फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Ambala News ›   Night patrol after day long conflict

Ambala News: दिनभर टकराव के बाद रात को पहरेदारी

Thu, 15 Feb 2024 04:17 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अंबाला
संवाद न्यूज एजेंसी, अंबाला Updated Thu, 15 Feb 2024 04:17 AM IST
विज्ञापन
Night patrol after day long conflict
संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

अंबाला। शंभू बॉर्डर पर भले ही दिनभर किसानों व हरियाणा पुलिस का टकराव देखने को मिलता हो लेकिन जैसे-जैसे दिन छिपता जाता है तो विरोध छोड़ दोनों तरफ से पहरेदारी शुरू हो जाती है। अलग-अलग किसानों की दो-दो घंटे ड्यूटी रहती है कि वो बॉर्डर पर अपने साथियों सहित नजर रखेगा कि पुलिस की तरफ से कोई गतिविधि न हो।
इसी तरह से बॉर्डर पर भी पुलिस के जवानों की संख्या दर्जनों में रहती है और वो भी पूरी तरह से मुस्तैद। कुछ ऐसा ही नजारा बुधवार देररात करीब 11 बजे देखने को मिला। करीब 6 बजकर 50 मिनट तक दोनों तरफ से टकराव की स्थिति थी लेकिन जैसे ही अंधेरा हुआ तो किसान वापस अपनी-अपनी ट्रैक्टर ट्रालियों में पहुंचने शुरू हो गए।
विज्ञापन

कोई मेडिकल कैंप से दवा लेता नजर आया तो कोई फोन पर अपने घर व रिश्तेदारों को आंदोलन से जुड़ी बातें बता रहा था कि कैसे आंसू गैस के गोले से वो बचा और उसके सामने कोई दौड़ते हुए गिरा तो रबर की गोली से चोटिल हुआ। सभी किसानों के संघर्ष की दास्तां बता रहे थे।
विज्ञापन
विज्ञापन

ट्रैक्टर-ट्रालियों में भी दिनभर की थकान को मिटाने व चैन की नींद लेने के लिए किसी ने पराली बिछा रखी है तो कोई गद्दे लाया है। कुछ ट्रालियों में बाकायदा किसानों ने स्प्रिंग लगा रखे हैं। वहीं, युवा किसान देररात तक इधर-उधर घूमते हुए स्थिति का जायजा लेते हुए नजर आए।

फ्लाईओवर को ही गद्दा बना चादर बिछाकर सो रहे किसान
जैसे-जैसे आंदोलन बढ़ता जा रहा है, वैसे-वैसे किसान भी ट्रैक्टर-ट्रालियों में अपनी जरूरतों को पूरा कर रहे हैं। इतना ही नहीं जगह की कमी पड़ने के लिए दर्जनभर किसानों ने फ्लाईओवर को भी अपना बिस्तर बना लिया है। दोपहर हो या फिर रात, वो चादर के नीचे पराली बिछाकर डिवाइडर के पास ट्रैक्टर-ट्रालियों की आड़ में रातें काट रहे हैं।

किसान जुटा रहे अस्पताल से उपचार की एमएलआर

किसान आंदोलन व उसके बाद भी सरकार को घेरने की तैयारी में है। इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा रहा है कि ज्यादा घायल किसान अस्पताल में उपचार करवाने के बाद उससे जुड़े दस्तावेज मेडिको लीगल रिपोर्ट यानी एमएलआर भी जुटा रहे हैं। ताकि बाद में जब भी आंदोलन में हरियाणा सरकार की ओर से दी जाने वाली यातनाओं की बात हो तो वो अपना पक्ष रख सके।
पुलिस कर्मचारियों पर मिर्ची पाउडर का किया छिड़काव


किसानों ने पुलिस से बचने के लिए एक और तरीका अपनाया। उन्होंने एक टंकी में मिर्ची पाउडर भरा और उस पर मोटर लगाकर पुलिस कर्मचारियों की तरफ फेंकना शुरू कर दिया। हालांकि काफी दूर होने के कारण यह पानी मुलाजिमों तक मार नहीं कर पाया।
शंभू बॉर्डर पर लगे मेडिकल कैंप
आंदोलन की शुरूआत में 13 फरवरी को बड़ी संख्या में किसान घायल हुए और उन्हें सीधा एंबुलेंसों के जरिए राजपुरा अस्पतालों में पहुंचाया गया लेकिन बुधवार को स्थिति काफी बेहतर थी। दो से तीन मेडिकल कैंप लगे हुए थे। इसमें मामूली चोट वाले किसानों को अस्पताल न भेजकर मौके पर ही उपचार किया गया और दवा दी गई। ऐसे में कई किसान ऐसे भी थी जो उपचार के बाद दोबारा बॉर्डर पर डट गए।

एएसआई सहित छह पुलिस कर्मी घायल

शंभू बार्डर पर चल रहे किसान आंदोलन के दूसरे दिन भी पुलिस और किसानों का टकराव जारी रहा। शाम पांच बजे तक किसी भी पुलिस कर्मी के घायल होने की सूचना नहीं मिली थी। रात नौ बजे तक एक एएसआई सहित छह पुलिस कर्मी घायल हो गए। जिन्हें उपचार के लिए शहर नागरिक अस्पताल में लाया गया है। घायल एएसआई नरेश कुमार ने बताया कि वे आंसू गैस का बम फेंक रहे थे इसी दौरान उनके हाथ में चोट लग गई। इसके साथ ही घायल कांस्टेबल रोहित कुमार व हरजिंद्र सिंह को गैस के कारण चेहरे पर मामूली घाव है। वहीं तीन अन्य पुलिस कर्मियों को मामूली चोटें आई हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed