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मानसून में पहली झमाझम बारिश से खिले किसानों के चेहरे
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Rain in Ambala
- फोटो : AMBALA
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मानसून की पहली बारिश से खिले किसानों के चेहरे, धान की रोपाई का काम तेज
मानसून की पहली बारिश ने जिले में राहत बरसा दी है। वीरवार सुबह से ही फिजा पर बादल छाए रहे और इसके बाद झमाझम बारिश हुई जोकि दोपहर तक होती रही। अंबाला सिटी व कैंट की अपेक्षा नारायणगढ़ में ज्यादा बारिश हुई और इस कारण धान की रोपाई के लिए तैयार खेतों से पानी तक ओवर फ्लो होने लगा। यह देख किसानों के चेहरे एकदम खिल गए। बारिश के साथ ही शहरी क्षेत्र में बिजली निगम ने राहत की सांस ली। कॉलोनियों में बिजली की मांग कम हुई जिससे ओवर लोडिंग की समस्या से अब छुटकारा मिलेगा। जिले में 5.4 एमएम बारिश हुई जिससे जिले का तापमान बीते चौबीस घंटों में नौ डिग्री तक लुढ़क गया। वीरवार अधिकतम तापमान 30.8 डिग्री सेल्सियस रहा जबकि बुधवार को अधिकतम तापमान 39.3 डिग्री सेल्सियस था। मौसम विभाग का अनुमान है कि आगामी चार दिनों तक फिजा पर बादल छाए रहेंगे और इस दौरान झमाझम बारिश की संभावना है।
किसानों के चेहरे खिले
वीरवार को क्षेत्र में लगातार पांच घंटे हुई हल्की व भारी वर्षा से जहां लोगों को गर्मी से राहत मिली है वहीं किसानों के चेहरों पर भी रौनक नजर आने लगी है। पिछले कईं दिनों से वर्षा की इंतजार में बैठे किसान आए दिन परमात्मा से बारिश मांग रहे थे परंतु आज परमात्मा ने किसानों की सुन ही ली तथा लबे इंतजार के बाद खेतों में लबालब पानी भर गया। बारिश से रुकी हुई धान की रोपाई के काम ने भी तेजी पकड़ ली है। जो किसान पहले ही धान की रोपाई कर चुके हैं उनके लिए भी यह बारिश वरदान के रूप में साबित होगी। लगातार बारिश से खेतों में भी पानी भर चुका है। पूरा जून माह सूखा रहने के कारण क्षेत्र के खेतों में दरारें नजर आने लगी थी लेकिन पांच घंटे की आज हुई बारिश ने ही धान उत्पादकों की सभी मनोकामनाएं पूर्ण कर दी है। क्षेत्र के किसान सोमनाथ, इन्द्रजीत, लज्जाराम, भगत राम, कर्म चंद, मनजीत सिंह, जतिन सैनी, अमरीक सिंह, महिन्द्र सिंह, रमेश कुमार, विनोद कुमार, राजीव मेहता, नरेश कुमार आदि का कहना है कि आज की बारिश से पानी नहीं बल्कि खेतों मेें सोना ही बरसा है।
बराड़ा। वीरवार को बराड़ा क्षेत्र में भी झमाझम बारिश से किसान खिल उठे। बरसात होते ही किसानों ने खेतों की जुताई कर धान रोपाई के काम की तैयारी शुरू कर दी है। जून महीने में होने वाली बरसात के न होने से इस बार किसान काफी मायूस थे। सुबह से लेकर शाम तक किसान आसमान की ओर टकटकी लगाए देखते रहते थे। लेकिन जून के महीने में बरसात नहीं हुई। वीरवार को हुई बरसात से किसानों के चेहरे खिल गए।
