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शिकायत करने के बाद नहीं हुई सड़क की मरम्मत
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पंचायत में मौजूद ग्रामीण
- फोटो : Ambala
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नारायणगढ़। राष्ट्रीय मार्ग नंबर एक पर स्थित गांव कोहड़ा भूरा से गांव फतेहपुर 80 की सड़क बदहाल बनी है। सड़क की बदहाली के संबंध में रविवार को गांव में पंचायत हुई। इस मौके पर इस समस्या के संबंध में शिक्षा मंत्री हरियाणा के समक्ष गुहार लगाने का निर्णय लिया गया। ग्रामीणों का कहना है कि पिछले सात वर्षों बदहाल इस सड़क की हालत में सुधार के लिए स्थानीय प्रशासन से कई बार गुहार लगा कर थक चुके हैं। इसके बाद भी सड़क की मरम्मत नहीं हो पाई है।
महिपाल चौधरी के आवास पर हुई इस पंचायत में सैकड़ों ग्रामीणों द्वारा हस्ताक्षरित एक प्रार्थना पत्र महिपाल चौधरी की अगुवाई में शिक्षा मंत्री को देने का निर्णय लिया गया। पंचायत में मौजूद लोगों का कहना था कि उनका गांव राष्ट्रीय मार्ग नंबर एक रायपुररानी-नारायणगढ़ रोड से लगभग तीन किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। पिछले सात वर्षों से इस सड़क की हालत खस्ता है जबकि इस सड़क पर दो निजी स्कूल, एक सीनियर सेकेंडरी स्कूल स्थित है। सैकड़ों बच्चे इस रास्ते का प्रयोग करते हैं। यही नहीं कोहड़ा व फतेहपुर दोनों गांवों के लोगों की भी आवाजाही है। सड़क गड्ढों में तब्दील हो चुकी है। सड़क की मरम्मत के लिए लोक निर्माण विभाग के कनिष्ठ अभियंता से लेकर कार्यकारी अभियंता, एसडीएम यहां तक की क्षेत्र के विधायक से भी गुहार लगा चुके हैं, लेकिन आज तक कोई सुनवाई नहीं हुई। ग्रामीणों का यह भी कहना है कि बढ़ती आबादी के चलते लोगों ने सड़क किनारे अपनी जगह में मकान भी तामीर किए हुए हैं, लेकिन पानी निकासी का कोई प्रबंध न होने के चलते लोगों को बड़ी दिक्कत होती है।
शिक्षामंत्री की फहेतपुर में रिश्तेदारी
इस मौके पर बताया गया कि शिक्षा मंत्री की फतेहपुर में रिश्तेदारी भी है और कहीं भी सुनवाई न होने के बाद अब लोगों ने अपनी समस्या उनके समक्ष रखने का फैसला लिया है। गांव फतेहपुर 80 की गणना क्षेत्र में राजनीतिक रूप से जागरूक गांवों में से एक के रूप में होती है। ग्रामीणों की मानें तो पिछले सात वर्षों से गांव की सड़क की हालत खस्ता है। ग्रामीणों का कहना है कि अधिकारी सरकार की नीतियों व कार्यक्रमों को जानबूझकर पलीता लगा रहे हैं। अब दो वर्ष से तो यहां से विपक्ष का विधायक है, लेकिन उससे पहले तो यहां से न केवल सत्तारूढ़ दल के विधायक थे अपितु उनकी सरकार में भी बतौर मंत्री सहभागिता भी थी। ऐसे में सड़क की अनदेखी अधिकारियों की बड़ी लापरवाही को दर्शाती है। पंचायत में मास्टर सिंह राज, पूर्व सरपंच मदन लाल शर्मा, एशियन गेम्स के कांस्य पदक विजेता रोहित, डॉ. राम कुमार, रामधारी, बलविंदर सिंह, आनंद, राकेश, नरेश कुमार, सोनू, रजनीश कुमार, जसविंदर सिंह, बलकार सिंह आदि ग्रामीण मौजूद रहे।
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महिपाल चौधरी के आवास पर हुई इस पंचायत में सैकड़ों ग्रामीणों द्वारा हस्ताक्षरित एक प्रार्थना पत्र महिपाल चौधरी की अगुवाई में शिक्षा मंत्री को देने का निर्णय लिया गया। पंचायत में मौजूद लोगों का कहना था कि उनका गांव राष्ट्रीय मार्ग नंबर एक रायपुररानी-नारायणगढ़ रोड से लगभग तीन किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। पिछले सात वर्षों से इस सड़क की हालत खस्ता है जबकि इस सड़क पर दो निजी स्कूल, एक सीनियर सेकेंडरी स्कूल स्थित है। सैकड़ों बच्चे इस रास्ते का प्रयोग करते हैं। यही नहीं कोहड़ा व फतेहपुर दोनों गांवों के लोगों की भी आवाजाही है। सड़क गड्ढों में तब्दील हो चुकी है। सड़क की मरम्मत के लिए लोक निर्माण विभाग के कनिष्ठ अभियंता से लेकर कार्यकारी अभियंता, एसडीएम यहां तक की क्षेत्र के विधायक से भी गुहार लगा चुके हैं, लेकिन आज तक कोई सुनवाई नहीं हुई। ग्रामीणों का यह भी कहना है कि बढ़ती आबादी के चलते लोगों ने सड़क किनारे अपनी जगह में मकान भी तामीर किए हुए हैं, लेकिन पानी निकासी का कोई प्रबंध न होने के चलते लोगों को बड़ी दिक्कत होती है।
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शिक्षामंत्री की फहेतपुर में रिश्तेदारी
इस मौके पर बताया गया कि शिक्षा मंत्री की फतेहपुर में रिश्तेदारी भी है और कहीं भी सुनवाई न होने के बाद अब लोगों ने अपनी समस्या उनके समक्ष रखने का फैसला लिया है। गांव फतेहपुर 80 की गणना क्षेत्र में राजनीतिक रूप से जागरूक गांवों में से एक के रूप में होती है। ग्रामीणों की मानें तो पिछले सात वर्षों से गांव की सड़क की हालत खस्ता है। ग्रामीणों का कहना है कि अधिकारी सरकार की नीतियों व कार्यक्रमों को जानबूझकर पलीता लगा रहे हैं। अब दो वर्ष से तो यहां से विपक्ष का विधायक है, लेकिन उससे पहले तो यहां से न केवल सत्तारूढ़ दल के विधायक थे अपितु उनकी सरकार में भी बतौर मंत्री सहभागिता भी थी। ऐसे में सड़क की अनदेखी अधिकारियों की बड़ी लापरवाही को दर्शाती है। पंचायत में मास्टर सिंह राज, पूर्व सरपंच मदन लाल शर्मा, एशियन गेम्स के कांस्य पदक विजेता रोहित, डॉ. राम कुमार, रामधारी, बलविंदर सिंह, आनंद, राकेश, नरेश कुमार, सोनू, रजनीश कुमार, जसविंदर सिंह, बलकार सिंह आदि ग्रामीण मौजूद रहे।
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