अंबाला: डिजिटल अरेस्ट कर की ₹2.78 करोड़ की ठगी, पुलिस ने 3 आरोपी किए गिरफ्तार
पुलिस ने 3 साइबर ठगों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने बुजुर्ग दंपति को डिजिटल अरेस्ट कर 2.78 करोड़ रुपये की ठगी की। डिटेल में पढ़ें खबर...
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नेपाल बॉर्डर पर पकड़े गए आरोपी
डीएसपी रजत गुलिया ने बताया कि आरोपी नेपाल बॉर्डर पार करने की फिराक में थे, लेकिन पुलिस ने समय रहते उन्हें घेरकर दबोच लिया। पूछताछ में खुलासा हुआ कि तीनों आरोपी पेमेंट बैंक के कर्मचारी हैं और 21 बैंक आईडी का इस्तेमाल कर ठगी के पैसे को अलग-अलग खातों में ट्रांसफर करते थे। पुलिस ने आरोपियों से 24 लाख रुपये की नकदी बरामद की है, जबकि 15 लाख रुपये अलग-अलग खातों में फ्रीज कर दिए गए हैं। पुलिस ने तीनों आरोपियों को कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। डीएसपी ने बताया कि मामले की जांच जारी है और अन्य संलिप्त लोगों की तलाश की जा रही है।
कैसे दिया ठगी को अंजाम?
साइबर ठगों ने अंबाला कैंट के पालम विहार निवासी बुजुर्ग रामलुयाया सेतिया और उनकी पत्नी को निशाना बनाया। ठगों ने खुद को मुंबई के अंधेरी थाना का इंस्पेक्टर बताकर दंपति को डराया और उनके नाम को 497 करोड़ रुपये के हवाला मनी मामले से जोड़ा। इसके बाद एक सप्ताह तक दंपति को उनके घर में ही डिजिटल अरेस्ट में रखा गया। इस मामले में साइबर क्राइम पुलिस ने पहले चार अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया था। अब तीन और आरोपियों की गिरफ्तारी के साथ पुलिस ने इस साइबर ठगी के नेटवर्क को और गहराई से खंगालना शुरू कर दिया है।
साइबर क्राइम के खिलाफ पुलिस की सख्ती
डीएसपी रजत गुलिया ने कहा कि साइबर अपराधियों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई लगातार जारी है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे अनजान कॉल्स या मैसेज पर भरोसा न करें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत साइबर क्राइम हेल्पलाइन पर दें।