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किसान रामनाथ, मोहनलाल, रणधीर सिंह, सुभाष, सुखबीर, संजीव व किरणपाल ने बताया कि जून महीने में 15 जून से धान की रोपाई का काम शुरू हो जाता है। लेकिन इस बार बरसात देरी से होने के कारण धान की रोपाई लेट हो गई है। उन्होंने कहा कि यदि बरसात समय समय पर होती रहे तो धान की पैदावार अच्छी हो सकती है। उन्होंने बताया कि कुछ किसानों ने धान की रोपाई कर दी है। लेकिन बरसात के बिना काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। धान की रोपाई में समस्या आती है। इसके साथ ही जिन किसानों ने धान की रोपाई कर दी थी उन्हें धान की फसल बचाने के लिए ट्यूबवेल से सिंचाई करनी पड़ती है। जिसके कारण लागत बढ़ जाती है। इससे किसानों को आर्थिक नुकसान ज्यादा होता है।
कॉलोनियों में हुआ जलभराव
एक ओर किसानों के लिए बारिश सुखद रही वहीं बराड़ा क्षेत्र में की कॉलोनियों पानी से भर गई। जनकपुरी कॉलोनी, गुरुदेव मोहल्ला, रेलवे कॉलोनी, हरगोबिंदपुरा, थाना पसिर, राजौली रोड सहित कई कॉलोनियों में पानी भर गया। राजौली मार्ग के दुकानदारों ने नगर पालिका के खिलाफ प्रदर्शन कर जमकर नारेबाजी की। किशन चंद, मेहर सिंह, प्रेम कुमार व दिनेश ने बताया कि राजौली रोड पर निर्माण कार्य चल रहा है जोकि पूरा नहीं हुआ है। लोगों ने बताया कि हर आर उम्मीद होती है कि इस बार बरसाती सीजन शुरू होने से पहले सड़क पर लगा निर्माण कार्य पूरा हो जाएगा। लेकिन यह कार्य इस बरसाती सीजन शुरू होने पर भी नहीं हुआ।
शहजादपुर। बारिश से शहजादपुर के नजदीक बहरामपुर गांव में सियान फार्मा कंपनी में पानी घुस गया जिससे कि वहां लाखों रुपये का नुकसान हो गया। पानी घुसने से लाखों रुपये की मशीनरी खराब हो गई। इस वजह से पूरा दिन प्लांट बंद रहा। कंपनी के निदेशक मंजीत सिंह ने बताया कि जैसे ही वह सुबह कंपनी पहुंचे तो देखा कि पूरी कंपनी में पानी भरा हुआ था।
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मानसून की पहली बारिश ने जिले में राहत बरसा दी है। वीरवार सुबह से ही फिजा पर बादल छाए रहे और इसके बाद झमाझम बारिश हुई जोकि दोपहर तक होती रही। अंबाला सिटी व कैंट की अपेक्षा नारायणगढ़ में ज्यादा बारिश हुई और इस कारण धान की रोपाई के लिए तैयार खेतों से पानी तक ओवर फ्लो होने लगा। यह देख किसानों के चेहरे एकदम खिल गए। बारिश के साथ ही शहरी क्षेत्र में बिजली निगम ने राहत की सांस ली। कॉलोनियों में बिजली की मांग कम हुई जिससे ओवर लोडिंग की समस्या से अब छुटकारा मिलेगा। जिले में 5.4 एमएम बारिश हुई जिससे जिले का तापमान बीते चौबीस घंटों में नौ डिग्री तक लुढ़क गया। वीरवार अधिकतम तापमान 30.8 डिग्री सेल्सियस रहा जबकि बुधवार को अधिकतम तापमान 39.3 डिग्री सेल्सियस था। मौसम विभाग का अनुमान है कि आगामी चार दिनों तक फिजा पर बादल छाए रहेंगे और इस दौरान झमाझम बारिश की संभावना है।
किसानों के चेहरे खिले
