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Ambala News: प्राथमिक स्कूलों में एक शिक्षक, अधर में शिक्षा
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अंबाला सिटी। जिले में कई राजकीय प्राथमिक स्कूल शिक्षकों की कमी से जूझ रहे हैं। इस वजह से विद्यार्थियों की पढ़ाई पर भी असर पड़ रहा है। यह समस्या कई महीनों से बनी है। सबसे ज्यादा समस्या ग्रामीण क्षेत्र के स्कूल में ही है। इन स्कूलों में एक ही शिक्षक बच्चों को पढ़ा रहा है।
इन शिक्षक पर पढ़ाई करवाने के साथ ही स्कूल रिकॉर्ड संभालने से लेकर मिड डे मील का जिम्मा है। अगर कोई विभागीय बैठक होती है तो इन शिक्षकों को बच्चों को पढ़ाने के लिए दूसरे स्कूलों से शिक्षक को बुलाना पड़ता है। जिले में सभी खंड में सबसे ज्यादा अंबाला खंड वन में शिक्षकों की कमी है। यहां से ज्यादा शिक्षक अंतर जिला तबादले के बाद चले गए थे।
दरअसल, बीते महीनों 2017 में भर्ती हुए प्राथमिक शिक्षकों के तबादले के बाद राजकीय प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षकों के पद खाली हो गए थे। करीब 200 शिक्षकों का तबादला हो गया था। इन शिक्षकों के तबादले के बाद जिले में 71 राजकीय प्राथमिक स्कूलों में तो एक भी शिक्षक नहीं बचा था। यह स्कूल जीरो शिक्षक हो गए थे। इसके बाद विभाग ने दूसरे स्कूलों से शिक्षकों को यहां एडजस्ट किया था
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केस 1
रवालों में 30 विद्यार्थी, एक शिक्षक, भवन भी असुरक्षित
राजकीय प्राथमिक पाठशाला रवालों गांव में पहली से पांचवीं कक्षा तक 30 विद्यार्थी पढ़ाई कर रहे हैं। इन विद्यार्थियों को पढ़ाने के लिए एक ही शिक्षक तैनात है। उस शिक्षक के सहारे ही बच्चों को पढ़ाने से लेकर मिड डे मील, क्लर्क कार्य और विभागीय बैठक का भी जिम्मा है। स्कूल में जुलाई से पहले कोई शिक्षक नहीं था। जुलाई में यहां एक शिक्षक भेजा गया। अब भी एक ही शिक्षक के सहारे स्कूल चल रहा है। स्कूल का भवन भी फरवरी में असुरक्षित हो गया था। इन बच्चों को आंगनबाड़ी केंद्र में बिठाया जा रहा है। इससे विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है।
केस 2
बेगोमाजरा स्कूल में दो वर्ष से एक ही शिक्षक
राजकीय प्राथमिक पाठशाला बेगोमाजरा में बालवाटिका में दो, पहली में 4, दूसरी में शून्य, तीसरी में एक, चौथी में 2 और पांचवीं में 5 विद्यार्थी पढ़ रहे हैं। इन शिक्षकों को 2022 से ही एक शिक्षिका पढ़ाई करवा रही है। अगर शिक्षिका को कोई बैठक या छुट्टी पर जाना होता है तो दूसरे स्कूलों से अस्थाई तौर पर शिक्षक को बुलाना पड़ता है। शिक्षक कम होने से स्कूल में विद्यार्थियों की संख्या भी कम होती जा रही है।
2017 में अंतिम नियमित भर्ती हुई थी : प्रकाश चंद्र
राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ के जिला महासचिव प्रकाश चंद्र ने बताया कि बीते माह जिले से 2017 बैच के शिक्षकों का तबादला हो गया था। इससे कई स्कूलों में एक भी शिक्षक नहीं बचा था और कई स्कूलों में एक ही शिक्षक रह गया था। विभाग ने खाली हुए स्कूलों में एक-एक शिक्षक को एडजस्ट किया था। सरकार से मांग है कि हरियाणा कौशल रोजगार निगम की बजाए नियमित भर्ती की जाए ताकि राजकीय प्राथमिक स्कूलों में खाली पद भरे जा सकें। सरकार जेबीटी की भर्ती नहीं कर रही है। 2017 में अंतिम नियमित भर्ती हुई थी। जिले में कई स्वीकृत पद खाली पड़े हैं।
वर्जन
कुछ माह पहले अंतर जिला तबादले के बाद कई प्राथमिक स्कूलों में एक भी शिक्षक नहीं बचा था, वहां दूसरे स्कूलों से शिक्षक एडजस्ट किए गए थे ताकि बच्चों की पढ़ाई खराब न हो। अभी इन स्कूलों में एक ही शिक्षक पढ़ाई करवा रहा है। स्कूलों में और शिक्षक एडजस्ट करने को लेकर अभी निदेशालय से निर्देश नहीं मिले हैं। निदेशालय की निर्देशानुसार आगामी कार्यवाही की जाएगी।
