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रेलवे अस्पताल में स्थापित होगा ऑक्सीजन प्लांट
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संवाद न्यूज एजेंसी
अंबाला। रेलवे कोविड संक्रमण की संभावित तीसरी लहर से बचाव की कवायद में जुट गया है। इसी कड़ी के तहत 21 जुलाई से पहले मंडल के रेलवे अस्पताल में ऑक्सीजन प्लांट लगाने की प्रक्रिया पूरी हो जाएगी। उत्तर रेलवे महाप्रबंधक कार्यालय की तरफ से ट्वीट कर इसकी जानकारी दी गई है।
कोरोना संक्रमित मरीज के फेफड़े खराब होने के कारण सबसे ज्यादा ऑक्सीजन की जरूरत पड़ती है। उत्तर रेलवे ने भी इस दिशा में पहल करते हुए अपने अधीन आने वाले रेल मंडलों में ऑक्सीजन प्लांट लगाने की तैयारी आरंभ कर दी है। इसमें दिल्ली, अंबाला, मुरादाबाद, लखनऊ व फिरोजपुर मंडल शामिल हैं। उत्तर रेलवे महाप्रबंधक कार्यालय ने ट्वीट कर इस संबंध में जानकारी दी है कि पीएसए टाइप ऑक्सीजन जनरेशन प्लांट को लेकर ऑर्डर भी दे दिया है। यह सभी प्लांट 21 जुलाई से पहले पांचों मंडल के प्रमुख रेलवे अस्पतालों में स्थापित हो जाएंगे।
40 लाख की लागत से लगेगा प्लांट
लगभग 40 लाख रुपये की लागत से रेलवे अस्पताल में स्थापित होने वाले ऑक्सीजन प्लांट की क्षमता 250 लीटर प्रति मिनट होगी। प्लांट का सीधा कनेक्शन कोरोना वार्ड से होगा। प्लांट के लगने से के बाद मंडल का रेलवे अस्पताल ऑक्सीजन की उपलब्धता में आत्मनिर्भर हो जाएगा और इससे मरीजों की सेवा ओर बेहतर ढंग से हो पाएगी। मौजूदा व्यवस्था में अभी आक्सीजन सिलिंडरों का इस्तेमाल किया जा रहा है।
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14 हजार कर्मचारियों व परिजनों को राहत
मंडल में लगभग 14 हजार कर्मचारी कार्य कर रहे हैं। कर्मचारियोें परिजन भी रेलवे अस्पताल में उपचार करवा रहे हैं। प्लांट लगने के बाद किसी भी मरीज को ऑक्सीजन की कमी के कारण जान नहीं गंवानी पड़ेगी।
रेलवे अस्पताल में 21 जुलाई से पहले ऑक्सीजन संयंत्र स्थापित हो जाएगा। इसकी प्रक्रिया शुरू हो गई। संयंत्र के लगने से रेलवे अस्पताल ऑक्सीजन के मामले में आत्मनिर्भर होगा और रेलवे कर्मचारियों व परिजनों को भी काफी राहत मिलेगी। - गुरिंदर मोहन सिंह, मंडल रेल प्रबंधक अंबाला
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अंबाला। रेलवे कोविड संक्रमण की संभावित तीसरी लहर से बचाव की कवायद में जुट गया है। इसी कड़ी के तहत 21 जुलाई से पहले मंडल के रेलवे अस्पताल में ऑक्सीजन प्लांट लगाने की प्रक्रिया पूरी हो जाएगी। उत्तर रेलवे महाप्रबंधक कार्यालय की तरफ से ट्वीट कर इसकी जानकारी दी गई है।
कोरोना संक्रमित मरीज के फेफड़े खराब होने के कारण सबसे ज्यादा ऑक्सीजन की जरूरत पड़ती है। उत्तर रेलवे ने भी इस दिशा में पहल करते हुए अपने अधीन आने वाले रेल मंडलों में ऑक्सीजन प्लांट लगाने की तैयारी आरंभ कर दी है। इसमें दिल्ली, अंबाला, मुरादाबाद, लखनऊ व फिरोजपुर मंडल शामिल हैं। उत्तर रेलवे महाप्रबंधक कार्यालय ने ट्वीट कर इस संबंध में जानकारी दी है कि पीएसए टाइप ऑक्सीजन जनरेशन प्लांट को लेकर ऑर्डर भी दे दिया है। यह सभी प्लांट 21 जुलाई से पहले पांचों मंडल के प्रमुख रेलवे अस्पतालों में स्थापित हो जाएंगे।
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40 लाख की लागत से लगेगा प्लांट
लगभग 40 लाख रुपये की लागत से रेलवे अस्पताल में स्थापित होने वाले ऑक्सीजन प्लांट की क्षमता 250 लीटर प्रति मिनट होगी। प्लांट का सीधा कनेक्शन कोरोना वार्ड से होगा। प्लांट के लगने से के बाद मंडल का रेलवे अस्पताल ऑक्सीजन की उपलब्धता में आत्मनिर्भर हो जाएगा और इससे मरीजों की सेवा ओर बेहतर ढंग से हो पाएगी। मौजूदा व्यवस्था में अभी आक्सीजन सिलिंडरों का इस्तेमाल किया जा रहा है।
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14 हजार कर्मचारियों व परिजनों को राहत
मंडल में लगभग 14 हजार कर्मचारी कार्य कर रहे हैं। कर्मचारियोें परिजन भी रेलवे अस्पताल में उपचार करवा रहे हैं। प्लांट लगने के बाद किसी भी मरीज को ऑक्सीजन की कमी के कारण जान नहीं गंवानी पड़ेगी।
रेलवे अस्पताल में 21 जुलाई से पहले ऑक्सीजन संयंत्र स्थापित हो जाएगा। इसकी प्रक्रिया शुरू हो गई। संयंत्र के लगने से रेलवे अस्पताल ऑक्सीजन के मामले में आत्मनिर्भर होगा और रेलवे कर्मचारियों व परिजनों को भी काफी राहत मिलेगी। - गुरिंदर मोहन सिंह, मंडल रेल प्रबंधक अंबाला