वीरवार को क्षेत्र में लगातार पांच घंटे हुई हल्की व भारी वर्षा से जहां लोगों को गर्मी से राहत मिली है वहीं किसानों के चेहरों पर भी रौनक नजर आने लगी है। पिछले कईं दिनों से वर्षा की इंतजार में बैठे किसान आए दिन परमात्मा से बारिश मांग रहे थे परंतु आज परमात्मा ने किसानों की सुन ही ली तथा लबे इंतजार के बाद खेतों में लबालब पानी भर गया। बारिश से रुकी हुई धान की रोपाई के काम ने भी तेजी पकड़ ली है। जो किसान पहले ही धान की रोपाई कर चुके हैं उनके लिए भी यह बारिश वरदान के रूप में साबित होगी। लगातार बारिश से खेतों में भी पानी भर चुका है। पूरा जून माह सूखा रहने के कारण क्षेत्र के खेतों में दरारें नजर आने लगी थी लेकिन पांच घंटे की आज हुई बारिश ने ही धान उत्पादकों की सभी मनोकामनाएं पूर्ण कर दी है। क्षेत्र के किसान सोमनाथ, इन्द्रजीत, लज्जाराम, भगत राम, कर्म चंद, मनजीत सिंह, जतिन सैनी, अमरीक सिंह, महिन्द्र सिंह, रमेश कुमार, विनोद कुमार, राजीव मेहता, नरेश कुमार आदि का कहना है कि आज की बारिश से पानी नहीं बल्कि खेतों मेें सोना ही बरसा है।
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बराड़ा। वीरवार को बराड़ा क्षेत्र में भी झमाझम बारिश से किसान खिल उठे। बरसात होते ही किसानों ने खेतों की जुताई कर धान रोपाई के काम की तैयारी शुरू कर दी है। जून महीने में होने वाली बरसात के न होने से इस बार किसान काफी मायूस थे। सुबह से लेकर शाम तक किसान आसमान की ओर टकटकी लगाए देखते रहते थे। लेकिन जून के महीने में बरसात नहीं हुई। वीरवार को हुई बरसात से किसानों के चेहरे खिल गए।
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किसान रामनाथ, मोहनलाल, रणधीर सिंह, सुभाष, सुखबीर, संजीव व किरणपाल ने बताया कि जून महीने में 15 जून से धान की रोपाई का काम शुरू हो जाता है। लेकिन इस बार बरसात देरी से होने के कारण धान की रोपाई लेट हो गई है। उन्होंने कहा कि यदि बरसात समय समय पर होती रहे तो धान की पैदावार अच्छी हो सकती है। उन्होंने बताया कि कुछ किसानों ने धान की रोपाई कर दी है। लेकिन बरसात के बिना काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। धान की रोपाई में समस्या आती है। इसके साथ ही जिन किसानों ने धान की रोपाई कर दी थी उन्हें धान की फसल बचाने के लिए ट्यूबवेल से सिंचाई करनी पड़ती है। जिसके कारण लागत बढ़ जाती है। इससे किसानों को आर्थिक नुकसान ज्यादा होता है।
कॉलोनियों में हुआ जलभराव
एक ओर किसानों के लिए बारिश सुखद रही वहीं बराड़ा क्षेत्र में की कॉलोनियों पानी से भर गई। जनकपुरी कॉलोनी, गुरुदेव मोहल्ला, रेलवे कॉलोनी, हरगोबिंदपुरा, थाना पसिर, राजौली रोड सहित कई कॉलोनियों में पानी भर गया। राजौली मार्ग के दुकानदारों ने नगर पालिका के खिलाफ प्रदर्शन कर जमकर नारेबाजी की। किशन चंद, मेहर सिंह, प्रेम कुमार व दिनेश ने बताया कि राजौली रोड पर निर्माण कार्य चल रहा है जोकि पूरा नहीं हुआ है। लोगों ने बताया कि हर आर उम्मीद होती है कि इस बार बरसाती सीजन शुरू होने से पहले सड़क पर लगा निर्माण कार्य पूरा हो जाएगा। लेकिन यह कार्य इस बरसाती सीजन शुरू होने पर भी नहीं हुआ।
शहजादपुर। बारिश से शहजादपुर के नजदीक बहरामपुर गांव में सियान फार्मा कंपनी में पानी घुस गया जिससे कि वहां लाखों रुपये का नुकसान हो गया। पानी घुसने से लाखों रुपये की मशीनरी खराब हो गई। इस वजह से पूरा दिन प्लांट बंद रहा। कंपनी के निदेशक मंजीत सिंह ने बताया कि जैसे ही वह सुबह कंपनी पहुंचे तो देखा कि पूरी कंपनी में पानी भरा हुआ था।

Rain in Ambala- फोटो : AMBALA