Ambala: शहर के विकास में राजनीति हावी, मेयर स्वस्थ- भाजपा असमर्थ
अंबाला शहर के विकास में राजनीति हावी नजर आ रही है। इस बात का अंदाजा इसीबात से लगाया जा सकता है कि 31 मार्च को होने वाली बजट की बैठक यह कहकर आगे बढ़ा दी कि मेयर की तबीयत नासाज है। जबकि हकीकत में मेयर अपने घर पर स्वस्थ हैं और कार्य कर रही हैं।
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अंबाला नगर निगम में बजट की बैठक को लेकर एक नया विवाद समाने आया है। इस बैठक को लेकर शहर के विकास में राजनीति हावी नजर आ रही है। इस बात का अंदाजा इसीबात से लगाया जा सकता है कि 31 मार्च को होने वाली बजट की बैठक यह कहकर आगे बढ़ा दी कि मेयर की तबीयत नासाज है। जबकि हकीकत में मेयर अपने घर पर स्वस्थ हैं और कार्य कर रही हैं। इस पूरी प्रक्रिया में नगर निगम की अफसरशाही भाजपा को साधती दिखाई देती है।
कमिश्नर बोलेः भाजपा पार्षदों के पत्र और मेयर की तबीयत ठीक न होने पर बढ़ाई तारीख
ऐसा इसलिए क्योंकि भाजपा की जिला स्तरीय बैठक होने के कारण भाजपा के पार्षदों ने पत्र के माध्यम से बैठक में आने की असमर्थता जता चुके थे। जिस कारण बजट की बैठक को आगे बढ़ाया है। जबकि यह बैठक वर्ष में एक बार होती है और इसी में पूरे साल के विकास कार्यों का खाका तैयार होता है। हालांकि इसके समय को तीन दिन बढ़ाया गया है।
नगर निगम ने बजट की बैठक को लेकर पहले ही कर दिया था सूचित
बजट की बैठक की पूर्व में ही तैयारी हो जाती है। ऐसे में बजट की तारीख तय करते ही और अन्य तैयारियां पूरी करने के बाद नगर निगम ने बैठक में बुलाए जाने वाले पार्षद, मेयर और अधिकारियों को इस बाबत सूचित कर दिया था। जब निगम ने पहले ही सूचित कर दिया था तो पार्षदों को अपनी पार्टी की बैठक को लेकर कोई न कोई निर्णय ले लेना चाहिए था। मगर ऐसा न करते हुए पार्षदों ने निगम को पत्र लिखते हुए बैठक को ही आगे बढ़ाने के लिए कह दिया।
निगम कमिश्नर के दावे पर भी उठे सवाल
मंगलवार को नगर निगम कमिश्नर ने ब्यान जारी करते हुए बताया कि इस बैठक के लिए पार्षदों ने असमर्थता जताई है। वहीं नगर निगम मेयर शक्ति रानी शर्मा की तबीयत नासाज है। जबकि इस संबंध में मेयर कार्यालय से बात हुई तो पता चला कि मेयर चाहती है कि यह बैठक प्राथमिकता के आधार पर हो।
निगम ने बिना पूछे ही तय कर दी बैठक
भाजपा से पार्षद मनीष आनंद ने कहा कि बजट की बैठक से पूर्व ही संगठन की बैठक तय थी। निगम ने तारीख तय करने से पहले पूछा ही नहीं। अगर पहले ही पूछ लेते तो यह स्थिति पैदा ही नहीं होती। वहीं बजट सबसे महत्वपूर्ण है, इसीलिए बैठक जल्द से जल्द हो इसका भी आग्रह पार्षदों की ओर से किया गया। यही कारण है कि बैठक पूरे महीने पार न होकर 3 अप्रैल को ही तय कर दी है। जिससे सभी पार्षद सहमत है। हम होने वाली बैठक को लेकर पूरी तरह से तैयार हैं। जनता के हित में जो भी संभव होगा हम वह सभी कार्य कर रहे हैं और करते रहेंगे।