{"_id":"679e60579d6d92f5f0064840","slug":"tangri-will-be-excavated-nhai-contractors-will-do-the-work-ambala-news-c-36-1-amb1002-136903-2025-02-01","type":"story","status":"publish","title_hn":"Ambala News: टांगरी की होगी खोदाई, एनएचएआई के ठेकेदार करेंगे काम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Ambala News: टांगरी की होगी खोदाई, एनएचएआई के ठेकेदार करेंगे काम
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अंबाला। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) की विभिन्न परियोजनाओं में अब मिट्टी की किल्लत जल्द दूर होगी, क्योंकि सरकार ने इस पर संज्ञान ले लिया है।
इसके लिए अंबाला छावनी में टांगरी नदी की तीन स्थानों से खोदाई करने की तैयारी चल रही है। खास बात है कि इस कार्य पर सीएम नायब सैनी खुद नजर बनाए हुए हैं। उन्होंने अधिकारियों को रोजाना के आधार पर रिपोर्ट देने के निर्देश भी दे दिए हैं। दरअसल, कुछ समय पहले सीएम ने एनएचएआई, सिंचाई विभाग सहित मामले से जुड़े अन्य विभागों की बैठक ली थी।
इसमें एनएचएआई के अधिकारियों ने बताया था कि उन्हें अपनी परियोजनाओं के लिए मिट्टी नहीं मिल रही है। अगर मिट्टी मिल भी रही है तो चार गुना से अधिक दामों पर खरीदनी पड़ रही है। यही कारण है कि परियाजनाओं की रफ्तार धीमी पड़ रही है। अधिकारियों ने रास्ता भी सुझाया कि अगर नदियों में खोदाई हो जाए तो समस्या का समाधान निकल आएगा, क्योंकि नदियों में पहले से ही बाढ़ के बाद मिट्टी काफी आ गई है। जिससे भविष्य में बाढ़ आने का खतरा बना हुआ है। यही कारण है कि सीएम ने टांगरी नदी की खोदाई के निर्देश दिए हैं। इस खोदाई के कार्य को एनएचएआई के ठेकेदार द्वारा ही कराया जाएगा।
विज्ञापन
सिंचाई विभाग को बनाया नोडल एजेंसी
इस खोदाई के कार्य को भले ही एनएचएआई के ठेकेदार अपने संसाधनों से करेंगे मगर इस पूरे काम पर सिंचाई विभाग की निगरानी रहेगी। यही कारण है कि सिंचाई विभाग को नोडल एजेंसी बनाया गया है। वहीं खनन विभाग को जिम्मेदारी दी गई है कि जिन स्थानों पर खोदाई होगी वहां पर मिट्टी में मिनरल आदि की जांच करेंगे। वहीं इस कार्य को रोजाना के आधार पर सीएम खुद निगरानी करेंगे। टांगरी में खोदाई कार्य को तीन स्थानों पर कराया जाएगा जिसमें शाहपुर सहित अन्य दो स्थान शामिल हैं।
पीएमओ से हो रही परियोजना की निगरानी
अंबाला से अंबाला शामली राजमार्ग, अंबाला रिंग रोड परियोजना सहित अन्य राजमार्गों को बनाने का एनएचएआई कार्य कर रही है। इसमें 120 किलोमीटर का अंबाला शामली राजमार्ग अहम है। क्योंकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने करनाल में इस परियोजना का शुभारंभ किया था। इसी कारण इस परियोजना की निगरानी प्रधानमंत्री कार्यालय से हो रही है।
विज्ञापन
इसके लिए अंबाला छावनी में टांगरी नदी की तीन स्थानों से खोदाई करने की तैयारी चल रही है। खास बात है कि इस कार्य पर सीएम नायब सैनी खुद नजर बनाए हुए हैं। उन्होंने अधिकारियों को रोजाना के आधार पर रिपोर्ट देने के निर्देश भी दे दिए हैं। दरअसल, कुछ समय पहले सीएम ने एनएचएआई, सिंचाई विभाग सहित मामले से जुड़े अन्य विभागों की बैठक ली थी।
विज्ञापन
इसमें एनएचएआई के अधिकारियों ने बताया था कि उन्हें अपनी परियोजनाओं के लिए मिट्टी नहीं मिल रही है। अगर मिट्टी मिल भी रही है तो चार गुना से अधिक दामों पर खरीदनी पड़ रही है। यही कारण है कि परियाजनाओं की रफ्तार धीमी पड़ रही है। अधिकारियों ने रास्ता भी सुझाया कि अगर नदियों में खोदाई हो जाए तो समस्या का समाधान निकल आएगा, क्योंकि नदियों में पहले से ही बाढ़ के बाद मिट्टी काफी आ गई है। जिससे भविष्य में बाढ़ आने का खतरा बना हुआ है। यही कारण है कि सीएम ने टांगरी नदी की खोदाई के निर्देश दिए हैं। इस खोदाई के कार्य को एनएचएआई के ठेकेदार द्वारा ही कराया जाएगा।
विज्ञापन
सिंचाई विभाग को बनाया नोडल एजेंसी
इस खोदाई के कार्य को भले ही एनएचएआई के ठेकेदार अपने संसाधनों से करेंगे मगर इस पूरे काम पर सिंचाई विभाग की निगरानी रहेगी। यही कारण है कि सिंचाई विभाग को नोडल एजेंसी बनाया गया है। वहीं खनन विभाग को जिम्मेदारी दी गई है कि जिन स्थानों पर खोदाई होगी वहां पर मिट्टी में मिनरल आदि की जांच करेंगे। वहीं इस कार्य को रोजाना के आधार पर सीएम खुद निगरानी करेंगे। टांगरी में खोदाई कार्य को तीन स्थानों पर कराया जाएगा जिसमें शाहपुर सहित अन्य दो स्थान शामिल हैं।
पीएमओ से हो रही परियोजना की निगरानी
अंबाला से अंबाला शामली राजमार्ग, अंबाला रिंग रोड परियोजना सहित अन्य राजमार्गों को बनाने का एनएचएआई कार्य कर रही है। इसमें 120 किलोमीटर का अंबाला शामली राजमार्ग अहम है। क्योंकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने करनाल में इस परियोजना का शुभारंभ किया था। इसी कारण इस परियोजना की निगरानी प्रधानमंत्री कार्यालय से हो रही है।