्मेदारी रमन कौर पर आ गई।
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दुकानों से लाती थी कपड़े
रमन कौर ने हार नही मानी और घर पर सिलाई मशीन लगाई और दुकानों से कपड़े लाकर घर पर सिलाई मशीन पर कपड़ों को सिलने लगी। रमन के अनुसार उसके पास दो बेटियां है। दोनों बेटियों की शादी हो चुकी है, लेकिन एक बेटी का तलाक हो गया है। जबकि तीन साल पहले दूसरी बेटी को उसके दो बच्चों सहित ससुराल वालों ने मारपीट कर घर से निकाल दिया था। तीन साल से वह भी उसके पास रह रही है।