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Ambala News: नवजात की टांग में फ्रैक्चर, 10 दिन बाद तोड़ा दम
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मृत बच्ची की फाइल फोटो
अंबाला। छावनी नागरिक अस्पताल में डिलिवरी के बाद बच्ची की फ्रैक्चर पाया गया। अस्पताल में दाखिल रहने पर करीब 10 दिन तक उपचार चला। 25 अप्रैल को बच्ची ने दम तोड़ दिया। जैसे ही परिजन को पता चला तो उन्हें अस्पताल में हंगामा कर दिया।
परिजन बच्ची को मौत को स्वीकार नहीं कर रहे थे। बोल रहे थे कि बच्ची ठीक थी आखिर कैसे मौत हो गई। सूचना पाकर पुलिस भी मौके पर पहुंची थी। डॉक्टरों के कहने पर बच्ची का फोरेंसिक एक्सपर्ट डॉक्टर से पोस्टमार्टम करवाया गया।
उधर, मृतक बच्ची के शालीमार बाग निवासी परिजनों ने पुलिस को किसी के खिलाफ कोई कार्रवाई करवाने की शिकायत नहीं दी। पति ने बताया कि पत्नी की प्रसव पीड़ा होने पर अस्पताल में दाखिल करवाया था। पहले एक बेटा है। बड़े ऑपरेशन से बच्ची हुई और उसकी टांग में फ्रेक्चर था। 10 दिन से वह अस्पताल में ही उपचाराधीन थी।
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करधान चौकी इंचार्ज एएसआई प्रदीप ने बताया कि परिजनों की तरफ से किसी के खिलाफ कोई शिकायत नहीं दी गई है। डॉक्टरों के कहने पर ही पोस्टमार्टम करवाया गया था। फ्रेक्चर होने के बाद से ही बच्ची बीमार चल रही थी। 24 अप्रैल की रात को चंडीगढ़ रेफर कर दिया था, लेकिन परिजन लेकर नहीं गए थे और बच्ची ने दम तोड़ दिया था।
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परिजन बच्ची को मौत को स्वीकार नहीं कर रहे थे। बोल रहे थे कि बच्ची ठीक थी आखिर कैसे मौत हो गई। सूचना पाकर पुलिस भी मौके पर पहुंची थी। डॉक्टरों के कहने पर बच्ची का फोरेंसिक एक्सपर्ट डॉक्टर से पोस्टमार्टम करवाया गया।
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उधर, मृतक बच्ची के शालीमार बाग निवासी परिजनों ने पुलिस को किसी के खिलाफ कोई कार्रवाई करवाने की शिकायत नहीं दी। पति ने बताया कि पत्नी की प्रसव पीड़ा होने पर अस्पताल में दाखिल करवाया था। पहले एक बेटा है। बड़े ऑपरेशन से बच्ची हुई और उसकी टांग में फ्रेक्चर था। 10 दिन से वह अस्पताल में ही उपचाराधीन थी।
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करधान चौकी इंचार्ज एएसआई प्रदीप ने बताया कि परिजनों की तरफ से किसी के खिलाफ कोई शिकायत नहीं दी गई है। डॉक्टरों के कहने पर ही पोस्टमार्टम करवाया गया था। फ्रेक्चर होने के बाद से ही बच्ची बीमार चल रही थी। 24 अप्रैल की रात को चंडीगढ़ रेफर कर दिया था, लेकिन परिजन लेकर नहीं गए थे और बच्ची ने दम तोड़ दिया था।