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पब्लिक हेल्थ मैनेजर भर्ती पर विवाद, कैथल में पांचवीं बार इंटरव्यू रद
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अंबाला/कैथल। कैथल में पब्लिक हेल्थ मैनेजर के पद के लिए इंटरव्यू के दौरान बुधवार को फिर विवाद हो गया। इसी वजह से इंटरव्यू को लगातार पांचवीं बार स्थगित कर दिया गया। अब सीएमओ ऑफिस की ओर से मामले में कानूनी राय लेने की बात कही है। इसके बाद ही नियुक्ति पर कोई निर्णय लिया जाएगा। उधर पद के लिए दौड़ में सबसे आगे चल रहे डॉ. विनय गुप्ता ने राज्य सरकार के समक्ष बिना वेतन के इस पद पर काम करने का प्रस्ताव रखकर अधिकारियों को मुश्किल में डाल दिया है।
क्या है मामला
दरअसल कोरोना वायरस को लेकर राज्य सरकार की ओर से सभी जिलों में पब्लिक हेल्थ मैनेजर्स की भर्ती चल रही है। अस्थाई तौर ये हेल्थ मैनेजर्स की नियुक्ति हो रही है। इसके लिए सरकार की ओर से शैक्षिक योग्यता के साथ अनुभव की शर्त भी रखी। योग्य उम्मीदवार को सरकार ने हर महीने 80 हजार रूपये वेतन देने की भी बात कही है। कई जिलों में हेल्थ मैनेजर्स को भर्ती हो चुकी है। मगर एक शर्त को लेकर कैथल में पेंच फंसा हुआ। यहां सीएमओ ऑफिस की ओर से योग्यता में एक शर्त जोड़ी गई है जिसमें यह कहा गया कि उम्मीदवार के खिलाफ कोई क्रिमिनल केस लंबित नहीं होना चाहिए। हालांकि दूसरे जिलों में इस पद के लिए मांगें गए आवेदन में ऐसी कोई शर्त का जिक्र नहीं किया गया है। कैथल में इस शर्त पर एनएचएम के जरिए स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत रहे डॉ.विनय गुप्ता ने कड़ा ऐतराज जताते हुए स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज को शिकायत दी थी। बुधवार को इंटरव्यू के दौरान स्वास्थ्य अधिकारियों ने डॉ. विनय गुप्ता का आवेदन खारिज करने की बात कही। इस पर पूरे कमेटी के समक्ष डॉ. गुप्ता ने फिर ऐतराज जताया और सिटी मजिस्ट्रेट के समक्ष पूरा मामला रखा। काफी हद तक सिटी मजिस्ट्रेट उनके पक्ष से सहमत नजर आए। मगर स्वास्थ्य विभाग ने कानूनी राय लेने की बात कहकर इंटरव्यू को फिर स्थगित कर दिया।
बिना वेतन महामारी में काम करने के लिए तैयार
इंटरव्यू स्थगित होने के बाद डॉ. विनय गुप्ता ने एक बार राज्य सरकार के सामने नया प्रस्ताव रखकर स्थानीय स्वास्थ्य अधिकारियों के सामने नई मुश्किल खड़ी कर दी। असल में डॉ. गुप्ता ने अब स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज के अलावा मुख्य सचिव समेत कई अधिकारियों को ईमेल के जरिए पब्लिक हेल्थ मैनेजर के पद पर निशुल्क सेवाएं देने का प्रस्ताव रख दिया है।
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क्या है मामला
दरअसल कोरोना वायरस को लेकर राज्य सरकार की ओर से सभी जिलों में पब्लिक हेल्थ मैनेजर्स की भर्ती चल रही है। अस्थाई तौर ये हेल्थ मैनेजर्स की नियुक्ति हो रही है। इसके लिए सरकार की ओर से शैक्षिक योग्यता के साथ अनुभव की शर्त भी रखी। योग्य उम्मीदवार को सरकार ने हर महीने 80 हजार रूपये वेतन देने की भी बात कही है। कई जिलों में हेल्थ मैनेजर्स को भर्ती हो चुकी है। मगर एक शर्त को लेकर कैथल में पेंच फंसा हुआ। यहां सीएमओ ऑफिस की ओर से योग्यता में एक शर्त जोड़ी गई है जिसमें यह कहा गया कि उम्मीदवार के खिलाफ कोई क्रिमिनल केस लंबित नहीं होना चाहिए। हालांकि दूसरे जिलों में इस पद के लिए मांगें गए आवेदन में ऐसी कोई शर्त का जिक्र नहीं किया गया है। कैथल में इस शर्त पर एनएचएम के जरिए स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत रहे डॉ.विनय गुप्ता ने कड़ा ऐतराज जताते हुए स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज को शिकायत दी थी। बुधवार को इंटरव्यू के दौरान स्वास्थ्य अधिकारियों ने डॉ. विनय गुप्ता का आवेदन खारिज करने की बात कही। इस पर पूरे कमेटी के समक्ष डॉ. गुप्ता ने फिर ऐतराज जताया और सिटी मजिस्ट्रेट के समक्ष पूरा मामला रखा। काफी हद तक सिटी मजिस्ट्रेट उनके पक्ष से सहमत नजर आए। मगर स्वास्थ्य विभाग ने कानूनी राय लेने की बात कहकर इंटरव्यू को फिर स्थगित कर दिया।
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बिना वेतन महामारी में काम करने के लिए तैयार
इंटरव्यू स्थगित होने के बाद डॉ. विनय गुप्ता ने एक बार राज्य सरकार के सामने नया प्रस्ताव रखकर स्थानीय स्वास्थ्य अधिकारियों के सामने नई मुश्किल खड़ी कर दी। असल में डॉ. गुप्ता ने अब स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज के अलावा मुख्य सचिव समेत कई अधिकारियों को ईमेल के जरिए पब्लिक हेल्थ मैनेजर के पद पर निशुल्क सेवाएं देने का प्रस्ताव रख दिया है।
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