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घर में बर्तन बजाने के शौक ने बना दिया भजन गायक, छोटी सी उम्र में टी सीरिज रिलीज कर चुकी 7 भजन
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अंबाला। बचपन में बर्तन बजाने के शौक ने छोटी सी उम्र में कार्तिक आनंद को बुलंदियों पर पहुंचा दिया। कार्तिक अक्सर दादी राजकुमारी के साथ जाकर कीर्तन में ढोलक बजाता था। फिर उसकी गायकी का हुनर भी निखर आया। 20 साल की उम्र में टी सीरिज उसके सात गीतों को रिलीज कर चुकी है। उसका एक एलबम मस्ताना जोगी पहले ही धूम मचा चुका है। कई हिट धार्मिक भजन गा चुके कार्तिक की सोशल मीडिया पर भी फैन फालोइंग 2 लाख पार कर चुकी है।
बचपन से ही ढोलक बजाने का शौक
सिटी के शक्तिनगर निवासी कार्तिक आनंद को बचपन से ही ढोलक बजाने का शौक है। वह दादी राजकुमारी और मां के साथ मोहल्ले में होने वाले कीर्तनों में ढोलक बजाता था। फिर घर पर बर्तनों और खाली डिब्बों से रियाज करता था। इसी हुनर से उसकी गायन की प्रतिभा भी उभर आई। कीर्तन में लोगों की फरमाइश पर कार्तिक भजन गाने लगा। इसके बाद उसने खुद की एलबम मस्ताना जोगी निकाली। इस एलबम के कई भजन लोगों की पसंद बनने से कार्तिक के बुलंदी पर पहुंचने का रास्ता निकल आया। अब तक टी सीरिज ने उसके सात गीतों को रिलीज किया है। जल्द ही मां शेरांवाली पर उनका नया भजन भी रिलीज होने जा रहा है।
तबले पर भी हासिल की महारत
कार्तिक आनंद बताते हैं कि उसने गायन के साथ ढोलक और तबले की भी उन्होंने संपूर्ण दीक्षा ली है । अभी वह प्रयागराज संगीत समिति से म्यूजिक में डिप्लोमा कर रहे हैं। इसके बाद उनकी इच्छा पीएचडी करने की भी है । उन्होंने बताया कि परिवार पर ध्यानपुर धाम के पीठाधीश्ववर अनंत विभूषित गुरु रामसुंदर देवाचार्य की असीम कृपा है। वे हर साल ध्यानपुर धाम में मनाई जाने वाली दूज पर घर से ही लाइव भजन गाकर हाजिरी लगाते हैं। कार्तिक कहते हैं कि बचपन से ही हेल्दी होने से अकसर लोग उनकी प्रतिभा पर शक करते थे। गुरु की कृपा से अब उन्हें भजन गायकी में नया मुकाम मिल गया है। वे कहते हैं कि माता-पिता के साथ दादी राजकुमारी और दादा मास्टर बलदेव राज आनंद ने हमेशा उसे गायन के लिए प्रोत्साहित किया है।
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बचपन से ही ढोलक बजाने का शौक
सिटी के शक्तिनगर निवासी कार्तिक आनंद को बचपन से ही ढोलक बजाने का शौक है। वह दादी राजकुमारी और मां के साथ मोहल्ले में होने वाले कीर्तनों में ढोलक बजाता था। फिर घर पर बर्तनों और खाली डिब्बों से रियाज करता था। इसी हुनर से उसकी गायन की प्रतिभा भी उभर आई। कीर्तन में लोगों की फरमाइश पर कार्तिक भजन गाने लगा। इसके बाद उसने खुद की एलबम मस्ताना जोगी निकाली। इस एलबम के कई भजन लोगों की पसंद बनने से कार्तिक के बुलंदी पर पहुंचने का रास्ता निकल आया। अब तक टी सीरिज ने उसके सात गीतों को रिलीज किया है। जल्द ही मां शेरांवाली पर उनका नया भजन भी रिलीज होने जा रहा है।
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तबले पर भी हासिल की महारत
कार्तिक आनंद बताते हैं कि उसने गायन के साथ ढोलक और तबले की भी उन्होंने संपूर्ण दीक्षा ली है । अभी वह प्रयागराज संगीत समिति से म्यूजिक में डिप्लोमा कर रहे हैं। इसके बाद उनकी इच्छा पीएचडी करने की भी है । उन्होंने बताया कि परिवार पर ध्यानपुर धाम के पीठाधीश्ववर अनंत विभूषित गुरु रामसुंदर देवाचार्य की असीम कृपा है। वे हर साल ध्यानपुर धाम में मनाई जाने वाली दूज पर घर से ही लाइव भजन गाकर हाजिरी लगाते हैं। कार्तिक कहते हैं कि बचपन से ही हेल्दी होने से अकसर लोग उनकी प्रतिभा पर शक करते थे। गुरु की कृपा से अब उन्हें भजन गायकी में नया मुकाम मिल गया है। वे कहते हैं कि माता-पिता के साथ दादी राजकुमारी और दादा मास्टर बलदेव राज आनंद ने हमेशा उसे गायन के लिए प्रोत्साहित किया है।
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