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Ambala News: मिसमैच डाटा अधिकारियों के पोर्टल पर लंबित, फसल नहीं हो रही सत्यापित
Sat, 04 Oct 2025 01:43 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अंबाला
संवाद न्यूज एजेंसी, अंबाला
Updated Sat, 04 Oct 2025 01:43 AM IST
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सतनाम सिंह
अंबाला सिटी। प्रदेश के 22 जिलों में किसानों की फसल अधिकारियों के पोर्टल से सत्यापित नहीं हो रही। इस वजह से कई किसानों के मंडी में गेट पास कटने में दिक्कत आ रही है। अधिकारियों के पोर्टल पर मिसमैच डाटा तो पड़ा है, लेकिन अधिकारियों की ओर इस डाटा को समय पर सत्यापित नहीं किया जा रहा।
कई अधिकारियों के पोर्टल पर कम तो कई अधिकारियों के पोर्टल पर ज्यादा डाटा दर्शाया जा रहा है। पोर्टल से सत्यापित होने के बाद ही किसान अपनी फसल का गेट पास कटवा सकेंगे। प्रदेश की बात करें तो शुक्रवार शाम 4 बजे तक 30 लाख 25 हजार 831.6 एकड़ में से 26 लाख 5 हजार 485.4 एकड़ सत्यापन के लिए लंबित था।
इस कारण से हुआ फसल का आंकड़ा मिसमैच : फसल को लेकर तीन तरह से सर्वे किया जाता है। इसमें पटवारी की ओर से गिरदावरी की जाती है, इसके साथ ही कृषि विभाग फसल पंजीकरण का कार्य करता है और हरसेक से सेटलाइट के माध्यम से फसल का सर्वे किया जाता है। अगर इन तीनों में से किसी भी एक विभाग की ओर से फसल सर्वे का आंकड़ा अलग दे दिया जाता है तो फसल का आंकड़ा मिसमैच हो जाता है। जैसे पटवारी व कृषि विभाग की ओर से किसान की फसल धान की दिखाई गई हो और हरसेक की ओर से उसी खेत में गन्ने की फसल दिखाई जाती है तो यह आंकड़ा मिसमैच में चला जाता है। वहीं, अब मिसमैच आंकड़ा को अलग-अलग अधिकारियों की ओर से सत्यापित किया जा रहा इसमें फसल आंकड़ा सत्यापित होने के बाद मुख्यालय के पोर्टल पर जाएगा। वहां से फसल सत्यापित होने के बाद ई-खरीद पोर्टल पर दिखेगी और यहां से सत्यापित होने के बाद किसान का गेट पास कट सकेगा।
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अंबाला सिटी। प्रदेश के 22 जिलों में किसानों की फसल अधिकारियों के पोर्टल से सत्यापित नहीं हो रही। इस वजह से कई किसानों के मंडी में गेट पास कटने में दिक्कत आ रही है। अधिकारियों के पोर्टल पर मिसमैच डाटा तो पड़ा है, लेकिन अधिकारियों की ओर इस डाटा को समय पर सत्यापित नहीं किया जा रहा।
कई अधिकारियों के पोर्टल पर कम तो कई अधिकारियों के पोर्टल पर ज्यादा डाटा दर्शाया जा रहा है। पोर्टल से सत्यापित होने के बाद ही किसान अपनी फसल का गेट पास कटवा सकेंगे। प्रदेश की बात करें तो शुक्रवार शाम 4 बजे तक 30 लाख 25 हजार 831.6 एकड़ में से 26 लाख 5 हजार 485.4 एकड़ सत्यापन के लिए लंबित था।
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इस कारण से हुआ फसल का आंकड़ा मिसमैच : फसल को लेकर तीन तरह से सर्वे किया जाता है। इसमें पटवारी की ओर से गिरदावरी की जाती है, इसके साथ ही कृषि विभाग फसल पंजीकरण का कार्य करता है और हरसेक से सेटलाइट के माध्यम से फसल का सर्वे किया जाता है। अगर इन तीनों में से किसी भी एक विभाग की ओर से फसल सर्वे का आंकड़ा अलग दे दिया जाता है तो फसल का आंकड़ा मिसमैच हो जाता है। जैसे पटवारी व कृषि विभाग की ओर से किसान की फसल धान की दिखाई गई हो और हरसेक की ओर से उसी खेत में गन्ने की फसल दिखाई जाती है तो यह आंकड़ा मिसमैच में चला जाता है। वहीं, अब मिसमैच आंकड़ा को अलग-अलग अधिकारियों की ओर से सत्यापित किया जा रहा इसमें फसल आंकड़ा सत्यापित होने के बाद मुख्यालय के पोर्टल पर जाएगा। वहां से फसल सत्यापित होने के बाद ई-खरीद पोर्टल पर दिखेगी और यहां से सत्यापित होने के बाद किसान का गेट पास कट सकेगा।
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