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सड़क हादसे में बेटे की मौत ने झकझोरा तो ठानी रोड सुरक्षा, अब राजधानी दिल्ली में बजा डंका

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 20 Jan 2021 01:23 AM IST
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Son's death in road accident shocks road security
दिल्ली में मिले अवॉर्ड को बेटे की फोटो के सामने रखकर दिखाती हुई हन्नी - फोटो : Ambala
अपने 18 वर्षीय बेटे की सड़क हादसे में हुई मौत के बाद पूरी तरह से टूट चुके दंपती ने हिम्मत नहीं हारी। दूसरे किसी लाल की हादसे में जान न जाए इसके लिए सड़क सुरक्षा के लिए जागरूक करने का बीड़ा उठाया। पांच साल पहले अपने बेटे के नाम से ही सन्नी आहलुवालिया चैरिटेबल फाउंडेशन तैयार करने वाले अंबाला शहर निवासी दंपति प्रीत मोहिंद्र पाल सिंह व उनकी पत्नी हन्नी के कार्यों की गूंज अब राजधानी दिल्ली में गूंज उठी।
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उनके रोड सेफ्टी के कार्यों को देखते हुए अंबाला पुलिस प्रशासन ने रोड सेफ्टी माह के लिए दंपती फाउंडेशन के नाम को प्रस्तावित किया था। जिसमें दंपति ने ऑलइंडिया लेवल पर उन्हें गुड सेमेरिटन पुरस्कार 2020 से सम्मानित किया गया। यह पुरस्कार दंपति को 18 जनवरी को नई दिल्ली के विज्ञान भवन में होने वाले कार्यक्रम में सड़क परिवहन व राजमार्ग मंत्रालय की तरफ से मिला। जोकि खुद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह व परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने दिया। बता दें कि 6 जुलाई 2015 की दोपहर को जीटी रोड पर सन्नी आहलुवालिया अपने दोस्तों संग दर्दनाक हादसे का शिकार हो गया था। इस हादसे में सन्नी के साथ उसके दोस्त भी दम तोड़ चुके थे। इसी टीस को दिल में लिए यह दपंति जागरूकता फैला रहा है।
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बेटे के नाम पर ही बना डाली सन्नी आहलुवालिया चैरिटेबल फाउंडेशन
पिता प्रीत मोहिंद्र पाल सिंह व मां हनीप्रीत ने सन्नी आहलूवालिया चेरिटेबल फाउंडेशन की स्थापना की और वह इसके अध्यक्ष भी हैं। बेटे के साथ हुए हादसे में उन्होंने पाया था कि इस हादसे में ट्रक ड्राइवर, नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया तथा पुलिस की मिलीजुली लापरवाही के चलते उनके बेटे की मौत हुई। वे नहीं चाहते कि दूसरे लोग भी इस तरह का नुकसान उठाएं। तभी से आज तक वह लोगों को रोड सेफ्टी के प्रति जागरूक कर रहे हैं। एनजीओ एक्सीडेंट संभावित क्षेत्रों का पता लगाता है और इस बारे में प्रशासन तथा जनता को जागरूक करता है, ताकि संभावित दुघर्टना को टाला जा सके। समय-समय पर रक्तदान शिविरों का भी आयोजन करते हैं। पूरा शहर स्तब्ध था इस हादसे से बता दें कि छह जुलाई 2015 को चार छात्र व एक छात्रा जिनमें सन्नी आहलुवालिया भी शामिल था, कार में सवार होकर जा रहे थे। जैसे ही वह कैंट के निकट आईओसी डिपो पर पहुंचे तो स्टेशनरी के समान से लदे एक ट्रक से उनकी कार की टक्कर हो गई थी। ट्रक रोड पर पिछले तीन-चार घंटों से गलत ढंग से खड़ा था। उस समय न तो पुलिस ने इस पर ध्यान दिया और न ही नेशनल हाईवे अथॉरिटी ने। इस दुर्घटना में सन्नी की मौत हो गई थी।
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