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Ambala News: फार्मासिस्ट को चुनावी ड्यूटी का फरमान, सेवाएं होंगी प्रभावित
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अंबाला। विधानसभा चुनावों के नजदीक आते ही सरकारी कर्मचारियों की ड्यूटी लगने का सिलसिला शुरू हो गया है। ऐसा ही एक फरमान स्वास्थ्य विभाग को भी मिला है। इनमें में नागरिक अस्पतालों के क्लर्क शामिल है, वहीं अस्पतालों के फार्मासिस्ट को भी ड्यूटी देने का फरमान जारी हो गया है।
इसके बाद अस्पताल में मरीजों की सेवाएं प्रभावित होना लगभग तय है। पहले ही नागरिक अस्पतालों में फार्मासिस्ट की संख्या कम है। जो हैं उनके सिर पर अहम काउंटरों और स्टोर रूम का जिम्मा है। हालांकि स्वास्थ्य विभाग की तरफ से इस लिस्ट में फार्मासिस्ट का नाम आने पर हलचल शुरू हो गई है। विभागीय अधिकारियों की तरफ से भी इनका नाम हटवाने के लिए प्रयास शुरू कर दिए है। जबकि जल्द ही चुनावों को लेकर कर्मचारियों की फाइनल रिहर्सल के साथ ही ड्यूटी शुरू हो जाएगी।
अंबाला कैंट में पांच फार्मासिस्ट की ड्यूटी
दरअसल, अंबाला छावनी में कुल 10 कर्मचारियों की चुनाव में ड्यूटी लगी है। इनमें से तीन क्लर्क, एक डाटा ऑपरेटर व गैस प्लांट में काम करने वाला कर्मचारी। इसके अलावा पांच फार्मासिस्ट की ड्यूटी लगी है। इनमें से दो पहले ही अंबाला शहर नागरिक अस्पताल में काम कर रहे हैं। जबकि तीन में नरेश जो कैंसर ओपीडी संभालता है। इसके अलावा छावनी अस्पताल के स्टोर में तैनात महेश व रविंद्र कुमार की ड्यूटी लगी है। जबकि ओपीडी ब्लॉक की पहली मंजिल पर बने काउंटर की सीनियर फार्मासिस्ट पहले ही वीआरएस ले चुकी है। ऐसे में इसका जिम्मा एक नर्सिंग ऑफिसर सहित मेडिकल छात्रों व अन्य कर्मचारी के सिर है। जबकि एक फार्मासिस्ट की रिटायरमेंट नजदीक है और वो छुट्टियों पर चल रहा है। उधर, अस्पताल में क्लर्कों की ड्यूटी लगी है उनके सिर पर भी कोर्ट केस से लेकर आरटीआई के जवाब से लेकर अस्पताल स्टाफ के दस्तावेजों को पूरा करने का जिम्मा होता है। बता दें कि अंबाला सिटी व छावनी में आने वाले मरीजों की संख्या करीब पांच हजार के करीब रहती है। सिटी में 2500 तो छावनी में 2200 से 2500 तक रहती है।
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वर्जन
फार्मासिस्ट की ड्यूटी हटाने को लेकर सीएमओ अंबाला की तरफ से प्रयास किए जा रहे हैं, जिससे कि स्वास्थ्य सेवाएं न प्रभावित हो। कुछ क्लर्क की भी ड्यूटी लगी है।
लोकवीर सिंह, पीएमओ, छावनी नागरिक अस्पताल
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इसके बाद अस्पताल में मरीजों की सेवाएं प्रभावित होना लगभग तय है। पहले ही नागरिक अस्पतालों में फार्मासिस्ट की संख्या कम है। जो हैं उनके सिर पर अहम काउंटरों और स्टोर रूम का जिम्मा है। हालांकि स्वास्थ्य विभाग की तरफ से इस लिस्ट में फार्मासिस्ट का नाम आने पर हलचल शुरू हो गई है। विभागीय अधिकारियों की तरफ से भी इनका नाम हटवाने के लिए प्रयास शुरू कर दिए है। जबकि जल्द ही चुनावों को लेकर कर्मचारियों की फाइनल रिहर्सल के साथ ही ड्यूटी शुरू हो जाएगी।
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अंबाला कैंट में पांच फार्मासिस्ट की ड्यूटी
दरअसल, अंबाला छावनी में कुल 10 कर्मचारियों की चुनाव में ड्यूटी लगी है। इनमें से तीन क्लर्क, एक डाटा ऑपरेटर व गैस प्लांट में काम करने वाला कर्मचारी। इसके अलावा पांच फार्मासिस्ट की ड्यूटी लगी है। इनमें से दो पहले ही अंबाला शहर नागरिक अस्पताल में काम कर रहे हैं। जबकि तीन में नरेश जो कैंसर ओपीडी संभालता है। इसके अलावा छावनी अस्पताल के स्टोर में तैनात महेश व रविंद्र कुमार की ड्यूटी लगी है। जबकि ओपीडी ब्लॉक की पहली मंजिल पर बने काउंटर की सीनियर फार्मासिस्ट पहले ही वीआरएस ले चुकी है। ऐसे में इसका जिम्मा एक नर्सिंग ऑफिसर सहित मेडिकल छात्रों व अन्य कर्मचारी के सिर है। जबकि एक फार्मासिस्ट की रिटायरमेंट नजदीक है और वो छुट्टियों पर चल रहा है। उधर, अस्पताल में क्लर्कों की ड्यूटी लगी है उनके सिर पर भी कोर्ट केस से लेकर आरटीआई के जवाब से लेकर अस्पताल स्टाफ के दस्तावेजों को पूरा करने का जिम्मा होता है। बता दें कि अंबाला सिटी व छावनी में आने वाले मरीजों की संख्या करीब पांच हजार के करीब रहती है। सिटी में 2500 तो छावनी में 2200 से 2500 तक रहती है।
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फार्मासिस्ट की ड्यूटी हटाने को लेकर सीएमओ अंबाला की तरफ से प्रयास किए जा रहे हैं, जिससे कि स्वास्थ्य सेवाएं न प्रभावित हो। कुछ क्लर्क की भी ड्यूटी लगी है।
लोकवीर सिंह, पीएमओ, छावनी नागरिक अस्पताल