सुधीर कालड़ा, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी, अंबाला।
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इन शिक्षक पर पढ़ाई करवाने के साथ ही स्कूल रिकॉर्ड संभालने से लेकर मिड डे मील का जिम्मा है। अगर कोई विभागीय बैठक होती है तो इन शिक्षकों को बच्चों को पढ़ाने के लिए दूसरे स्कूलों से शिक्षक को बुलाना पड़ता है। जिले में सभी खंड में सबसे ज्यादा अंबाला खंड वन में शिक्षकों की कमी है। यहां से ज्यादा शिक्षक अंतर जिला तबादले के बाद चले गए थे।
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दरअसल, बीते महीनों 2017 में भर्ती हुए प्राथमिक शिक्षकों के तबादले के बाद राजकीय प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षकों के पद खाली हो गए थे। करीब 200 शिक्षकों का तबादला हो गया था। इन शिक्षकों के तबादले के बाद जिले में 71 राजकीय प्राथमिक स्कूलों में तो एक भी शिक्षक नहीं बचा था। यह स्कूल जीरो शिक्षक हो गए थे। इसके बाद विभाग ने दूसरे स्कूलों से शिक्षकों को यहां एडजस्ट किया था
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केस 1
रवालों में 30 विद्यार्थी, एक शिक्षक, भवन भी असुरक्षित
राजकीय प्राथमिक पाठशाला रवालों गांव में पहली से पांचवीं कक्षा तक 30 विद्यार्थी पढ़ाई कर रहे हैं। इन विद्यार्थियों को पढ़ाने के लिए एक ही शिक्षक तैनात है। उस शिक्षक के सहारे ही बच्चों को पढ़ाने से लेकर मिड डे मील, क्लर्क कार्य और विभागीय बैठक का भी जिम्मा है। स्कूल में जुलाई से पहले कोई शिक्षक नहीं था। जुलाई में यहां एक शिक्षक भेजा गया। अब भी एक ही शिक्षक के सहारे स्कूल चल रहा है। स्कूल का भवन भी फरवरी में असुरक्षित हो गया था। इन बच्चों को आंगनबाड़ी केंद्र में बिठाया जा रहा है। इससे विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है।
केस 2
बेगोमाजरा स्कूल में दो वर्ष से एक ही शिक्षक
राजकीय प्राथमिक पाठशाला बेगोमाजरा में बालवाटिका में दो, पहली में 4, दूसरी में शून्य, तीसरी में एक, चौथी में 2 और पांचवीं में 5 विद्यार्थी पढ़ रहे हैं। इन शिक्षकों को 2022 से ही एक शिक्षिका पढ़ाई करवा रही है। अगर शिक्षिका को कोई बैठक या छुट्टी पर जाना होता है तो दूसरे स्कूलों से अस्थाई तौर पर शिक्षक को बुलाना पड़ता है। शिक्षक कम होने से स्कूल में विद्यार्थियों की संख्या भी कम होती जा रही है।
2017 में अंतिम नियमित भर्ती हुई थी : प्रकाश चंद्र
राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ के जिला महासचिव प्रकाश चंद्र ने बताया कि बीते माह जिले से 2017 बैच के शिक्षकों का तबादला हो गया था। इससे कई स्कूलों में एक भी शिक्षक नहीं बचा था और कई स्कूलों में एक ही शिक्षक रह गया था। विभाग ने खाली हुए स्कूलों में एक-एक शिक्षक को एडजस्ट किया था। सरकार से मांग है कि हरियाणा कौशल रोजगार निगम की बजाए नियमित भर्ती की जाए ताकि राजकीय प्राथमिक स्कूलों में खाली पद भरे जा सकें। सरकार जेबीटी की भर्ती नहीं कर रही है। 2017 में अंतिम नियमित भर्ती हुई थी। जिले में कई स्वीकृत पद खाली पड़े हैं।
वर्जन
कुछ माह पहले अंतर जिला तबादले के बाद कई प्राथमिक स्कूलों में एक भी शिक्षक नहीं बचा था, वहां दूसरे स्कूलों से शिक्षक एडजस्ट किए गए थे ताकि बच्चों की पढ़ाई खराब न हो। अभी इन स्कूलों में एक ही शिक्षक पढ़ाई करवा रहा है। स्कूलों में और शिक्षक एडजस्ट करने को लेकर अभी निदेशालय से निर्देश नहीं मिले हैं। निदेशालय की निर्देशानुसार आगामी कार्यवाही की जाएगी।
सुधीर कालड़ा, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी, अंबाला।