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प्लानिंग ढेर, अब नए सिरे से इंतजार
अंबाला
Updated Sat, 16 Nov 2013 12:29 AM IST
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निजी रूट परमिट देने के मामले में आवेदकों की सारी प्लानिंग धरी की धरी रह गई।
अब नये सिरे से इन आवेदकों को इंतजार करना पड़ेगा, क्याेंकि रोडवेज यूनियन के विरोध के चलते इन निजी रूट परमिट देने की योजना पर फिलहाल विराम लग गया है, लेकिन जिला के 198 नए रूट परमिट के लिए आवेदन करने वालों को अब और इंतजार करना होगा।
उल्लेखनीय है कि वर्ष 1993 में तत्कालीन सरकार ने निजी बस आपरेटरों को रूट परमिट देने की योजना शुरू की थी। इसके तहत जिला अंबाला (वर्तमान) के चालीस रूटों पर आवेदन किया गया था। उस समय इन रूटों पर 56 लोगों को रूट परमिट दिए गए।
इसके बाद बिड मनी स्कीम आई, लेकिन प्राइवेट बस संचालकों ने इससे किनारा ही करके रखा। इसके बाद प्रदेश सरकार ने नई परिवहन पालिसी निकाली, जिसका रोडवेज यूनियनों ने कड़ा विरोध किया, जिसके बाद इसे स्थगित किया गया। अब हाल ही में सरकार ने नई रोडवेज पालिसी को अंतिम रूप देते हुए प्रदेश में जहां 3519 निजी रूट परमिट देने की योजना बनाई, वहीं इनमें से 198 रूट परमिट अंबाला में दिए जाने थे।
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इसके लिए पहले दौर के आवेदन भी आमंत्रित कर लिए गए थे, जबकि आवेदक इंतजार में थे कि दूसरे, तीसरे और चौथे दौर के आवेदन कब मांगे जाएंगे।
उधर, रोडवेज यूनियनों द्वारा इन निजी रूट परमिटों की अलाटमेंट का विरोध शुरू हो गया, जसके चलते पहले दौर से आगे आवेदन ही नहीं बढ़ पाए।
सूत्र बताते हैं कि यदि परिवहन पालिसी के तहत निजी रूट परमिट देने का विरोध न होता, तो जिला से इन 198 रूटों के लिए करीब तीन से चार हजार आवेदन आने थे, जो तैयार बैठे थे। लेकिन विरोध के चलते आवेदकों को अब नये सिरे से इंतजार करना होगा।
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अब नये सिरे से इन आवेदकों को इंतजार करना पड़ेगा, क्याेंकि रोडवेज यूनियन के विरोध के चलते इन निजी रूट परमिट देने की योजना पर फिलहाल विराम लग गया है, लेकिन जिला के 198 नए रूट परमिट के लिए आवेदन करने वालों को अब और इंतजार करना होगा।
उल्लेखनीय है कि वर्ष 1993 में तत्कालीन सरकार ने निजी बस आपरेटरों को रूट परमिट देने की योजना शुरू की थी। इसके तहत जिला अंबाला (वर्तमान) के चालीस रूटों पर आवेदन किया गया था। उस समय इन रूटों पर 56 लोगों को रूट परमिट दिए गए।
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इसके बाद बिड मनी स्कीम आई, लेकिन प्राइवेट बस संचालकों ने इससे किनारा ही करके रखा। इसके बाद प्रदेश सरकार ने नई परिवहन पालिसी निकाली, जिसका रोडवेज यूनियनों ने कड़ा विरोध किया, जिसके बाद इसे स्थगित किया गया। अब हाल ही में सरकार ने नई रोडवेज पालिसी को अंतिम रूप देते हुए प्रदेश में जहां 3519 निजी रूट परमिट देने की योजना बनाई, वहीं इनमें से 198 रूट परमिट अंबाला में दिए जाने थे।
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इसके लिए पहले दौर के आवेदन भी आमंत्रित कर लिए गए थे, जबकि आवेदक इंतजार में थे कि दूसरे, तीसरे और चौथे दौर के आवेदन कब मांगे जाएंगे।
उधर, रोडवेज यूनियनों द्वारा इन निजी रूट परमिटों की अलाटमेंट का विरोध शुरू हो गया, जसके चलते पहले दौर से आगे आवेदन ही नहीं बढ़ पाए।
सूत्र बताते हैं कि यदि परिवहन पालिसी के तहत निजी रूट परमिट देने का विरोध न होता, तो जिला से इन 198 रूटों के लिए करीब तीन से चार हजार आवेदन आने थे, जो तैयार बैठे थे। लेकिन विरोध के चलते आवेदकों को अब नये सिरे से इंतजार करना होगा।