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गीता महोत्सव पर रोडवेज की सौगात, अंबाला से कुरुक्षेत्र का लगेगा आधा किराया
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गीता महोत्सव पर कुरुक्षेत्र जाने वाले श्रद्धालुओं को सफर के दौरान बस में आधा किराया देना होगा। यह सेवा हरियाणा रोडवेज अंबाला डिपो की तरफ से शुरू की गई है। वहीं छावनी बस अड्डे से गीता महोत्सव को लेकर योजनाबद्ध तरीके से बसों का संचालन किया जा रहा है। पांच बसें छावनी से चलकर शाहाबाद, पिपली होते हुए कुरुक्षेत्र बस अड्डे तक जा रही हैं। इस दौरान बसें दिन में दस चक्कर लगा रही हैं। वहीं करीब दस अतिरिक्त बसों को अड्डे पर खड़ा किया गया है, जो श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ते ही तुरंत चला दी जाएंगी। रात्रि सेवा के लिए भी कर्मचारियों की जिम्मेदारी लगाई गई है।
दूसरी ओर, श्रद्घालुओं की सुविधाओं के लिए कुरुक्षेत्र बस अड्डे से भी गीता महोत्सव स्थल तक निशुल्क बसें चलाई जा रही हैं। गौरतलब है कि गीता जयंती महोत्सव वर्ष 2016 से राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मनाया जा रहा है। इसी कड़ी में इस बार महोत्सव कुरुक्षेत्र में 2 से 19 दिसंबर तक मनाया जा रहा है।
गीता उपदेश का मनाया जा रहा 5159वां वर्ष
गीता महोत्सव हिंदु धर्म के पवित्र ग्रंथ श्रीमद्भागवत गीता की रचना के उपलक्ष्य में जयंती के तौर पर मनाया जाता है। द्वापर युग में महाभारत की शुरुआत से पहले भगवान श्रीकृष्ण ने अर्जुन को ज्ञान दिया और दिव्य दर्शन दिए। इसके बाद गीता की रचना की गई। पौराणिक मान्यताओं और विद्वानों के अनुसार, इस वर्ष गीता उपदेश का 5159वां वर्ष मनाया जा रहा है। गीता महोत्सव में 19 दिसंबर तक अंतरराष्ट्रीय गीता सेमिनार, गीता मैराथन, 48 कोस तीर्थों की प्रदर्शनी, दीप प्रज्ज्वलन, संत सम्मेलन, विश्व गुरु भारत, सांस्कृतिक कार्यक्रम, राज्यस्तरीय प्रदर्शनी और आजादी के अमृत महोत्सव की झलक के साथ ऑनलाइन प्रतियोगिताएं भी होंगी। इस महोत्सव में भारत ही नहीं अपितु कई दूसरे देशों से भी श्रद्धालु आते हैं।
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बसों का संचालन जारी
गीता महोत्सव को लेकर विभागीय आदेशों के तहत विशेष बसों का संचालन किया जा रहा है। कुरुक्षेत्र जाने वाली बसों में सवारियों से आधा किराया लिया जा रहा है। अभी 5 बसें रोजाना 10 फेरे लगा रही हैं। जरूरत पड़ी तो अतिरिक्त बसों का संचालन किया जाएगा।
अजीत सिंह, अड्डा अधीक्षक, छावनी।
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दूसरी ओर, श्रद्घालुओं की सुविधाओं के लिए कुरुक्षेत्र बस अड्डे से भी गीता महोत्सव स्थल तक निशुल्क बसें चलाई जा रही हैं। गौरतलब है कि गीता जयंती महोत्सव वर्ष 2016 से राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मनाया जा रहा है। इसी कड़ी में इस बार महोत्सव कुरुक्षेत्र में 2 से 19 दिसंबर तक मनाया जा रहा है।
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गीता उपदेश का मनाया जा रहा 5159वां वर्ष
गीता महोत्सव हिंदु धर्म के पवित्र ग्रंथ श्रीमद्भागवत गीता की रचना के उपलक्ष्य में जयंती के तौर पर मनाया जाता है। द्वापर युग में महाभारत की शुरुआत से पहले भगवान श्रीकृष्ण ने अर्जुन को ज्ञान दिया और दिव्य दर्शन दिए। इसके बाद गीता की रचना की गई। पौराणिक मान्यताओं और विद्वानों के अनुसार, इस वर्ष गीता उपदेश का 5159वां वर्ष मनाया जा रहा है। गीता महोत्सव में 19 दिसंबर तक अंतरराष्ट्रीय गीता सेमिनार, गीता मैराथन, 48 कोस तीर्थों की प्रदर्शनी, दीप प्रज्ज्वलन, संत सम्मेलन, विश्व गुरु भारत, सांस्कृतिक कार्यक्रम, राज्यस्तरीय प्रदर्शनी और आजादी के अमृत महोत्सव की झलक के साथ ऑनलाइन प्रतियोगिताएं भी होंगी। इस महोत्सव में भारत ही नहीं अपितु कई दूसरे देशों से भी श्रद्धालु आते हैं।
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बसों का संचालन जारी
गीता महोत्सव को लेकर विभागीय आदेशों के तहत विशेष बसों का संचालन किया जा रहा है। कुरुक्षेत्र जाने वाली बसों में सवारियों से आधा किराया लिया जा रहा है। अभी 5 बसें रोजाना 10 फेरे लगा रही हैं। जरूरत पड़ी तो अतिरिक्त बसों का संचालन किया जाएगा।
अजीत सिंह, अड्डा अधीक्षक, छावनी।