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Ambala News: सरसों की पहले दिन नहीं हो सकी खरीद, सत्यापन का फंसा पेंच
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शहजादपुर अनाज मंडी में पड़ा सन्नाटा। संवाद
खरीद एजेंसियां भी नहीं आई नजर, दिनभर भटके किसान
संवाद न्यूज एजेंसी
शहजादपुर। अनाज मंडी में शुक्रवार से सरसों की सरकारी खरीद शुरू होनी थी लेकिन पहले ही दिन अव्यवस्थाओं का बोलबाला रहा। मेरी फसल-मेरा ब्योरा पोर्टल पर फसल का सत्यापन न होने के कारण मंडी में सरसों का एक दाना भी नहीं खरीदा जा सका। आलम यह रहा कि खरीद एजेंसियां भी नदारद रहीं, जिससे दिनभर किसान परेशान होते रहे।
सचिव एवं कार्यकारी अधिकारी अफसर सिंह ने बताया कि रिकॉर्ड के अनुसार, क्षेत्र में 2435 एकड़ भूमि पर सरसों का पंजीकरण हुआ है। अब तक केवल 196 एकड़ क्षेत्र का ही सत्यापन हो पाया है। बिना पूर्ण सत्यापन के पोर्टल किसानों की पूरी फसल स्वीकार नहीं कर रहा है। तकनीकी खामियों के चलते खरीद प्रक्रिया पहले ही दिन ठप होकर रह गई।
पोर्टल पर 2 एकड़ ही सत्यापित
मंडी पहुंचे किसान भाग सिंह ने बताया कि उन्होंने 5.5 एकड़ में सरसों उगाई है लेकिन पोर्टल पर मात्र 2 एकड़ ही सत्यापित है। ऐसे में वे केवल 16 क्विंटल फसल ही बेच पाएंगे। वहीं, किसान राजिंदर सिंह का दर्द छलका कि उनकी 5 एकड़ की फसल में से मात्र 8 क्विंटल का ही सत्यापन हुआ है। किसानों का कहना है कि गेहूं का सीजन सिर पर है, ऐसे में बार-बार मंडी के चक्कर काटना उनके लिए संभव नहीं है। सत्यापन कार्य में हो रही देरी से किसानों में भारी रोष है। उन्होंने शासन-प्रशासन से मांग की है कि लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही शत-प्रतिशत सत्यापन पूरा कर खरीद सुचारू नहीं की गई, तो उनकी मुश्किलें और बढ़ जाएंगी।
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संवाद न्यूज एजेंसी
शहजादपुर। अनाज मंडी में शुक्रवार से सरसों की सरकारी खरीद शुरू होनी थी लेकिन पहले ही दिन अव्यवस्थाओं का बोलबाला रहा। मेरी फसल-मेरा ब्योरा पोर्टल पर फसल का सत्यापन न होने के कारण मंडी में सरसों का एक दाना भी नहीं खरीदा जा सका। आलम यह रहा कि खरीद एजेंसियां भी नदारद रहीं, जिससे दिनभर किसान परेशान होते रहे।
सचिव एवं कार्यकारी अधिकारी अफसर सिंह ने बताया कि रिकॉर्ड के अनुसार, क्षेत्र में 2435 एकड़ भूमि पर सरसों का पंजीकरण हुआ है। अब तक केवल 196 एकड़ क्षेत्र का ही सत्यापन हो पाया है। बिना पूर्ण सत्यापन के पोर्टल किसानों की पूरी फसल स्वीकार नहीं कर रहा है। तकनीकी खामियों के चलते खरीद प्रक्रिया पहले ही दिन ठप होकर रह गई।
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पोर्टल पर 2 एकड़ ही सत्यापित
मंडी पहुंचे किसान भाग सिंह ने बताया कि उन्होंने 5.5 एकड़ में सरसों उगाई है लेकिन पोर्टल पर मात्र 2 एकड़ ही सत्यापित है। ऐसे में वे केवल 16 क्विंटल फसल ही बेच पाएंगे। वहीं, किसान राजिंदर सिंह का दर्द छलका कि उनकी 5 एकड़ की फसल में से मात्र 8 क्विंटल का ही सत्यापन हुआ है। किसानों का कहना है कि गेहूं का सीजन सिर पर है, ऐसे में बार-बार मंडी के चक्कर काटना उनके लिए संभव नहीं है। सत्यापन कार्य में हो रही देरी से किसानों में भारी रोष है। उन्होंने शासन-प्रशासन से मांग की है कि लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही शत-प्रतिशत सत्यापन पूरा कर खरीद सुचारू नहीं की गई, तो उनकी मुश्किलें और बढ़ जाएंगी।
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