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पानी के छूते ही सुलगने लगता है पत्थर
ब्यूरो/अंबाला/अमर उजाला
Updated Sun, 20 Nov 2016 11:55 PM IST
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साइंस प्रदर्शनी
- फोटो : अमर उजाला
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पत्थरों का भी रहस्य जान पाना बहुत मुश्किल है, वो भी तब जब ये जानना हो कि पत्थर के भीतर की संरचना कैसे होती है? साइंस एग्जीबिशन में लगाया गया एक खास तरह का स्टाल आकर्षण का केंद्र रहा। तैरने से लेकर लचकने वाले पत्थर यहां मुख्य आकर्षण का केंद्र बने रहे, तो कई पत्थर ऐसे थे, जिनकी बनावट और दुर्लभता मुख्य आकर्षण रही।
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रॉकमाइंन के एमडी अमित जैन बताते हैं कि यहां एक जैपसन स्टोन ऐसा था, जो बाहर से तो बहुत ही खुदरा और बेहद बदसूरत, लेकिन जब इस पत्थर को तोड़कर इसे ग्राइंड कर पॉलिश किया जाए तो इसकी सुंदरता देखते ही बनती है। एकदम चिकना और नेचुरल फोटोफ्रेम की माफिक। इसी तरह सफेद मार्बलनुमा पत्थरों का बड़ा सा जाल। सभी सफेद पत्थर एक-दूसरे से चिपके हुए, पेंसिल के आगे की शेप से, कुछ छोटे और कुछ बहुत बड़े।
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ये पत्थर क्या है? दरअसल, ये पत्थर हिमालय के एक बेहद ऊंचाई वाले पहाड़ के सबसे टॉप (पहाड़ का ऊंचा तिकोने लेता हिस्सा) के भीतर का पत्थर है। पहाड़ के भीतर होने वाली हलचल से पत्थर भीतर से सफेद मार्बलनुमा बन जाता है। इसके अलावा एक पत्थर ऐसा भी है, जिस पर पानी की बूंद गिर जाए तो वे सुलगने लगता है। पत्थर की सूरत ही बदलने लगती है। वे काले से हल्के स्वर्ण रंग होने लगता है, जैसे पत्थर जलने वाला हो। इसी तरह एक पत्थर ऐसा जिसका रंग टाइगर की आंख के रंग का होता है।
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अफ्रीका में पाए जाने वाला पत्थर बहुत दुर्लभ है, जिसका इस्तेमाल आज अंगूठियों में नग के रूप में होता है। इसी तरह एक पत्थर ऐसा भी होता है, जो विभिन्न छोटे-छोटे जीवों अवशेष इकट्ठा होने से पत्थर की शक्ल लेता है। इसे फोसिल फेरौस लाइम स्टोन कहा जाता है।
अब कीट और कीटनाशकों से सुरक्षित रहेगी फसलें
खेतों में रबी और खरीफ के सीजन के दौरान अब फसलों को कीटों से कोई खतरा नहीं होगा। इसके लिए एक खास तरह का इनसेक्ट लाइट ट्रैप तैयार किए गए हैं। जो रात के अंधेरे में इस सभी कीटों को अपनी ओर आकर्षित करेगा और इस ट्रैप से टकराकर फसलों के लिए बने ये खतरनाक कीट खुद ही मर जाएंगे। इस उपकरणों को अंबाला कैंट के इंडस्ट्रियल एरिया में लगाई गई अंबाला साइंसटिफिक इंस्ट्रूमेंट्स मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन की ओर से आयोजित साइंस प्रदर्शनी ग्लोबल लैब एक्सपो में रिस्कॉलर इंक्यूपमेंट संस्थान की ओर से प्रदर्शित किया गया। संस्थान के एमडी राकेश गुप्ता के अनुसार इसकी ईजाद उनकी संस्थान ने ही की है।
