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धार्मिक मान्यताओं को मिल रहा पूर्ण सम्मान: अनिल विज
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अंबाला। ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री अनिल विज ने कहा कि देश की असली तरक्की तभी संभव है जब उसका सर्वांगीण विकास हो। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में आज न केवल अर्थव्यवस्था और बुनियादी ढांचा मजबूत हो रहा है, बल्कि हमारी सांस्कृतिक मान्यताओं और श्रद्धा केंद्रों को भी पूर्ण सम्मान मिल रहा है। विज सोमवार को छावनी के ऐतिहासिक कैलाश हाथीखाना मंदिर में आयोजित सोमनाथ स्वाभिमान पर्व में बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे। सोमनाथ मंदिर के 75वें प्राण-प्रतिष्ठा अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री नायब सैनी के संबोधन का सीधा प्रसारण भी किया गया।
आक्रमणकारियों ने स्वाभिमान पर किया प्रहार
ऊर्जा मंत्री ने सोमनाथ मंदिर के गौरवशाली इतिहास का जिक्र करते हुए कहा कि विदेशी आक्रांताओं ने इस मंदिर को बार-बार इसलिए लूटा और तोड़ा क्योंकि यह हमारे स्वाभिमान का प्रतीक था। उन्होंने कहा कि गजनवी और औरंगजेब जैसे लुटेरे हमारे स्वाभिमान पर प्रहार करना चाहते थे। आजादी के समय मंदिर खंडित था, जिसे सरदार वल्लभ भाई पटेल के संकल्प और जनता के सहयोग से पुनः भव्य स्वरूप दिया गया।
भूगोल और विज्ञान में पारंगत थे हमारे पूर्वज
मंत्री विज ने मंदिर की वैज्ञानिक महत्ता बताते हुए कहा कि वहां स्थित स्तंभ दक्षिण ध्रुव की ओर इशारा करता है, जो यह सिद्ध करता है कि हमारे पूर्वज भूगोल और खगोल विज्ञान में अंग्रेजों से कहीं पहले पारंगत थे। उन्होंने अपने व्यक्तिगत अनुभव साझा करते हुए कहा कि सोमनाथ मंदिर का वातावरण मन को असीम शांति और तृप्ति देने वाला है।
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सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने मोहा मन
इससे पहले अनिल विज ने हाथीखाना मंदिर में माथा टेककर आशीर्वाद लिया। इस दौरान कलश यात्रा निकाली गई और जनसंपर्क विभाग द्वारा सोमनाथ मंदिर पर आधारित प्रदर्शनी भी लगाई गई। मंत्री ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत करने वाले प्रत्येक स्कूल को अपने स्वैच्छिक कोष से 21-21 हजार रुपये देने की घोषणा की।
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आक्रमणकारियों ने स्वाभिमान पर किया प्रहार
ऊर्जा मंत्री ने सोमनाथ मंदिर के गौरवशाली इतिहास का जिक्र करते हुए कहा कि विदेशी आक्रांताओं ने इस मंदिर को बार-बार इसलिए लूटा और तोड़ा क्योंकि यह हमारे स्वाभिमान का प्रतीक था। उन्होंने कहा कि गजनवी और औरंगजेब जैसे लुटेरे हमारे स्वाभिमान पर प्रहार करना चाहते थे। आजादी के समय मंदिर खंडित था, जिसे सरदार वल्लभ भाई पटेल के संकल्प और जनता के सहयोग से पुनः भव्य स्वरूप दिया गया।
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भूगोल और विज्ञान में पारंगत थे हमारे पूर्वज
मंत्री विज ने मंदिर की वैज्ञानिक महत्ता बताते हुए कहा कि वहां स्थित स्तंभ दक्षिण ध्रुव की ओर इशारा करता है, जो यह सिद्ध करता है कि हमारे पूर्वज भूगोल और खगोल विज्ञान में अंग्रेजों से कहीं पहले पारंगत थे। उन्होंने अपने व्यक्तिगत अनुभव साझा करते हुए कहा कि सोमनाथ मंदिर का वातावरण मन को असीम शांति और तृप्ति देने वाला है।
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सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने मोहा मन
इससे पहले अनिल विज ने हाथीखाना मंदिर में माथा टेककर आशीर्वाद लिया। इस दौरान कलश यात्रा निकाली गई और जनसंपर्क विभाग द्वारा सोमनाथ मंदिर पर आधारित प्रदर्शनी भी लगाई गई। मंत्री ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत करने वाले प्रत्येक स्कूल को अपने स्वैच्छिक कोष से 21-21 हजार रुपये देने की घोषणा की।