विशेषज्ञ राकेश गुप्ता बताते हैं कि इसमें खास बात यह कि जब भी फसलों पर कीटों का हमला होता है तो हम खतरनाक कीटनाशक दवाओं का इस्तेमाल फसलों पर करते हैं, जो इंसानी शरीर के लिए बेहद खतरनाक होती है।
कमरे में बैठे मोबाइल पर लैब रिपोर्ट देख सकेंगे डाक्टर
किसी भी अस्पताल में मरीज विभिन्न मेडिकल टेस्ट करवाने लैब में पहुंचता है, वहां टेस्ट करवाता है और फिर उसकी मैनुअल रिपोर्ट के लिए बैठा रहता है। उसके बाद रिपोर्ट संबंधी दस्तावेज लेकर डाक्टर के पास जाता है। डाक्टर उस रिपोर्ट को देखकर उसका इलाज शुरू करता है और सलाह देता है कि जब-जब चेकअप के दौरान आओ, तब-तब रिपोर्ट साथ लेकर आना। लेकिन अब इस झंझट से पूरी तरह छुटकारा मिल जाएगा।
अब विभिन्न तरह की मेडिकल टेस्ट मशीनों को एंड्रायड तकनीक से जोड़ दिया गया है। ये तकनीक ईजाद की है कि मेडिजाइन संस्थान ने। संचालक विशाल भंडारी कहते हैं कि इससे काम न केवल आसान होगा, बल्कि पेपर लैस भी होगा। उन्होंने बताया कि विभिन्न तरह की टेस्ट मशीनों को उन्होंने एंड्रायट टेक्निक से जोड़ने के बाद अब मशीन से ही ये रिपोर्ट सीधे डाक्टर के मोबाइल पर जाएंगी।
डॉक्टर को सिर्फ मोबाइल में मरीज का नाम फीड करना होगा, उसकी तमाम मेडिकल रिपोर्ट डाक्टर के मोबाइल पर सामने होगी। डाक्टर उस रिपोर्ट को अपने मोबाइल से व्हाट्सअप, इटरनेट व मैसेज के जरिये मरीज या किसी बड़े चिकित्सक विशेषज्ञ को भी संबंधित बीमारी पर सलाह लेने के लिए भेज सकेगा।
अब धूल के खतरों से बचे रहेंगे केमिकल
फार्मा इंडस्ट्रीज में अब यदि किसी भी केमिकल को धूल की चपेट में आने से बचाना मुश्किल नहीं होगा। इसके लिए एक खास बाक्स का ईजाद किया गया है। ओवन साइज के इस बाक्स को दीवारों में ही फिट कर दिया जाता है और केमिकल को इसमें रख दिया जाता है। इसी में केमिकल स्टरलाइज भी होता रहता है और दूसरे कमरों तक भी पहुंच जाता है। इसी तरह क्षितिज इन्नोवेशन, एक्यूलैब इंस्ट्रूमेंट्स, एलिनको इन्नोवेशन, रॉ इंस्ट्रूमेंट्स आदि संस्थानों ने अपने नई रिसर्च और अविष्कार प्रदर्शनी में प्रस्तुत किए। इस प्रदर्शनी के आयोजक अंबाला साइंसटिफिक इंस्ट्रूमेंट्स मैन्युुफैक्चर एसोसिएशन (असीमा) के प्रधान राकेश गुप्ता, चेयरमैन अश्वनी गोयल, जनरल सेेक्रेटरी रजनीश गोम्बर, कोषाध्यक्ष आलोक सूद, सीनियर वाइस प्रेजीडेंट जितेंद्र सहगल, वाइस प्रेजीडेंट संजय गुप्ता, सचिव राजेंद्र रहेजा, ज्वाइंट सेक्रेटरी अमित जैन, मनोज कंसल, अमित पांचाल, सुभाष मित्तल, रमाकांत, अंजलीकांत, क्षितिज बंसल, मृणांक हरितेश, हृदेश शर्मा इत्यादि उपस्थिति रहे। इस दौरान अंबाला के एडीसी आरके सिंह व समाज सेवी राजेंद्र विज, अशोक शर्मा, सुरेंद्र शर्मा, विक्की शर्मा, सुरेंद्र सहगल, विकास नारंग, सूरज शर्मा आदि मौजूद रहे।